8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'प्रगति' पहल लॉन्च की, 20,000 कृषि उद्यमी और 20 लाख किसान होंगे लाभान्वित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'प्रगति' पहल लॉन्च की, 20,000 कृषि उद्यमी और 20 लाख किसान होंगे लाभान्वित

सारांश

'प्रगति' सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं — यह छोटे और सीमांत किसानों को उद्यमी बनाने की कोशिश है। SBIF और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से बनी यह पहल 8 राज्यों में 20,000 नए कृषि उद्यमी तैयार करेगी और 20 लाख किसानों तक सीधी पहुँच बनाएगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'प्रगति' पहल का शुभारंभ किया।
लक्ष्य: 20,000 नए कृषि उद्यमी तैयार करना और 20 लाख किसानों को प्रत्यक्ष सहायता।
पहले से मौजूद 26,000 से अधिक कृषि उद्यमियों के नेटवर्क के अतिरिक्त नया पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा।
SBIF और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित; जलवायु-लचीली पुनर्योजी कृषि पर केंद्रित।
कार्यक्रम मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान में लागू होगा।
फोकस: प्रौद्योगिकी, मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य, बाज़ार पहुँच और खाद्य प्रसंस्करण।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'प्रगति' पहल का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसका लक्ष्य 20,000 नए कृषि उद्यमियों को सशक्त बनाना और 20 लाख किसानों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करना है। यह पहल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फाउंडेशन (SBIF) और गेट्स फाउंडेशन जैसे संस्थानों के सहयोग से तैयार की गई है और इसे देश के 8 प्रमुख कृषि-प्रधान राज्यों में लागू किया जाएगा।

पहल का उद्देश्य और दृष्टिकोण

शुभारंभ के अवसर पर चौहान ने कहा कि विकसित कृषि क्षेत्र और समृद्ध गाँवों के बिना 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है — इसमें खेती की लागत घटाना, किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण और कृषि को अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाना भी शामिल है।

मंत्री ने विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि उनके लिए केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं रह गई है। इसलिए मूल्यवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना अनिवार्य है।

प्रगति कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ

'प्रगति' कार्यक्रम किसानों को प्रौद्योगिकी, कृषि मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और बेहतर बाज़ार पहुँच से जोड़कर उनकी आय के नए रास्ते तैयार करने पर केंद्रित है। यह एक व्यापक, समावेशी और जलवायु-लचीली पुनर्योजी कृषि पहल है, जो पहले से मौजूद 26,000 से अधिक कृषि उद्यमियों के नेटवर्क के अतिरिक्त 20,000 नए उद्यमियों का राष्ट्रव्यापी पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा करेगी।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम भारत के कई राज्यों में पहले लागू की गई कृषि-उद्यमिता पहलों से अर्जित अनुभव पर आधारित है, जिससे इसकी ज़मीनी व्यावहारिकता अपेक्षाकृत अधिक मानी जा रही है।

सहयोगी संस्थाओं की भूमिका

इस पहल का समर्थन करने वाली संस्था की वरिष्ठ उपाध्यक्ष (वैश्विक सामाजिक प्रभाव) मोनिका बाउर ने कहा कि किसान स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को गति देने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं और उनकी आजीविका का समर्थन करना एक सुदृढ़ खाद्य प्रणाली की नींव है। उनके सहयोगी जागृत कोटेचा ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को अधिक टिकाऊ कृषि के लिए ज़रूरी उपकरण और ज्ञान उपलब्ध कराना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए खाद्य प्रणालियों को मज़बूत बनाना है।

लागू होने वाले राज्य

अधिकारियों के अनुसार, 'प्रगति' पहल मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान में लागू की जाएगी — ये सभी राज्य देश के कृषि उत्पादन और ग्रामीण रोज़गार के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण कृषि आय और शहरी आय के बीच की खाई को पाटना नीति-निर्माताओं की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

आगे की राह

समावेशी भागीदारी और संतुलित प्रतिनिधित्व पर विशेष बल देते हुए 'प्रगति' यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि महिला किसान और हाशिये पर खड़े समुदाय भी इस पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा बनें। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की प्रगति और इसके वास्तविक प्रभाव पर नज़र रखना अब नीति-विश्लेषकों और किसान संगठनों दोनों के लिए अगली बड़ी कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह पहल उन किसानों तक पहुँचेगी जिन्हें इसकी सबसे अधिक ज़रूरत है — वे छोटे और सीमांत किसान जो बाज़ार और तकनीक दोनों से कटे हुए हैं। SBIF और गेट्स फाउंडेशन जैसी संस्थाओं की भागीदारी विश्वसनीयता देती है, परंतु भारत में कृषि योजनाओं का इतिहास यह बताता है कि क्रियान्वयन की खाई अक्सर घोषणाओं की चमक को फीका कर देती है। 8 राज्यों में एक साथ लागू करना महत्वाकांक्षी है, किंतु इसके लिए राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी और ज़मीनी निगरानी तंत्र अनिवार्य होगा। बिना स्वतंत्र मूल्यांकन ढाँचे के, '20,000 उद्यमी और 20 लाख किसान' के आँकड़े महज़ लक्ष्य बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'प्रगति' कृषि पहल क्या है?
'प्रगति' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 7 जुलाई 2026 को लॉन्च की गई एक राष्ट्रव्यापी कृषि-उद्यमिता पहल है, जिसका लक्ष्य 20,000 नए कृषि उद्यमी तैयार करना और 20 लाख किसानों को प्रत्यक्ष सहायता देना है। यह SBIF और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से विकसित की गई है।
'प्रगति' पहल किन राज्यों में लागू होगी?
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान — कुल 8 प्रमुख कृषि-प्रधान राज्यों में लागू किया जाएगा।
इस पहल से किसानों को क्या फायदा होगा?
'प्रगति' किसानों को प्रौद्योगिकी, कृषि मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और बेहतर बाज़ार पहुँच से जोड़ेगी। साथ ही मूल्यवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण के ज़रिये उनकी आय बढ़ाने के नए रास्ते खोले जाएंगे।
SBIF और गेट्स फाउंडेशन की इस कार्यक्रम में क्या भूमिका है?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फाउंडेशन (SBIF) और गेट्स फाउंडेशन इस कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी संस्थान हैं, जिन्होंने 'प्रगति' को डिज़ाइन करने और लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। गेट्स फाउंडेशन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोनिका बाउर के अनुसार, किसानों की आजीविका का समर्थन एक सुदृढ़ खाद्य प्रणाली के निर्माण के लिए अनिवार्य है।
क्या 'प्रगति' पहले से चल रही कृषि योजनाओं से अलग है?
'प्रगति' पहले से मौजूद 26,000 से अधिक कृषि उद्यमियों के नेटवर्क के अतिरिक्त 20,000 नए उद्यमी जोड़ेगी और जलवायु-लचीली पुनर्योजी कृषि पर विशेष ज़ोर देती है। यह भारत के कई राज्यों में पहले लागू कृषि-उद्यमिता पहलों से मिले अनुभव पर आधारित है, जो इसे पूर्ण रूप से नई बजाय विकसित और परिष्कृत पहल बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले