11 अगस्त 2026
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बारामूला में अवैध खनन पर पुलिस का शिकंजा: 12 वाहन जब्त, एमएमडीआर अधिनियम के तहत FIR दर्ज

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बारामूला में अवैध खनन पर पुलिस का शिकंजा: 12 वाहन जब्त, एमएमडीआर अधिनियम के तहत FIR दर्ज

सारांश

बारामूला पुलिस ने 23 जून को तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अवैध खनन में लिप्त 12 वाहन जब्त किए और दो चालकों पर FIR दर्ज की। एमएमडीआर अधिनियम के तहत यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में बेलगाम रेत-पत्थर खनन पर प्रशासन के बढ़ते दबाव का हिस्सा है।

मुख्य बातें

बारामूला पुलिस ने 23 जून 2026 को अवैध खनन-रोधी अभियान में कुल 12 वाहन (डंपर, टिपर, ट्रैक्टर) जब्त किए।
बाबातेंग पट्टन नाके पर 5 डंपर और 4 टिपर , तथा नवान मोड क्रीरी पर 1 डंपर और 2 टिपर जब्त।
पुलिस स्टेशन कुंजर ने फिरोजपोरा नाले से अवैध पत्थर ढो रहे 2 ट्रैक्टर भी जब्त किए।
चालक सुहैल अहमद पंडित और दानिश अहमद वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके; FIR दर्ज।
उल्लंघनकर्ताओं पर एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी; जाँच शुरू।

बारामूला पुलिस ने 23 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में अवैध खनन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 12 वाहन — जिनमें डंपर, टिपर और ट्रैक्टर शामिल हैं — जब्त किए। बिना वैध अनुमति के रेत, बजरी और पत्थरों का परिवहन करते पकड़े गए इन वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

बाबातेंग पट्टन के निकट नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना वैध परमिट के रेत व बजरी ढो रहे 5 डंपर और 4 टिपर को रोककर जब्त किया। इसी कार्रवाई के अंतर्गत नवान मोड क्रीरी के पास एक अलग अभियान में 1 डंपर और 2 टिपर को भी खनिज सामग्री के अनधिकृत परिवहन के आरोप में जब्त किया गया।

इसके अतिरिक्त, पुलिस स्टेशन कुंजर की टीम ने पब्लिक पार्क कुंजर के निकट नियमित गश्त के दौरान दो ट्रैक्टरों को रोका, जिनमें हार्डबानी स्थित फिरोजपोरा नाले से अवैध रूप से निकाले गए पत्थर लदे थे।

आरोपियों की पहचान और FIR

जब्त ट्रैक्टरों के चालकों की पहचान सुहैल अहमद पंडित और दानिश अहमद के रूप में हुई है। दोनों में से कोई भी खनिज उत्खनन या परिवहन के लिए वैध अनुमति-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और दोनों ट्रैक्टर अवैध पत्थरों सहित हिरासत में हैं।

अवैध खनन: पर्यावरण और कानून पर असर

अवैध खनन उस स्थिति को कहते हैं जब सरकारी अनुमति के बगैर खनिज संपदा — जैसे बालू, पत्थर, कोयला, लौह अयस्क या मिट्टी — प्राप्त करने के लिए उत्खनन किया जाता है। यह न केवल राजस्व हानि का कारण बनता है, बल्कि नदी तटों और पारिस्थितिक तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुँचाता है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नदियों के किनारे अवैध रेत-खनन एक लंबे समय से चली आ रही समस्या रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाता रहा है।

पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई

बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। आने वाले दिनों में और भी नाका चेकिंग अभियान चलाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समन्वित अभियान है — जो अपने आप में सकारात्मक है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये अभियान टिकाऊ हैं या चुनावी और मौसमी दबाव में चलाए जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में नदी-तट खनन माफिया के खिलाफ पहले भी ऐसी कार्रवाइयाँ हुई हैं, लेकिन दीर्घकालिक निगरानी तंत्र और डिजिटल परमिट प्रणाली के अभाव में वाहन जब्त होते हैं, जुर्माना भरा जाता है और खनन फिर शुरू हो जाता है। जब तक अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी और रियल-टाइम ट्रैकिंग से नहीं जोड़ा जाता, ये कार्रवाइयाँ लक्षण का उपचार करती रहेंगी, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामूला में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बारामूला पुलिस ने 23 जून 2026 को तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 12 वाहन — 6 डंपर, 6 टिपर व ट्रैक्टर — जब्त किए। बिना वैध अनुमति के रेत, बजरी और पत्थर ढोते पकड़े गए चालकों पर एमएमडीआर अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
किन स्थानों पर यह कार्रवाई हुई?
कार्रवाई तीन स्थानों पर हुई — बाबातेंग पट्टन (9 वाहन), नवान मोड क्रीरी (3 वाहन) और पब्लिक पार्क कुंजर के निकट (2 ट्रैक्टर, फिरोजपोरा नाले से अवैध पत्थर सहित)।
किन लोगों पर FIR दर्ज हुई है?
कुंजर में जब्त ट्रैक्टरों के चालक सुहैल अहमद पंडित और दानिश अहमद पर FIR दर्ज की गई है। दोनों खनिज उत्खनन या परिवहन की वैध अनुमति प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।
एमएमडीआर अधिनियम क्या है और इसके तहत क्या दंड है?
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) भारत में खनिज उत्खनन को नियंत्रित करने वाला केंद्रीय कानून है। बिना अनुमति खनन या परिवहन पर इस अधिनियम के तहत जुर्माना, वाहन जब्ती और कारावास का प्रावधान है।
अवैध खनन से पर्यावरण को क्या नुकसान होता है?
अनधिकृत रेत-पत्थर खनन से नदी तटों का कटाव होता है, भूजल स्तर गिरता है और स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र को स्थायी क्षति पहुँचती है। इसके अलावा, सरकार को राजस्व हानि भी होती है जो वैध खनन से प्राप्त होती।
राष्ट्र प्रेस
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