28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धर्मस्थला खोपड़ी मामला: 'मास्क मैन' चिन्नैया का कर्नाटक हाईकोर्ट में दावा — साजिश में किया गया इस्तेमाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धर्मस्थला खोपड़ी मामला: 'मास्क मैन' चिन्नैया का कर्नाटक हाईकोर्ट में दावा — साजिश में किया गया इस्तेमाल

सारांश

धर्मस्थला खोपड़ी मामले में 'मास्क मैन' चिन्नैया का कर्नाटक हाईकोर्ट में बड़ा खुलासा — ₹200 करोड़ के कथित बजट, प्रकाश राज के नाम और जान से मारने की धमकियों के आरोप। यह मामला अब सिर्फ एक खोपड़ी की शिकायत नहीं, बल्कि एक प्रमुख तीर्थ स्थल को निशाना बनाने की कथित सुनियोजित साजिश बन चुका है।

मुख्य बातें

'मास्क मैन' चिन्नैया ने 12 जून 2026 को कर्नाटक हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर दावा किया कि उन्हें धर्मस्थला को बदनाम करने की साजिश में इस्तेमाल किया गया।
याचिका में कथित ₹200 करोड़ के बजट का उल्लेख है, जो कथित तौर पर धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए रखा गया था; चिन्नैया को सहयोग के बदले ₹50 लाख देने का वादा किया गया था।
याचिका में अभिनेता प्रकाश राज सहित कार्यकर्ता महेश शेट्टी तिमारोडी , गिरिश मट्टन्नावर , विट्ठल गौड़ा , जयंत और कई यूट्यूबरों के नाम शामिल हैं।
न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की पीठ ने गृह विभाग, मंगलुरु SP, SIT और धर्मस्थला थाने के SHO को नोटिस जारी किया; 29 जून तक जांच स्थिति रिपोर्ट माँगी।
चिन्नैया ने आरोप लगाया कि उन्हें पत्नी को नुकसान पहुँचाने और स्वयं को मारने-दफनाने की धमकियाँ दी गईं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन खुलासों के बाद धर्मस्थला प्रबंधन विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की संभावना है।

धर्मस्थला खोपड़ी विवाद में 12 जून 2026 को एक बड़ा मोड़ आया, जब इस मामले में पहले 'मास्क मैन' के नाम से चर्चित चिन्नैया ने कर्नाटक हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर दावा किया कि उन्हें कर्नाटक के प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल धर्मस्थला को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश में एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया। चिन्नैया ने विशेष जांच दल (SIT) से इस कथित षड्यंत्र में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

याचिका में क्या है

याचिका में चिन्नैया ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता महेश शेट्टी तिमारोडी, गिरिश मट्टन्नावर, विट्ठल गौड़ा, जयंत और यूट्यूबर समीर एम.डी., अजय तथा दिनेश ने धर्मस्थला के विरुद्ध अभियान चलाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बेंगलुरु में जयंत के घर ले जाया गया, जहाँ उन्हें एक मानव खोपड़ी थमाकर फोटो खिंचवाई गई, और इसके बाद एक वकील के दफ्तर में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए।

याचिका के अनुसार, चिन्नैया को केरल और तमिलनाडु के कई स्थानों पर ले जाया गया और समय-समय पर ₹5,000 से ₹15,000 तक दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूट्यूब चैनलों पर उनसे निर्देशित बयान बुलवाए गए और घर बनाने के लिए ₹5 लाख का चेक देने का वादा भी किया गया।

प्रकाश राज का नाम और ₹200 करोड़ का कथित बजट

याचिका में अभिनेता प्रकाश राज का नाम भी शामिल है। चिन्नैया ने दावा किया कि खोपड़ी से जुड़ी शिकायत पुलिस में दर्ज कराने के बाद उन्हें केरल के एक रिसॉर्ट में ले जाया गया, जहाँ उन्हें कथित तौर पर एक फोन दिया गया और प्रकाश राज से बात कराई गई। याचिका के अनुसार, प्रकाश राज ने तमिल में बात की और कथित रूप से कहा कि वे गिरिश मट्टन्नावर के निर्देशों के अनुसार बयान दें।

चिन्नैया ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बताया गया था कि धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए ₹200 करोड़ का बजट रखा गया था, और सहयोग करने पर उन्हें ₹50 लाख देने का वादा किया गया था।

