सरकार की नीतियों ने सरयू नदी को संकट में डाला: अवधेश प्रसाद
सारांश
Key Takeaways
- सरयू नदी का अस्तित्व संकट में है।
- सरकार की गलत नीतियों का प्रभाव।
- अवदेश प्रसाद ने नाम बदलने की मांग की।
- सरयू का पानी गोंडा की ओर बढ़ रहा है।
- अयोध्या में बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना।
लखनऊ, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के सांसद अवदेश प्रसाद ने सरयू नदी की दुर्दशा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि आज हमारी सरयू मां का अस्तित्व संकट में है। यह नदी अब गोंडा की ओर बढ़ चुकी है। सरकार की गलत नीतियों के कारण सरयू में पानी का स्तर काफी कम हो गया है।
शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर आप राम की पैड़ी पर चलें, तो वहां एक बूंद पानी भी नहीं है। हैंडपंपभाजपा की नीतियों का परिणाम है। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह सरकार झूठे वादे करती है, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इस सरकार का जनता के हितों से कोई वास्ता नहीं रह गया है।
अवदेश प्रसाद ने कहा कि सरयू नदी का नाम हमारे पुराणों में सरयू के रूप में लिखा गया है। हम सरकार से निवेदन करेंगे कि इसका नाम घाघरा से बदलकर सरयू किया जाए। यदि यह सरकार ऐसा नहीं करेगी, तो मैं आपको आश्वासन देता हूं कि जब हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो 24 घंटे के भीतर इस नदी का नाम सरयू कर दिया जाएगा। हमारी सरकार न केवल इस नदी का नाम बदलेगी, बल्कि इसकी महत्वता को भी बढ़ाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में सरयू नदी की धारा गोंडा तक पहुँच चुकी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसकी धारा को अयोध्या की ओर मोड़ा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान करने में कोई कठिनाई न हो।
अवदेश प्रसाद ने अयोध्या में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को बार-बार उठा चुका हूँ। मैंने संसद में इस बात का उल्लेख किया है कि कैसे अयोध्या में लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। उनकी ज़मीनें छीनी जा रही हैं। ऐसे कई कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। मैं इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहूँगा। मैं अपने नेता अखिलेश यादव से भी इस विषय पर बात करूंगा। मैं देश के लोगों को भी इस बारे में जानकारी दूंगा। ये लोग अयोध्या की मर्यादा को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।