क्वाड बैठक से पहले जयशंकर-मोटेगी मुलाकात: आर्थिक सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक पर अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 26 मई 2025 को नई दिल्ली में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की — यह बैठक नई दिल्ली में मंगलवार को प्रस्तावित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक एक दिन पहले हुई। दोनों नेताओं ने भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी, पश्चिम एशिया की स्थिति, तथा आर्थिक सुरक्षा के उभरते मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने भारत-जापान संबंधों की गहराई को रेखांकित करते हुए कहा, 'बेशक, भारत और जापान के बीच हमारी एक खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है और यह दिखाता है कि हमारे संबंधों का बड़ा अर्थ, बड़ी अहमियत, बड़े प्रभाव हैं।' उन्होंने फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) को साझा प्राथमिकता बताया और कहा कि क्वाड इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का मंच है।
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची और दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जयशंकर ने मार्च में फ्रांस और इस वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में मोटेगी के साथ हुई पिछली बैठकों का भी उल्लेख किया।
आर्थिक सुरक्षा और पश्चिम एशिया पर जोर
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है। उन्होंने कहा, 'मैं आपके साथ आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा करना चाहूंगा क्योंकि मुझे लगता है कि आज यह बहुत महत्वपूर्ण है, सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय है।'
उन्होंने पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) की बिगड़ती स्थिति का विशेष उल्लेख किया और कहा कि भारत और जापान — दोनों ऊर्जा आयातक और बड़े व्यापारिक देश होने के नाते — इस क्षेत्र की अस्थिरता से सीधे प्रभावित होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
मोटेगी का वैश्विक परिप्रेक्ष्य
जापानी विदेश मंत्री मोटेगी ने कहा कि दुनिया इस समय युद्धोत्तर काल के सबसे बड़े संरचनात्मक बदलाव से गुज़र रही है। उनके शब्दों में, 'दुनिया युद्ध के बाद के समय में सबसे बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव का सामना कर रही है, जो शक्ति संतुलन में बदलाव और लड़ाई-झगड़ों के बढ़ने से हो रहा है।'
मोटेगी ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ताकाइची और उन्होंने वियतनाम और केन्या में FOIP को अपडेट करने पर नीतिगत भाषण दिए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य देशों को अर्थव्यवस्था, समाज और सुरक्षा के क्षेत्रों में आत्मनिर्णय की क्षमता और लचीलापन दिलाना था। उन्होंने कहा कि इस पहल की 'ड्राइविंग फोर्स' के रूप में भारत और जापान को मिलकर काम करना होगा।
क्वाड बैठक का संदर्भ
गौरतलब है कि क्वाड विदेश मंत्रियों की पहली बैठक सितंबर 2019 में हुई थी, जिसमें मोटेगी विदेश मंत्री के रूप में शामिल हुए थे। फोन वार्ताओं को मिलाकर नई दिल्ली की यह बैठक उनकी चौथी भागीदारी होगी — और लगभग पाँच वर्षों के अंतराल के बाद वे व्यक्तिगत रूप से इस मंच पर लौट रहे हैं।
मंगलवार को होने वाली क्वाड बैठक में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री FOIP के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे और विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग पर चर्चा करेंगे। जापानी विदेश मंत्री मोटेगी अन्य क्वाड मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियाँ एक साथ गहरी हो रही हैं। क्वाड के मंच से जो संयुक्त संदेश निकलेगा, वह न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के भविष्य की दिशा भी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।