ट्रंप ने नाटो को कमजोर कहा, अपने सहयोगियों से नाराजगी जताई
सारांश
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वाशिंगटन, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के खिलाफ एक बार फिर अपनी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने एक संक्षिप्त पोस्ट में नाटो को कमजोर बताते हुए अपनी असंतोष व्यक्त किया।
यह बयान नाटो महासचिव मार्क रुटे से मुलाकात के बाद आया है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हमारे अपने लोग भी निराश करते हैं, नाटो—जब तक उन पर दबाव न डाला जाए, तब तक वे कुछ नहीं समझते!!!"
ट्रंप ने बिना किसी देश का नाम लिए हालिया संघर्ष में सहयोग की कमी को रेखांकित किया।
बुधवार को अपनी निजी मुलाकात के बाद, रुटे ने कहा कि ट्रंप "स्पष्ट रूप से निराश" थे कि अमेरिका के सहयोगी देशों ने ईरान के खिलाफ उसके युद्ध में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
ट्रंप ने तब भी ट्रुथ पर लिखा, "जब हमें नाटो की आवश्यकता थी तब वे मौजूद नहीं थे, और अगर हमें फिर से उनकी जरूरत पड़ी तो वे फिर से मौजूद नहीं होंगे। ग्रीनलैंड को याद रखें, वह एक बड़ा, खराब प्रबंधित बर्फ का टुकड़ा है।"
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने नाटो के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की हो। उन्होंने ईरान के संघर्ष में नाटो सदस्य देशों द्वारा सहयोग को नजरअंदाज करने की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमेरिका ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन छोड़ने पर विचार कर सकता है।
फ्रांस, इटली, स्पेन सहित कई देशों ने ईरान संघर्ष में शामिल अमेरिकी विमानों को अपने एयर स्पेस देने से मना कर दिया था। इससे ट्रंप इन देशों से परेशान हुए और अपने विभिन्न पोस्ट्स के जरिए उन पर हमला करते रहे। एक सोशल पोस्ट में तो उन्होंने नाटो को 'कागज़ी शेर' तक का नाम दे दिया था।