15 जुलाई 2026
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धर्मस्थला केस: एसआईटी ने बेल्थांगडी अदालत में 7,000 पन्नों की अंतिम चार्जशीट दाखिल की, 255 गवाहों के बयान दर्ज

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धर्मस्थला केस: एसआईटी ने बेल्थांगडी अदालत में 7,000 पन्नों की अंतिम चार्जशीट दाखिल की, 255 गवाहों के बयान दर्ज

सारांश

धर्मस्थला सामूहिक दफनाने के मामले में एसआईटी ने 7,000 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट बेल्थांगडी अदालत में दाखिल की। 'मास्क मैन' चिन्नैया के विस्फोटक आरोप — ₹200 करोड़ की कथित साजिश, प्रकाश राज का नाम और जान से मारने की धमकी — इस मामले को कर्नाटक की सबसे पेचीदा न्यायिक जंग बना रहे हैं।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 15 जुलाई को बेल्थांगडी अदालत में 7,000 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट 12 खंडों में दाखिल की।
रिपोर्ट में 255 गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट और 4 टीबी वीडियो साक्ष्य शामिल हैं।
'मास्क मैन' चिन्नैया ने दावा किया कि धर्मस्थला को बदनाम करने की साजिश में उनका इस्तेमाल हुआ।
चिन्नैया के अनुसार, धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए कथित तौर पर ₹200 करोड़ की व्यवस्था की गई थी और उन्हें ₹50 लाख देने का वादा था।
याचिका में अभिनेता प्रकाश राज और गिरीश मट्टन्नावर का नाम लिया गया है; सभी आरोप अभी न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए।
चिन्नैया ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोपियों पर कार्रवाई की माँग की है।

कर्नाटक के चर्चित धर्मस्थला सामूहिक दफनाने के मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार, 15 जुलाई को बेल्थांगडी की अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। 7,000 पन्नों की यह रिपोर्ट 12 अलग-अलग खंडों में अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश शशांक नागेंद्र भट की अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें 255 गवाहों के बयान, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।

रिपोर्ट में क्या शामिल है

एसआईटी ने अदालत को 4 टीबी क्षमता की एक हार्ड डिस्क भी सौंपी, जिसमें गवाहों के वीडियो-रिकॉर्डेड बयान सुरक्षित हैं। जांच के दौरान ज़ब्त किए गए साक्ष्य — जिनमें कंकाल के अवशेष, हड्डियाँ, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री शामिल हैं — फोरेंसिक जांच के बाद अदालत को सुपुर्द कर दिए गए। यह रिपोर्ट इस मामले की जांच का आधिकारिक समापन बिंदु मानी जा रही है।

मुख्य आरोपी चिन्नैया का अदालत में आगमन

मामले के प्रमुख व्यक्ति माने जा रहे चिन्नैया, जिन्हें 'मास्क मैन' के नाम से भी जाना जाता है, अंतिम रिपोर्ट पेश किए जाने के दौरान अपनी पत्नी के साथ बेल्थांगडी अदालत में उपस्थित हुए। चिन्नैया ने दावा किया है कि धर्मस्थला — कर्नाटक का एक प्रमुख हिंदू तीर्थस्थल — को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश में उनका इस्तेमाल किया गया।

साजिश के गंभीर आरोप

चिन्नैया ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि धर्मस्थला के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए ₹200 करोड़ की व्यवस्था की गई थी और योजना सफल होने पर उन्हें ₹50 लाख देने का वादा किया गया था। उन्होंने अपनी याचिका में अभिनेता प्रकाश राज का नाम भी लिया है। याचिका के अनुसार, पुलिस में खोपड़ी मिलने की शिकायत दर्ज कराने के बाद चिन्नैया को केरल के एक रिसॉर्ट में ले जाया गया, जहाँ एक फोन कॉल के दौरान कथित तौर पर उनकी प्रकाश राज से बात कराई गई।

याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रकाश राज ने तमिल भाषा में बात करते हुए चिन्नैया को गिरीश मट्टन्नावर के निर्देश के अनुसार बयान देने को कहा। चिन्नैया ने आरोप लगाया कि उन्हें एसआईटी को कुछ खास स्थानों की जानकारी देने के लिए कहा गया और मना करने पर उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी गई। ये सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।

हाई कोर्ट में याचिका

चिन्नैया ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख करते हुए एसआईटी को जांच पूर्ण करने और कथित रूप से शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देने की माँग की है। गौरतलब है कि यह मामला धार्मिक संस्थाओं और राजनीतिक हस्तियों से जुड़े आरोपों के कारण राज्य में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे क्या होगा

अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब अदालत इस मामले में आगे की कार्यवाही तय करेगी। कर्नाटक उच्च न्यायालय में लंबित याचिका और एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर यह तय होगा कि किन व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए जाते हैं। यह मामला राज्य की न्यायिक प्रक्रिया की एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पन्नों की यह रिपोर्ट केवल एक जांच का समापन नहीं है — यह कर्नाटक की धार्मिक, राजनीतिक और न्यायिक संस्थाओं के लिए एक बड़ी परीक्षा की शुरुआत है। चिन्नैया के आरोप — चाहे सिद्ध हों या न हों — यह सवाल उठाते हैं कि क्या इस मामले की जांच किसी बाहरी दबाव से प्रभावित हुई। धर्मस्थला जैसे प्रतिष्ठित तीर्थस्थल के नाम को इस विवाद से जोड़ा जाना और ₹200 करोड़ की कथित साजिश का दावा — यह सब बताता है कि अदालती प्रक्रिया जितनी लंबी होगी, राजनीतिक दांव उतने ही ऊँचे रहेंगे। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर रिपोर्ट के आकार पर ध्यान देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अभियोजन पक्ष इन 7,000 पन्नों को एक ठोस, सिद्ध करने योग्य मामले में बदल पाएगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थला सामूहिक दफनाने का मामला क्या है?
यह कर्नाटक के धर्मस्थला तीर्थस्थल से जुड़ा एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिसमें सामूहिक दफनाने की जगह मिलने के बाद एसआईटी जांच शुरू हुई थी। इस मामले में कंकाल अवशेष, हड्डियाँ और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य ज़ब्त किए गए थे।
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में क्या है?
7,000 पन्नों की यह रिपोर्ट 12 खंडों में है और इसमें 255 गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट, ज़ब्त साक्ष्य और 4 टीबी वीडियो-रिकॉर्डेड बयान शामिल हैं। यह रिपोर्ट अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश शशांक नागेंद्र भट की अदालत में 15 जुलाई को दाखिल की गई।
'मास्क मैन' चिन्नैया कौन हैं और उन्होंने क्या आरोप लगाए हैं?
चिन्नैया इस मामले के प्रमुख व्यक्ति हैं, जिन्होंने पुलिस में खोपड़ी मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि धर्मस्थला को बदनाम करने की साजिश में उनका इस्तेमाल किया गया, धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए ₹200 करोड़ की व्यवस्था की गई थी और उन्हें ₹50 लाख देने का वादा था।
प्रकाश राज का इस मामले में क्या संबंध बताया गया है?
चिन्नैया की याचिका के अनुसार, केरल के एक रिसॉर्ट में उनकी कथित तौर पर अभिनेता प्रकाश राज से फोन पर बात कराई गई, जिन्होंने तमिल में बात करते हुए उन्हें गिरीश मट्टन्नावर के निर्देश पर बयान देने को कहा। ये आरोप अभी न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने के बाद बेल्थांगडी अदालत आगे की न्यायिक कार्यवाही तय करेगी। कर्नाटक उच्च न्यायालय में चिन्नैया की याचिका भी लंबित है, जिसमें आरोपियों पर कार्रवाई की माँग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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