ज्ञानेश कुमार ने एआई और डीपफेक के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दी चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ज्ञानेश कुमार ने एआई और डीपफेक के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दी चेतावनी

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तारीखें घोषित की हैं। उन्होंने एआई और डीपफेक के दुरुपयोग करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। जानें क्या हैं आयोग के नए दिशा-निर्देश।

मुख्य बातें

ज्ञानेश कुमार ने एआई और डीपफेक के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है।
चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखें घोषित की हैं।
गलत सूचना की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मतदाता प्रतिशत हर दो घंटे में जारी किया जाएगा।
चुनावों में 17.4 करोड़ मतदाता मतदान के लिए पात्र हैं।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की है। उन्होंने मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए चुनाव प्रचार में डीपफेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग करने वालों को एक स्पष्ट संदेश दिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया ब्रीफिंग में राष्ट्र प्रेस के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि गलत सूचना और डीपफेक के मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक राज्य में हमारे नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसमें सामग्री को हटाने या आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज करने जैसी कार्रवाई शामिल होगी।

आगामी चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की तैयारियों को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव हिंसा और प्रलोभन मुक्त होंगे। यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो आयोग सख्त कदम उठाएगा।

उन्होंने बताया कि असम और केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।

उन्होंने बताया कि 294 सदस्यों वाले पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानकारी दी कि इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता मतदान के लिए योग्य हैं।

उन्होंने बताया कि इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 2.18 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे और चुनाव प्रक्रिया में 25 लाख कर्मचारी शामिल होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदान प्रतिशत हर दो घंटे में मतदान अधिकारियों द्वारा जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आयोग ने हाल ही में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव तैयारियों का मूल्यांकन करने के बाद चुनाव समय सारणी को अंतिम रूप दिया है।

पिछले चुनावों में आठ चरणों के मुकाबले पश्चिम बंगाल में मतदान को दो चरणों तक सीमित करने के बारे में बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हमने राजनीतिक दलों सहित विस्तृत विचार-विमर्श किया और इसके बाद यह निष्कर्ष निकाला कि चरणों की संख्या कम करना सभी के लिए सुविधाजनक होगा।

असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त होगा, जबकि केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीपफेक का चुनावी प्रचार में क्या प्रभाव हो सकता है?
डीपफेक का उपयोग मतदाताओं को गुमराह करने में किया जा सकता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
आयोग ने राज्यों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है जो गलत सूचना और डीपफेक की निगरानी करेंगे।
चुनावों में मतदान प्रतिशत कैसे जारी किया जाएगा?
मतदान प्रतिशत हर दो घंटे में मतदान अधिकारियों द्वारा जारी किया जाएगा।
कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होंगे?
असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव होंगे।
चुनावों के लिए कितने मतदाता मतदान के योग्य हैं?
इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता मतदान के लिए योग्य हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 5 महीने पहले