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क्या इंडोनेशिया में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंच गई है?

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क्या इंडोनेशिया में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंच गई है?

सारांश

इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी में आई बाढ़ और भूस्खलन ने 16 लोगों की जान ले ली है। बीएनपीबी ने जानकारी दी है कि 3 लोग लापता हैं और कई लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। जानें इस आपदा के बारे में और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति।

मुख्य बातें

इंडोनेशिया में 16 लोगों की मौत हुई है।
तीन लोग अभी भी लापता हैं।
148 घर प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है।
राज्य सरकार राहत कार्य में जुटी है।

जकार्ता, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत नॉर्थ सुलावेसी में आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी (बीएनपीबी) ने दी।

बीएनपीबी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे (स्थानीय समय) सिटारो आइलैंड्स रीजेंसी में कई घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद नदियों के उफान पर आने से यह आपदा आई।

एजेंसी ने बताया कि चार जिलों में कम से कम 148 घर प्रभावित हुए हैं। इनमें सात घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 29 को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि 112 घरों को आंशिक क्षति हुई है।

सोमवार दोपहर तक बाढ़ का पानी उतर गया, लेकिन प्रभावित इलाकों में बिजली और दूरसंचार सेवाएं अब भी बाधित हैं।

मंगलवार दोपहर जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीएनपीबी के डेटा और सूचना केंद्र के प्रमुख अब्दुल मुहारी ने बताया कि इस आपदा में 22 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि करीब 682 लोग फिलहाल अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं।

प्रभावित इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 35 परिवारों के कुल 108 लोग विस्थापित हुए हैं।

इस आपदा में पांच घर बह गए और ईस्ट सियाउ तथा साउथ ईस्ट सियाउ उप-जिलों के बीच सड़क संपर्क भी टूट गया है।

इंडोनेशिया में बरसात के मौसम के दौरान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। स्थानीय प्रशासन ने 5 जनवरी से 18 जनवरी तक 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है और लोगों से खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। हम सभी को इससे सबक लेना चाहिए और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस आपदा में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इस आपदा में लगभग 148 घर प्रभावित हुए हैं।
क्या सरकार राहत कार्य कर रही है?
हाँ, स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
क्या इस क्षेत्र में और भी बाढ़ की संभावना है?
हां, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।
क्या लोग सुरक्षित हैं?
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है, लेकिन कुछ लोग अभी भी लापता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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