सीएम योगी का कांग्रेस-सपा पर प्रहार: 'आस्था पर हमला करने वाले अब आस्थावान बनने का ढोंग कर रहे'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई को गोरखपुर में ₹995 करोड़ की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने सत्ता में रहते हुए आस्था पर प्रहार किया, वे अब सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले रहे हैं — और यह उपदेश हास्यास्पद है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री गोरखपुर जिले के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित कुल ₹995 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इनमें टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित ₹813.52 करोड़ की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹181.77 करोड़ की 10 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
आस्था और राजनीति पर योगी का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा ने अपने शासनकाल में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में बाधा डाली और रामभक्तों पर गोली चलवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाया और मंदिर आंदोलन के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में वकील खड़ा किया। उनका कहना था, 'ये लोग किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं?'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल धार्मिक व सांस्कृतिक मुद्दों पर अपनी स्थिति को पुनः परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। योगी ने यह भी कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में होली, दुर्गापूजा, विजयदशमी, रामनवमी और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर दंगे होते थे और कांवड़ यात्रा तक नहीं निकलने दी जाती थी।
विकास और सुरक्षा पर दावे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर गुंडों, माफिया और बीमारी के लिए बदनाम था। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षित माहौल बनने के बाद अकेले गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में 50,000 नौजवानों को रोजगार मिला। उनकी सरकार ने 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा किया।
उन्होंने बताया कि सवा तीन करोड़ युवाओं व कारीगरों ने अपने उद्यम शुरू किए और 65 लाख नौजवानों को निजी निवेश के जरिये रोजगार मिला। एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया।
इंसेफेलाइटिस और स्वास्थ्य सुधार
योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस कभी हजारों बच्चों की जान ले चुका था और पिछली सरकारें इस पर मौन रहीं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस बीमारी पर नियंत्रण पाया, हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले, गोरखपुर में एम्स स्थापित हुआ और बीआरडी मेडिकल कॉलेज को उन्नत किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि 1990 से बंद पड़ा गोरखपुर खाद कारखाना पुनः चालू हो चुका है, जिससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो रही है। साथ ही, 2007 से 2017 के बीच कांग्रेस व सपा सरकारों द्वारा 29 चीनी मिलों को बंद करने और उनमें से 21 को औने-पौने दामों पर बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पडरौना चीनी मिल को महज ₹2 करोड़ में बेचा गया, जबकि उसकी जमीन की कीमत ₹200 करोड़ थी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर से लखनऊ की दूरी जो पहले 7-8 घंटे में तय होती थी, अब साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। वाराणसी का सफर 5-6 घंटे से घटकर ढाई घंटे रह गया है। गोरखपुर से अब 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं और वंदे भारत व अमृत भारत जैसी ट्रेनें भी यहाँ से चलती हैं।
उन्होंने रामगढ़ताल को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होने का उदाहरण दिया, जहाँ अब देर रात तक परिवार भ्रमण करते हैं और फिल्मों की शूटिंग भी होती है। मुक्तेश्वरनाथ मंदिर का पुनरोद्धार पूरा हो चुका है और झारखंडी महादेव मंदिर के पुनरोद्धार के लिए प्रस्ताव माँगे गए हैं। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में यह इंफ्रास्ट्रक्चर विकास सहायक होगा।