ट्रंप का नाटो सहयोगियों पर बड़ा आरोप: ईरान संघर्ष में इटली, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने किया निराश
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जून 2026 को व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान के साथ हालिया सैन्य संघर्ष में इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस सहित कई नाटो सहयोगी अमेरिका की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें सैन्य सहायता नहीं, बल्कि अपने साझेदारों से वफादारी की दरकार थी — और वह भी नहीं मिली।
मुख्य घटनाक्रम
अंकारा में 7-8 जुलाई को होने वाले नाटो समिट से पहले यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रंप ने कहा, 'हमें निराश किया गया। हमें इस मामले में बिल्कुल भी मदद की जरूरत नहीं थी। हमने उन्हें पहले हफ्ते में ही हरा दिया, लेकिन अच्छा होता अगर उन्होंने कहा होता — हम मदद करना चाहेंगे।' उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि वे इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से निराश थे।
रूटे ने आंशिक रूप से ट्रंप की बात स्वीकार की, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि यूरोपीय देशों ने द्विपक्षीय व्यवस्थाओं के ज़रिए लॉजिस्टिक समर्थन दिया था। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि अमेरिका के लिए यूरोप को पावर प्रोजेक्शन प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल किए बिना ईरान पर हमला करना बहुत मुश्किल होता।' रूटे ने बताया कि संघर्ष के दौरान यूरोपीय एयर बेस से 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी।
रक्षा खर्च पर ट्रंप का दबाव
ट्रंप ने नाटो सदस्यों पर रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए भी दबाव बनाया। उन्होंने कहा, 'बड़ा सवाल यह है कि क्या वे 5 फीसदी दे रहे हैं? वे छह महीने पहले 5 फीसदी देने पर सहमत हुए थे और ज्यादातर वे दे नहीं रहे हैं।' रूटे ने इसके जवाब में कहा कि जर्मनी, पोलैंड, डेनमार्क और बाल्टिक देश रक्षा बजट में तेज़ी से बढ़ोतरी कर रहे हैं, और इस प्रगति का श्रेय उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व को दिया।
गौरतलब है कि अंकारा नाटो समिट में पिछले साल हुए उस समझौते को लागू करने पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है, जिसके तहत सहयोगी देश 2035 तक GDP का 5 फीसदी रक्षा और सुरक्षा पर खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ईरान वार्ता और होर्मुज़ स्ट्रेट
ट्रंप ने बताया कि तेहरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'ईरान के साथ हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बड़ी रियायतें देने को तैयार है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पर शिपिंग शुल्क लगाने की अनुमति देंगे, तो उन्होंने स्पष्ट इनकार कर दिया — 'यह मुझे मंजूर नहीं होगा, मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा।'
रूटे ने ईरान संकट से निपटने के ट्रंप के तरीके की सराहना करते हुए कहा, 'ईरान के पास परमाणु क्षमता होना पूरी दुनिया के लिए खतरा होगा।' नाटो नेताओं ने भी यह स्थिति दोहराई है कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
तुर्किए और एफ-35 विमान
अंकारा समिट से पहले ट्रंप ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन के बारे में गर्मजोशी से बात की। उन्होंने कहा, 'वह मेरे दोस्त हैं। वह तुर्किए से प्यार करते हैं और बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।' तुर्किए की लंबे समय से लंबित एफ-35 फाइटर जेट की माँग पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि सरकार यह समीक्षा कर रही है कि क्या सभी कानूनी शर्तें पूरी हुई हैं और अमेरिकी कानून का पालन किया गया है।
यूक्रेन और आगे की राह
यूक्रेन के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तारीफ करते हुए उन्हें साहसी नेता बताया और कहा कि वे मजबूती से डटे हुए हैं। 7-8 जुलाई को अंकारा में होने वाले नाटो समिट में रक्षा खर्च, यूक्रेन समर्थन और ईरान नीति — तीनों मुद्दों पर गहन विमर्श अपेक्षित है।