नाटो का अंकारा में बड़ा ऐलान: एयर टैंकर बेड़े में फिनलैंड शामिल, एंटी-ड्रोन पर $40 अरब का निवेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव मार्क रूटे ने 7 जुलाई 2026 को तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित रक्षा उद्योग फोरम में गठबंधन के नए प्रमुख रक्षा प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। इन प्रोजेक्ट्स में एयर रिफ्यूलिंग बेड़े का विस्तार और अगले पाँच वर्षों में ड्रोन-रोधी क्षमताओं पर $40 अरब से अधिक के निवेश की योजना शामिल है।
फोरम की पृष्ठभूमि और प्रतिबद्धता
रूटे ने फोरम का उद्घाटन करते हुए कहा, "एक साल पहले द हेग में सहयोगी देशों ने 2035 तक रक्षा और सुरक्षा पर अपनी जीडीपी का पाँच प्रतिशत खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई थी। हमने रक्षा उत्पादन और नई तकनीकों को बढ़ाने पर भी सहमति बनाई थी। अब एक साल बाद हम इसके नतीजे सामने ला रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि फोरम के दौरान अरबों डॉलर के कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बल मिलेगा और सैकड़ों हजारों नौकरियाँ पैदा होंगी।
एमआरटीटी बेड़े में नौ देश, दसवाँ विमान जल्द
घोषित प्रोजेक्ट्स में 'इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म' और गठबंधन के भीतर सैन्य उपकरणों की त्वरित आवाजाही की व्यवस्था प्रमुख है। फिनलैंड अब मल्टीनेशनल मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) बेड़े में शामिल हो गया है, जिससे इस बेड़े में सदस्य देशों की संख्या नौ हो गई है — बेल्जियम, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और स्वीडन। इन देशों के अनुसार जल्द ही दसवाँ एयरबस ए330 एमआरटीटी विमान बेड़े में जोड़ा जाएगा, जिसके बाद यह बेड़ा अपनी 12 विमानों की पूर्ण क्षमता के करीब पहुँच जाएगा।
एंटी-ड्रोन क्षमता पर $40 अरब का दांव
गठबंधन ने अगले पाँच वर्षों में ड्रोन-रोधी क्षमताओं पर $40 अरब से अधिक निवेश की घोषणा की है। इसका लक्ष्य 2027 के अंत तक ड्रोन ऑपरेटरों की संख्या को पाँच गुना बढ़ाना है। त्वरित खरीद प्रक्रिया के लिए नाटो एक समर्पित एंटी-ड्रोन मार्केटप्लेस तैयार करेगा, जहाँ नाटो मानकों के अनुसार परीक्षण किए गए सिस्टम उपलब्ध होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संघर्ष ने ड्रोन युद्ध की निर्णायक भूमिका को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है।
प्रशिक्षण पहल और एनएसपीए अनुबंध
ड्रोन ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए नाटो देश 'नाटो फ्लाइट ट्रेनिंग यूरोप' (एनएफटीई) पहल का विस्तार करेंगे। फोरम के दौरान फिनलैंड, फ्रांस और स्वीडन भी इस पहल में शामिल हुए, जिससे इसमें सहभागी देशों की संख्या 20 हो गई। इसके साथ ही नाटो सपोर्ट एंड प्रोक्योरमेंट एजेंसी (एनएसपीए) ने सहयोगी देशों के लिए निगरानी ड्रोन खरीदने हेतु 'सैकड़ों मिलियन डॉलर' का अनुबंध भी दिया है।
आगे क्या होगा
फोरम के दौरान अरबों डॉलर के समझौतों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया जारी रहेगी। गठबंधन का यह रक्षा विस्तार नाटो सदस्य देशों के बीच साझा क्षमता-निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, एंटी-ड्रोन और एयर रिफ्यूलिंग क्षमताओं में यह निवेश आने वाले दशक में नाटो की परिचालन तैयारी को परिभाषित करेगा।