मार्को रुबियो का भारत दौरा: कोलकाता में हुई लैंडिंग, PM मोदी से आज दोपहर होगी मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शुक्रवार, 23 मई को अपनी पहली भारत यात्रा पर कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। उनके स्वागत के लिए भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर स्वयं एयरपोर्ट पर मौजूद थे। यह चार दिवसीय दौरा व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और क्वाड जैसे अहम एजेंडों को केंद्र में रखते हुए भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश है।
मुख्य घटनाक्रम
रुबियो का विमान सुबह कोलकाता में उतरा, जिसके बाद वह नई दिल्ली रवाना हुए। विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम के अनुसार, वह दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली पहुँचे और दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात निर्धारित है। राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह दौरा व्यापार, प्रौद्योगिकी, एआई, आपूर्ति शृंखलाओं, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ठोस प्रगति का अवसर है।
चार दिन का पूरा कार्यक्रम
रविवार, 24 मई को सुबह 11:30 बजे रुबियो विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उसी शाम 6 बजकर 20 मिनट पर वह अमेरिकी दूतावास में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेंगे।
सोमवार, 25 मई को रुबियो का कार्यक्रम दिल्ली से बाहर है — सुबह 9 बजे आगरा और दोपहर 1 बजे जयपुर में आयोजित कार्यक्रमों में वह शामिल होंगे। दौरे के अंतिम दिन मंगलवार, 26 मई को सुबह 9 बजे हैदराबाद हाउस में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। सुबह 9 बजकर 50 मिनट पर संयुक्त प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा और सुबह 11 बजे रुबियो अमेरिका के लिए रवाना हो जाएंगे।
एजेंडे में क्या है
राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, इस दौरे पर व्यापार, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा, ऊर्जा और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में अमेरिका की वैश्विक सफलता के लिए भारत एक अपरिहार्य साझेदार है। यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के भारत-अमेरिका साझेदारी को और सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रणनीतिक महत्त्व
गौरतलब है कि यह रुबियो की भारत की पहली यात्रा है और इसे ट्रंप 2.0 प्रशासन के सबसे महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय दौरों में से एक बताया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता, टैरिफ के मुद्दे और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को लेकर सक्रिय कूटनीतिक संवाद जारी है। क्वाड बैठक का आयोजन इस दौरे को केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुपक्षीय महत्त्व भी प्रदान करता है।
आगे क्या
रुबियो की PM मोदी से मुलाकात के बाद जारी होने वाला संयुक्त बयान और 26 मई की क्वाड प्रेस स्टेटमेंट इस दौरे की दिशा और उपलब्धियों को स्पष्ट करेगी। विशेषज्ञों की नज़र विशेष रूप से व्यापार समझौते की प्रगति और रक्षा सहयोग के नए आयामों पर रहेगी।