सिक्किम में भूस्खलन के बाद सेना ने सुरक्षित निकाले 1,321 पर्यटक और 84 स्थानीय निवासी

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सिक्किम में भूस्खलन के बाद सेना ने सुरक्षित निकाले 1,321 पर्यटक और 84 स्थानीय निवासी

सारांश

गंगटोक, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने उत्तर सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय निवासियों को सुरक्षित निकाला। सेना ने ऑपरेशन हिम सेतु के तहत बिना किसी घटना के सफल निकासी की।

Key Takeaways

  • भारतीय सेना ने 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय निवासियों को सुरक्षित निकाला।
  • ऑपरेशन हिम सेतु ने सफलतापूर्वक निकासी की।
  • भूस्खलन से लाचेन-चुंगथांग मार्ग बाधित हुआ था।
  • सेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में राहत कार्य किया।
  • अस्थायी पुल और राहत केंद्र स्थापित किए गए।

गंगटोक, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने गुरुवार को उत्तर सिक्किम के क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित होने के बाद फंसे सभी 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय निवासियों को सुरक्षित निकालने का कार्य पूरा किया।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि लाचेन क्षेत्र में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए शुरू किया गया ‘ऑपरेशन हिम सेतु’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बावजूद 48 घंटे में सभी को बिना किसी घटना के सुरक्षित निकाला गया।

अधिकारी के अनुसार, इस अभियान में कुल 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि भूस्खलन से प्रभावित लाचेन-चुंगथांग मार्ग पर एक फुटब्रिज का निर्माण किया गया, जिससे बाधित रास्तों के बीच सुरक्षित निकासी संभव हो सकी।

मुख्य स्थानों पर राहत केंद्र स्थापित किए गए, जहां लोगों को भोजन, ठहरने और चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। जरूरतमंदों की सहायता के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात की गईं।

सेना के वाहनों ने कठिन इलाकों में फंसे नागरिक वाहनों को निकालने में मदद की।

भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बावजूद जवानों ने महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रों को खोलकर वैकल्पिक रास्तों को सक्रिय किया, जिससे बचाव कार्य में तेजी आई।

यह अभियान इंडियन आर्मी के त्रिशक्ति कोर द्वारा ईस्टर्न कमांड के तहत चलाया गया, जिसमें सैनिकों ने लगातार जमीन पर रहकर लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की।

प्रवक्ता के अनुसार, यह अभियान सिविल प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ मिलकर चलाया गया, जिसने कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में सड़क साफ करने और संपर्क बहाल करने का कार्य किया।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अस्थायी पुल और सुरक्षित मार्ग बनाकर कनेक्टिविटी बहाल की गई, जिससे खराब हालात के बावजूद निकासी का काम बिना रुके चलता रहा। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।

सिक्किम सरकार के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि कई भूस्खलनों के कारण लाचेन और चुंगथांग के बीच सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जो भारत-चीन सीमा के निकट का क्षेत्र है।

Point of View

बल्कि संकट के समय में नागरिकों की सुरक्षा में भी तत्पर रहती है। यह एक साहसिक और प्रभावशाली अभियान था, जिसने न सिर्फ लोगों की जान बचाई, बल्कि सेना की तत्परता और संगठनात्मक क्षमता को भी उजागर किया।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

भूस्खलन के कारण कितने लोग प्रभावित हुए?
भूस्खलन के कारण कुल 1,321 पर्यटक और 84 स्थानीय निवासी प्रभावित हुए।
ऑपरेशन हिम सेतु कब शुरू हुआ?
ऑपरेशन हिम सेतु गुरुवार को शुरू किया गया था।
सेना ने लोगों को कैसे सुरक्षित निकाला?
सेना ने खराब मौसम के बावजूद 48 घंटे के भीतर सभी को सुरक्षित निकाला।
लाचेन-चुंगथांग मार्ग पर क्या किया गया?
लाचेन-चुंगथांग मार्ग पर एक फुटब्रिज का निर्माण कर संपर्क बहाल किया गया।
राज्य सरकार ने इस घटना पर क्या कहा?
सिक्किम सरकार ने पुष्टि की कि कई भूस्खलनों के कारण सड़क संपर्क बाधित हुआ है।
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