शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त: 200+ गिरफ्तारियों के बाद भर्ती गतिविधियाँ ठप, ISI को बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
शहजाद भट्टी नेटवर्क को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने करारा झटका दिया है — 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले चलाए गए एक बड़े अभियान में नेटवर्क के कई मॉड्यूल ध्वस्त कर दिए गए और 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने पिछले सप्ताह इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में भर्ती करने वाले इस नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया गया है।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों के अनुसार, यह आईएसआई समर्थित नेटवर्क हाल के वर्षों में अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान था। नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य देशभर में सैकड़ों छोटे-छोटे मॉड्यूल स्थापित कर एक विशाल जाल बिछाना था।
अधिकारियों के अनुसार, युवाओं को प्रसिद्धि, हथियार और मामूली धनराशि का लालच देकर भर्ती किया जाता था। भर्ती होने के बाद इन युवाओं से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुपारी किलिंग, छोटी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का काम कराया जाता था।
मुख्य घटनाक्रम
IB अधिकारी के अनुसार, भट्टी धीरे-धीरे अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा था और उसे कई महीनों तक सफलता भी मिली। वह युवाओं को ताकतवर और मशहूर बनने का सपना दिखाता था, जिससे उसे बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुँच बनाने में कामयाबी मिली।
गौरतलब है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से न केवल नेटवर्क के मॉड्यूल ध्वस्त हुए, बल्कि इसकी ऑनलाइन भर्ती गतिविधियाँ भी काफी धीमी पड़ गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब कई युवा नेटवर्क के उद्देश्यों पर सवाल उठा रहे हैं और उसके प्रस्तावों को ठुकरा रहे हैं।
भट्टी की प्रतिक्रिया
कथित तौर पर भट्टी ने भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई को गलत साबित करने की कोशिश की है। उसने दावा किया कि उसके द्वारा भर्ती किए गए सभी 3,000 युवक अभी भी उसके साथ हैं और सरकार ने झूठे आँकड़े पेश किए हैं। उसने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है, क्या वे वास्तव में उसके नेटवर्क का हिस्सा थे।
हालाँकि, IB अधिकारियों का कहना है कि भट्टी की ऐसी प्रतिक्रिया अपेक्षित थी। अधिकारियों के अनुसार, वह अपने समर्थकों के सामने मजबूत दिखने और एक वैकल्पिक कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसे एहसास हो गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया पहले जैसी आसान नहीं रहेगी।
एजेंसियों की आगे की रणनीति
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, भट्टी और आईएसआई भविष्य में गतिविधियाँ दोबारा शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। जाँच और बड़े मॉड्यूलों के भंडाफोड़ के अलावा, एजेंसियाँ युवाओं को ऐसे नेटवर्क से जुड़ने के खतरों के बारे में जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भट्टी नेटवर्क के मनोबल को तोड़ना और युवाओं के बीच सतर्कता पैदा करना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में एजेंसियाँ इस नेटवर्क के शेष कड़ियों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने का प्रयास जारी रखेंगी।