विमेंस टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट: मूनी, श्री चरणी और वायट-हॉज को जगह, ऑस्ट्रेलिया के 5 खिलाड़ी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' में रिकॉर्ड सातवीं बार चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साफ दिखा — चैंपियन टीम के सर्वाधिक पाँच खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित एकादश में जगह मिली। दुबई में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारत, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाड़ियों ने भी असाधारण प्रदर्शन के बल पर इस सर्वश्रेष्ठ एकादश में स्थान पक्का किया।
मूनी: 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' से टीम ऑफ द टूर्नामेंट तक
ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज बेथ मूनी टूर्नामेंट की सबसे चमकदार खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 47.60 की औसत से 238 रन बनाए और पाँच कैच पकड़कर विकेटकीपिंग में भी अपनी काबिलियत साबित की। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल में नाबाद 61 रन और इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में मैच जिताऊ 64 रन की पारी ने उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' — दोनों पुरस्कार दिलाए।
वायट-हॉज का ऐतिहासिक 300 रनों का सफर
इंग्लैंड की ओपनर डैनी वायट-हॉज ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 302 रन बनाकर इतिहास रचा — वह विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के किसी एक संस्करण में 300 रन का आँकड़ा छूने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड की महिला टीम अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बल्लेबाजी गहराई को लगातार मजबूत कर रही है।
श्री चरणी: भारत की रिकॉर्डतोड़ स्पिनर
भारतीय स्पिनर श्री चरणी टूर्नामेंट की सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं। उन्होंने पाँच मैचों में 14 विकेट झटककर विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट लेने का नया भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम किया। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन भारत के लिए टूर्नामेंट की सबसे उज्ज्वल उपलब्धि रही, भले ही टीम खिताब नहीं जीत सकी।
ऑस्ट्रेलिया के अन्य सितारे
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने 11 विकेट लेकर टीम की अजेय यात्रा में अहम भूमिका निभाई। अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी ने 198 रन और 4 विकेट के साथ सभी फॉर्मेट में आठवीं बार वर्ल्ड कप जीतने का अनूठा रिकॉर्ड बनाया। स्पिनर ऐश गार्डनर ने 170.45 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 150 रन और 3 विकेट लेकर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया।
अन्य देशों के प्रमुख प्रदर्शन
इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने चोट के बावजूद केवल चार मैचों में 113.50 की औसत से 227 रन बनाए — सेमीफाइनल में 75 और फाइनल में नाबाद 58 रन उनके संकल्प की मिसाल रहे। साउथ अफ्रीका की मैरिजेन कप्प ने 124 रन और 8 विकेट से ऑलराउंड दमखम दिखाया; भारत के खिलाफ उनकी नाबाद 81 रन की पारी यादगार रही। आयरलैंड की ओर्ला प्रेंडरगास्ट ने 181 रन और 6 विकेट के साथ अपनी टीम की सबसे बड़ी ताकत साबित हुईं। श्रीलंका की निलाक्षिका सिल्वा ने 74 की औसत से 148 रन बनाए और नाबाद 54 रन की पारी से मौजूदा चैंपियन न्यूजीलैंड को हराने में निर्णायक भूमिका निभाई। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने 11.27 की औसत से 11 विकेट और 85 रन बनाए। स्कॉटलैंड की ओपनर डार्सी कार्टर ने 52.4 की औसत से 208 रन बनाकर सबको चौंकाया — न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 72 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 59 रन उनकी पारियों में शामिल रहे।
आगे की राह
इस टूर्नामेंट ने महिला क्रिकेट में बहुराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का नया स्तर स्थापित किया है। ऑस्ट्रेलिया के वर्चस्व के साथ-साथ आयरलैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका जैसी टीमों के उभरते सितारों ने संकेत दिया है कि आने वाले संस्करण और भी प्रतिस्पर्धी होंगे।