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NIA ने 14 राज्यों में 203 गिरफ्तारियाँ कीं, रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर बोले — पाकिस्तान खुद टूटने की कगार पर

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NIA ने 14 राज्यों में 203 गिरफ्तारियाँ कीं, रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर बोले — पाकिस्तान खुद टूटने की कगार पर

सारांश

NIA ने 14 राज्यों में ISI-समर्थित शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क के 203 सदस्यों को दबोचा — और रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर का सीधा संदेश: पाकिस्तान कश्मीर को नहीं पा सका, लेकिन अब वह खुद अपने ही लोगों के हाथों बिखरने की राह पर है।

मुख्य बातें

NIA ने 14 राज्यों में कथित ISI -समर्थित शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क के 203 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार संदिग्ध कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (TTP) और गजवा-ए-हिंद के लिए काम कर रहे थे।
रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर के अनुसार पाकिस्तान हर वर्ष 15 अगस्त से पहले भारत में आतंकी घटना की कोशिश करता है, जो इस बार नाकाम रही।
बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को स्वतंत्रता की घोषणा की; POK के लोग भारत के साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
गौर ने कहा कि लाल चौक , जम्मू-कश्मीर में अब खुलकर तिरंगा फहराया जा रहा है — जो जमीनी बदलाव का संकेत है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने स्वतंत्रता दिवस से पहले कथित आईएसआई-समर्थित आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 14 राज्यों में 203 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल गौर ने कहा कि पाकिस्तान स्वयं आंतरिक विघटन की कगार पर खड़ा है और उसका अस्तित्व उसके अपने लोगों से ही खतरे में है।

NIA की कार्रवाई और आतंकी नेटवर्क

सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल गौर ने बताया कि NIA ने जाँच के दौरान एक-एक कड़ी जोड़ते हुए यह नेटवर्क उजागर किया। उनके अनुसार, 'तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (TTP)' और 'गजवा-ए-हिंद' के तहत काम करने वाले ये सभी ऑपरेटिव्स स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत में अशांति फैलाने की योजना में शामिल थे।

उन्होंने कहा, "एनआईए ने पूरी छानबीन करके एक-एक कड़ी जोड़ी और 14 राज्यों में से 203 लोगों को गिरफ्तार किया। मुझे उन पर बहुत गर्व है।"

15 अगस्त से पहले आतंकी साजिश की कोशिश

गौर के अनुसार पाकिस्तान हर वर्ष 15 अगस्त से पहले किसी न किसी आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि इस बार कश्मीर घाटी में बड़ी वारदात करने में पाकिस्तान नाकाम रहा, हालाँकि उसने प्रयास अवश्य किए।

उन्होंने एक पुलिसकर्मी और दो मजदूरों की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएँ उसी बड़ी साजिश का हिस्सा थीं। उनके अनुसार, आईएसआई चाहती है कि भारत में कोई बड़ी घटना हो जिससे पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव कम हो और ध्यान भारत की ओर मुड़ जाए।

पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति

रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि पाकिस्तान की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वह जिस कश्मीर को पाकिस्तान बनाने का सपना देख रहा था, वह तो नहीं बना — लेकिन अब पाकिस्तान खुद उस कगार पर आ गया है जहाँ उसका नामोनिशान मिटने का खतरा है। उन्होंने कहा, "यह काम कोई और नहीं करने वाला, उनके अंदर के लोग ही उसे मिटाने में लगे हैं।"

उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लोग भारत के साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा, पेशावर और इमरान खान के समर्थक भी पाकिस्तानी सत्ता-प्रतिष्ठान के विरुद्ध हैं।

कश्मीर में बदला माहौल

गौर ने कहा कि एक समय था जब जम्मू-कश्मीर के लाल चौक के घंटाघर पर तिरंगा फहराने से लोग भय खाते थे, लेकिन आज वहाँ खुलकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया जा रहा है — यह बदलाव जमीनी स्थिति में आए सुधार का प्रमाण है।

आगे क्या

NIA की यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आंतरिक विखंडन झेल रहे पाकिस्तान द्वारा भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिशें आगे भी जारी रह सकती हैं, और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क को पनपने का मौका कैसे मिला — और क्या इसकी जड़ें अभी भी बाकी हैं। रक्षा विशेषज्ञों का 'पाकिस्तान टूटने की कगार पर है' वाला आकलन वर्षों से दोहराया जाता रहा है; बलूचिस्तान और POK की स्थिति गंभीर है, पर 'नामोनिशान मिटने' जैसे दावे सत्यापन माँगते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि ISI की रणनीति — ध्यान भटकाने के लिए भारत में अस्थिरता — तब तक काम करती रहेगी जब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को जवाबदेह नहीं ठहराता।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NIA ने किस आतंकी नेटवर्क के खिलाफ यह कार्रवाई की?
NIA ने कथित ISI-समर्थित आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें 14 राज्यों से 203 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। ये संदिग्ध कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान (TTP) और गजवा-ए-हिंद के लिए काम कर रहे थे।
रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल गौर ने कहा कि पाकिस्तान आंतरिक विघटन की कगार पर है और उसका अस्तित्व उसके अपने लोगों से खतरे में है। उन्होंने बलूचिस्तान की स्वतंत्रता घोषणा और POK के लोगों की भारत के साथ जुड़ने की इच्छा को इसके प्रमाण के रूप में उद्धृत किया।
बलूचिस्तान ने आजादी की घोषणा कब की?
रक्षा विशेषज्ञ अनिल गौर के अनुसार बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। यह पाकिस्तान के भीतर बढ़ते आंतरिक असंतोष का हिस्सा बताया जा रहा है।
ISI भारत में अस्थिरता क्यों फैलाना चाहती है?
अनिल गौर के अनुसार ISI चाहती है कि भारत में कोई बड़ी घटना हो जिससे पाकिस्तान पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव कम हो और वैश्विक ध्यान भारत की ओर मुड़ जाए। उनका कहना है कि यह रणनीति पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में क्या बदलाव आया है?
गौर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लाल चौक के घंटाघर पर तिरंगा फहराने से लोग एक समय भय खाते थे, लेकिन अब वहाँ खुलकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया जा रहा है। यह जमीनी स्तर पर आए सुरक्षा सुधार का संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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