बिहार कैबिनेट ने 25 प्रस्तावों को दी मंजूरी: भागलपुर हवाई अड्डे के लिए ₹1,329 करोड़, रोपवे कंपनी और AI सेंटर को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 15 जुलाई 2026 को पटना में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों में शिक्षा, पर्यटन, नागरिक उड्डयन, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और गृह विभाग से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। सरकार के अनुसार, ये फैसले राज्य में आधारभूत संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति देंगे।
शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र में बड़े फैसले
कैबिनेट ने राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत पूर्व में चयनित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के अतिरिक्त अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित और संचालित करने की स्वीकृति दी। इससे राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।
पर्यटन के क्षेत्र में बिहार पर्यटन सेवा नियमावली, 2026 तथा बिहार पर्यटन अवर सेवा संवर्ग नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। धार्मिक और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोपवे आधारित परिवहन व्यवस्था के विकास, संचालन और प्रबंधन के लिए 'बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड' के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर और सीतामढ़ी स्थित मां सीता जन्मस्थली पुनौराधाम के विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।
नागरिक उड्डयन: भागलपुर समेत चार नए हवाई अड्डे
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में कैबिनेट ने भागलपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भागलपुर और मुंगेर जिलों में कुल 3,145 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण हेतु ₹1,329 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी। यह बिहार के विमानन इतिहास में एक उल्लेखनीय निवेश है।
इसके साथ ही राजगीर, रोहतास और कैमूर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) को मंजूरी मिली। बिहार उड्डयन संस्थान के प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण के लिए विमान किराए पर लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। गौरतलब है कि बिहार में वर्तमान में सीमित हवाई संपर्क है और ये परियोजनाएँ राज्य की कनेक्टिविटी में आमूल बदलाव ला सकती हैं।
शहरी विकास और जल प्रबंधन
शहरी विकास एवं आवास विभाग के तहत अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत हाजीपुर सीवरेज नेटवर्क तथा खगड़िया, सीतामढ़ी और समस्तीपुर में जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए 'नीति, बिहार-2026' को भी मंजूरी दी गई, जो जल संरक्षण की दिशा में एक नीतिगत कदम है।
गृह विभाग: महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्कूटर, जेल कर्मियों का मानदेय बढ़ा
कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर महिला पुलिस कर्मियों के लिए प्रस्तावित स्कूटी योजना में संशोधन करते हुए 1,500 स्कूटी के स्थान पर 1,500 स्कूटर खरीदने की स्वीकृति दी — जिनमें 1,000 पेट्रोल और 500 इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल होंगे। यह निर्णय महिला पुलिसकर्मियों की गतिशीलता और कार्यक्षमता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक सह-कक्षपाल का मासिक मानदेय ₹19,800 से बढ़ाकर ₹30,000 करने का निर्णय लिया गया। मृत बंदियों के आश्रितों को मुआवजा भुगतान के लिए एक नई नीति को भी स्वीकृति दी गई।
AI सेंटर और पंचायती राज में नई पहल
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव पर बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के गठन और उससे संबंधित प्रबंधन संरचना को मंजूरी दी गई। यह कदम राज्य को तकनीकी शासन में आगे ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। पंचायती राज अधिनियम के तहत नई नियमावली तथा ग्राम पंचायतों एवं जिला परिषदों के परिसीमन से संबंधित अधिसूचना प्रारूपों को भी स्वीकृति दी गई। इन फैसलों के क्रियान्वयन पर अब सभी की नज़रें होंगी।