24 जुलाई 2026
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नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के 100 दिन: बारामूला पुलिस ने 53 गिरफ्तार किए, 42 मामले दर्ज

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नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के 100 दिन: बारामूला पुलिस ने 53 गिरफ्तार किए, 42 मामले दर्ज

सारांश

नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के 100 दिन पूरे होने पर बारामूला पुलिस ने 53 गिरफ्तारियाँ, 42 एनडीपीएस मामले, 616 तस्करों पर कार्रवाई और ₹79.88 लाख की संपत्तियाँ जब्त करने का ब्योरा जारी किया। जनता की 61 सूचनाओं से 20 ड्रग हॉटस्पॉट चिन्हित हुए।

मुख्य बातें

बारामूला पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के 100 दिनों में 42 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 53 आरोपी गिरफ्तार किए।
616 नशा तस्करों और संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई; 57 हॉटस्पॉट में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन।
₹79.88 लाख मूल्य की 6 संपत्तियाँ जब्त; ₹56 लाख मूल्य की 5 संपत्तियाँ ध्वस्त।
37.5 कनाल क्षेत्र में अवैध पोस्ता और भांग की खेती नष्ट; 8 पिट-एनडीपीएस डोजियर में से 7 निरोध आदेश प्राप्त।
स्कूलों व अस्पतालों के पास 532 तलाशी अभियान ; 474 दवा दुकानों का निरीक्षण; 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए।
185 जागरूकता अभियान और 63 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण; जनता से 61 सूचनाएँ मिलीं।

बारामूला पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के 100 दिन पूरे होने पर उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा जारी किया। इस दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत 42 मामले दर्ज किए गए और 53 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जिले की जनता के सक्रिय सहयोग को अभियान की सफलता का मुख्य आधार बताया।

मुख्य कार्रवाइयाँ और आँकड़े

बारामूला पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत 616 नशा तस्करों और संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। 57 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाए गए और 608 व्यक्तियों को निगरानी सूची में शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, ₹79.88 लाख मूल्य के नशीले पदार्थों से जुड़ी छह संपत्तियाँ जब्त की गईं।

अभियान के दौरान 8 पिट-एनडीपीएस डोजियर तैयार कर भेजे गए, जिनमें से 7 निरोध आदेश प्राप्त हुए। 37.5 कनाल क्षेत्र में की जा रही अवैध पोस्ता और भांग की खेती नष्ट की गई। वहीं, ₹56 लाख मूल्य की नशा तस्करों द्वारा अतिक्रमित पाँच संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी

स्कूलों, अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों के आसपास 532 तलाशी अभियान चलाए गए। 474 मेडिकल एवं दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया, ताकि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और पुलिस नियंत्रण कक्ष को नशे से संबंधित 61 जनसूचनाएँ प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 20 ड्रग हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए।

दस्तावेज़ निलंबन और 'नेम एंड शेम' कार्रवाई

अभियान के तहत 41 ड्राइविंग लाइसेंस, 44 वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, 173 आधार कार्ड और 2 पासपोर्ट को रद्द या निलंबित करने की सिफारिश की गई। अब तक 35 ड्राइविंग लाइसेंस और 17 वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित किए जा चुके हैं। 53 आरोपियों के खिलाफ 'नेम एंड शेम' प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें एक महिला ड्रग तस्कर भी शामिल रही।

जागरूकता और क्षमता निर्माण

जिलेभर में 185 जागरूकता अभियान चलाए गए और 63 पुलिसकर्मियों को क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण दिया गया। अभियान की नियमित समीक्षा के लिए 11 साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की तस्करी के खिलाफ केंद्र और स्थानीय प्रशासन दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है।

आगे की राह

बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने, युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि जनता की सक्रिय भागीदारी — विशेष रूप से नियंत्रण कक्ष को मिली 61 सूचनाएँ — इस अभियान की एक विशिष्ट उपलब्धि रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी गिरफ्तारियों की संख्या नहीं, बल्कि नशे की उपलब्धता में वास्तविक गिरावट है — जिसे मापना कहीं अधिक कठिन है। '608 लोगों की निगरानी सूची' और 'नेम एंड शेम' जैसे उपाय तब तक टिकाऊ नहीं होते जब तक पुनर्वास और नशा-मुक्ति केंद्रों की समानांतर व्यवस्था न हो। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की जड़ें सीमापार तस्करी नेटवर्क में हैं — केवल स्थानीय कार्रवाई से आपूर्ति श्रृंखला नहीं टूटती। अभियान की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या ये 53 गिरफ्तारियाँ बड़े नेटवर्क तक पहुँचती हैं या केवल निचले स्तर के वाहकों तक सीमित रहती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक व्यापक नशा-विरोधी अभियान है, जिसका उद्देश्य नशे की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, युवाओं को नशे से बचाना और नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। बारामूला जिले में इस अभियान के 100 दिन 24 जुलाई 2026 को पूरे हुए।
बारामूला पुलिस ने 100 दिनों में कितनी गिरफ्तारियाँ कीं?
बारामूला पुलिस ने 100 दिनों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 42 मामले दर्ज कर 53 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 616 नशा तस्करों और संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत कितनी संपत्तियाँ जब्त या ध्वस्त की गईं?
₹79.88 लाख मूल्य की नशीले पदार्थों से जुड़ी छह संपत्तियाँ जब्त की गईं, जबकि ₹56 लाख मूल्य की नशा तस्करों द्वारा अतिक्रमित पाँच संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं। 37.5 कनाल क्षेत्र में अवैध पोस्ता और भांग की खेती भी नष्ट की गई।
क्या इस अभियान में आम जनता की भी भूमिका रही?
हाँ, जिले के पुलिस नियंत्रण कक्ष को नशे से संबंधित 61 जनसूचनाएँ प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 20 ड्रग हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। बारामूला पुलिस ने जनता के इस सहयोग को अभियान की सफलता का मुख्य कारण बताया है।
आगे अभियान किस दिशा में जाएगा?
बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने के लिए अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। 185 जागरूकता कार्यक्रम और 63 पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण इस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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