भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बिहार CM सम्राट चौधरी की उच्चस्तरीय समीक्षा, तस्करी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

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भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बिहार CM सम्राट चौधरी की उच्चस्तरीय समीक्षा, तस्करी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ही दिन में दो मोर्चों पर बड़ी बैठकें कीं — भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और नकली मुद्रा के खिलाफ कड़ी निगरानी के निर्देश, और दरभंगा को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने समेत राज्यभर में हवाई संपर्क विस्तार की योजना।

मुख्य बातें

बिहार CM सम्राट चौधरी ने 19 मई को पटना में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा और नागरिक उड्डयन पर दो उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की।
सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी , नकली मुद्रा और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 26-27 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की।
दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे समेत कई नई परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, वाल्मीकिनगर, सहरसा, बीरपुर और फोर्ब्सगंज में हवाई अड्डों के विकास व उन्नयन के प्रस्ताव शामिल।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 19 मई को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में दो अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की — पहली भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर और दूसरी राज्य में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विस्तार पर। सीमा बैठक में उन्होंने भारत-नेपाल सीमा को 'अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र' करार देते हुए निगरानी में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।

सीमा सुरक्षा समीक्षा: मुख्य निर्देश

'संवाद' सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी कि इससे पहले 26-27 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। उन्होंने उस बैठक में जारी निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए — सीमा पर निगरानी एवं सुरक्षा अवसंरचना को मज़बूत करना, उन्नत तकनीक से निगरानी गतिविधियाँ संचालित करना, नशीले पदार्थों की तस्करी और नकली मुद्रा के प्रवाह पर नकेल कसना, और सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करना। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे।

क्यों मायने रखती है यह समीक्षा

यह ऐसे समय में आई है जब भारत-नेपाल सीमा पर ड्रग तस्करी और नकली मुद्रा के मामलों में वृद्धि की रिपोर्टें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि बिहार की नेपाल के साथ लगभग 601 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो कई ज़िलों से होकर गुज़रती है और परंपरागत रूप से खुली सीमा होने के कारण निगरानी की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। फरवरी की केंद्रीय स्तर की बैठक के बाद राज्य स्तर पर यह समीक्षा केंद्र-राज्य समन्वय को दर्शाती है।

नागरिक उड्डयन विस्तार: बड़े प्रस्ताव

'संकल्प' सभागार में आयोजित दूसरी बैठक में मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और बिहार के नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों के साथ विमानन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने प्रमुख पहलों पर प्रस्तुति दी, जिनमें हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण, हवाई संपर्क का विस्तार और उड़ान योजना का कार्यान्वयन शामिल रहे।

वरिष्ठ अधिकारी समीर कुमार सिन्हा ने पटना हवाई अड्डे पर रनवे विस्तार और क्षमता वृद्धि के सुझाव दिए। बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई, वे इस प्रकार हैं — पटना हवाई अड्डे के रनवे का विस्तार एवं क्षमता वृद्धि, दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना, पूर्णिया हवाई अड्डे पर स्थायी नागरिक एन्क्लेव, और मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, सहरसा एवं बीरपुर में हवाई अड्डों का विकास। इसके अलावा फोर्ब्सगंज हवाई अड्डे का उन्नयन और उड़ान योजना के तहत अधिक हवाई अड्डों को शामिल करने पर भी विचार किया गया।

आम जनता पर असर

यदि ये विमानन प्रस्ताव अमल में आते हैं, तो बिहार के दूरदराज़ के ज़िलों में हवाई संपर्क बेहतर होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोज़गार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दरभंगा को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों को विशेष लाभ होगा।

आगे क्या

सीमा सुरक्षा निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी राज्य प्रशासन करेगा, जबकि विमानन परियोजनाओं के लिए केंद्र-राज्य समन्वय अगले चरण में अपेक्षित है। मुख्यमंत्री की इन दोनों बैठकों से स्पष्ट है कि बिहार सरकार सीमा सुरक्षा और बुनियादी अवसंरचना — दोनों मोर्चों पर एक साथ सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर 'उन्नत तकनीक' और 'कड़ी निगरानी' के वादे नए नहीं हैं — असली सवाल यह है कि ज़मीनी स्तर पर बल और संसाधनों की तैनाती कहाँ तक पहुँची है। विमानन प्रस्तावों की लंबी सूची महत्वाकांक्षी है, लेकिन दरभंगा को अंतरराष्ट्रीय दर्जा और ग्रीनफील्ड परियोजनाएँ वर्षों से चर्चा में हैं — इनके क्रियान्वयन की समयसीमा और केंद्रीय स्वीकृति की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार CM सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा बैठक में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सीमा पर निगरानी अवसंरचना मज़बूत करने, उन्नत तकनीक का उपयोग करने, नशीले पदार्थों की तस्करी और नकली मुद्रा पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा कब मिलेगा?
19 मई की बैठक में दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने का प्रस्ताव चर्चा में शामिल था, लेकिन इसकी कोई निश्चित समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। यह केंद्र सरकार की स्वीकृति और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा।
बिहार में किन नए हवाई अड्डों के विकास पर विचार हो रहा है?
बैठक में पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, पूर्णिया में स्थायी नागरिक एन्क्लेव, और मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, सहरसा, बीरपुर व फोर्ब्सगंज में हवाई अड्डों के विकास व उन्नयन के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। ये सभी प्रस्ताव अभी समीक्षा के चरण में हैं।
फरवरी में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई सीमा बैठक का बिहार की समीक्षा से क्या संबंध है?
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 26-27 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय बैठक में जारी निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की। 19 मई की राज्य स्तरीय समीक्षा उन्हीं केंद्रीय निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी का हिस्सा है।
उड़ान योजना से बिहार को क्या फायदा होगा?
उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत अधिक हवाई अड्डों को शामिल करने से बिहार के छोटे शहरों में किफायती हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इससे दूरदराज़ के ज़िलों में व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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