धमकियों और दबाव के आरोप

चिन्नैया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तिमारोडी, मट्टन्नावर, विट्ठल गौड़ा, जयंत और यूट्यूबरों ने उन्हें SIT के सामने स्थान बताने के लिए कहा और धमकी दी कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनकी पत्नी को नुकसान पहुँचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे निर्देशों के अनुसार अदालत में बयान नहीं देते तो उन्हें मारने और दफनाने की धमकी दी गई।

गौरतलब है कि चिन्नैया ने स्वयं स्वीकार किया कि उन स्थानों पर कोई मानव अवशेष नहीं मिले, जहाँ उन्हें खुदाई के लिए निर्देशित किया गया था। याचिका के अनुसार, महेश शेट्टी तिमारोडी और गिरिश मट्टन्नावर ने उन्हें बंगलगुड्डा में खुदाई के लिए स्थान पहचानने के निर्देश इसलिए दिए ताकि सरकारी धन खर्च कराया जा सके।

हाईकोर्ट का नोटिस और SIT को निर्देश

न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में गृह विभाग, मंगलुरु के पुलिस अधीक्षक, SIT और धर्मस्थला पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को नोटिस जारी किया। अदालत ने सभी को 29 जून तक जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिन्नैया के इन आरोपों के बाद उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है जिन्होंने धर्मस्थला प्रबंधन के विरुद्ध आंदोलन और कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया था। यह मामला अब राज्य की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों पर गहरा असर डाल सकता है।

आगे क्या होगा

चिन्नैया ने कहा कि इस कथित साजिश से डरकर उन्होंने सच्चाई सामने लाने का फैसला किया और SIT के सामने बयान दिया। उन्होंने अदालत से माँग की है कि उनके आरोपों पर कार्रवाई की जाए और राज्य सरकार तथा SIT को आवश्यक निर्देश दिए जाएँ। अब 29 जून की सुनवाई तय करेगी कि इस पूरे प्रकरण में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल एक व्यक्ति के इस्तेमाल की कहानी नहीं — बल्कि एक धार्मिक संस्था को निशाना बनाने के लिए न्यायिक और मीडिया तंत्र के कथित दुरुपयोग का मामला है। ₹200 करोड़ के कथित बजट और एक जाने-माने अभिनेता के नाम का उल्लेख इसे राज्य की राजनीति से जोड़ता है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, यह भी ध्यान देना ज़रूरी है कि ये सभी दावे अभी तक केवल एक याचिका में हैं — अदालत में सिद्ध नहीं हुए। मुख्यधारा की कवरेज इस संतुलन को अक्सर चूक जाती है, और एकतरफा आरोपों को तथ्य की तरह पेश करने से मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थला खोपड़ी मामला क्या है और 'मास्क मैन' कौन हैं?
धर्मस्थला खोपड़ी मामला कर्नाटक के प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल धर्मस्थला से जुड़ा एक विवाद है, जिसमें मानव अवशेषों की शिकायत दर्ज कराई गई थी। 'मास्क मैन' के नाम से चर्चित चिन्नैया वही व्यक्ति हैं जिन्होंने पहले इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी और अब दावा कर रहे हैं कि उन्हें धर्मस्थला को बदनाम करने की साजिश में इस्तेमाल किया गया।
चिन्नैया ने कर्नाटक हाईकोर्ट में क्या माँग की है?
चिन्नैया ने कर्नाटक हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर SIT से जांच पूरी कर कथित रूप से शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की माँग की है। उन्होंने राज्य सरकार और SIT को आवश्यक निर्देश देने की भी अपील की है।
याचिका में अभिनेता प्रकाश राज का नाम क्यों आया?
चिन्नैया ने दावा किया कि खोपड़ी शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें केरल के एक रिसॉर्ट में ले जाया गया, जहाँ उन्हें कथित तौर पर प्रकाश राज से फोन पर बात कराई गई। याचिका के अनुसार, प्रकाश राज ने तमिल में कहा कि वे गिरिश मट्टन्नावर के निर्देशों के अनुसार बयान दें — हालाँकि ये आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की अध्यक्षता वाली पीठ ने गृह विभाग, मंगलुरु के पुलिस अधीक्षक, SIT और धर्मस्थला पुलिस स्टेशन के SHO को नोटिस जारी किया है। सभी को 29 जून 2026 तक जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
29 जून की सुनवाई में SIT और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत आगे की दिशा तय करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिन्नैया के खुलासों के बाद धर्मस्थला प्रबंधन विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले