बिहार बाढ़ प्रबंधन पर दिलीप जायसवाल: सम्राट चौधरी सरकार की तारीफ, कांग्रेस की फरक्का संधि पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इस वर्ष बाढ़ का प्रबंधन अत्यंत प्रभावी रहा है — चाहे नेपाल से आने वाली बाढ़ हो, गंगा का उफान हो या पुनपुन नदी का जलस्तर। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासन में हुई फरक्का जल संधि बिहार के लिए अनुचित थी और यही दीर्घकालिक बाढ़ संकट की एक बड़ी वजह है।
बिहार में बाढ़ के तीन प्रमुख कारण
जायसवाल ने बताया कि बिहार में बाढ़ की समस्या तीन मुख्य स्रोतों से उत्पन्न होती है। पहला — नेपाल के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा होने पर वहाँ का जल बिहार में प्रवेश कर जाता है। दूसरा — पुनपुन और बूढ़ी गंडक नदियों का उफान। तीसरा — गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में बाढ़ का विस्तार।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि जब गंगा में उफान आता है तो भागलपुर और पीरपैंती के आसपास बाढ़ का पानी 17-18 किलोमीटर तक फैल जाता है, जिससे निचले इलाकों की बड़ी आबादी प्रभावित होती है।
फरक्का संधि पर कांग्रेस को घेरा
जायसवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल से ही यह सवाल उठाया जाता रहा है कि कांग्रेस के शासन में हुई फरक्का को लेकर जल संधि उचित नहीं थी। उनके अनुसार, इसी संधि के कारण गंगा के बाढ़-जल के प्रवाह का नियंत्रण जटिल हो जाता है और बिहार के निचले क्षेत्रों में पानी का विस्तार अत्यधिक हो जाता है।
कोसी-मेची लिंक परियोजना और केंद्र का सहयोग
मंत्री ने केंद्र सरकार की कोसी-मेची लिंक परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए बिहार को ₹11,000 करोड़ आवंटित किए हैं। इससे मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र में कोसी, मेची, महानंदा और तीस्ता नदियों के जल का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
जायसवाल के अनुसार, लगभग दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जल-संचयन करके सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ कृषि को भी लाभ होगा।
यूसीसी पर अमित शाह का समर्थन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की आवश्यकता दोहराए जाने पर जायसवाल ने पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में UCC देश की ज़रूरत बनेगी और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू होगी। उन्होंने तर्क दिया कि UCC सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है।
विपक्ष पर तीखा प्रहार
जायसवाल ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका केवल सरकार का विरोध करने तक सिमट गई है। उनके अनुसार, विपक्ष की असली जिम्मेदारी लोगों की सेवा करना और उनके बीच जाना है, परंतु विपक्षी नेता दिल्ली या राज्य की राजधानी में बैठकर बयानबाजी करने में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को बाढ़ पीड़ितों से मिलने, गरीबों की सेवा करने और उनके इलाज में सहयोग करने के लिए सक्रिय रूप से मैदान में उतरना चाहिए। कोसी-मेची लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के साथ बिहार में बाढ़ प्रबंधन की दिशा में आने वाले वर्षों में और ठोस परिणाम देखने की उम्मीद की जा रही है।