21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त: 200+ गिरफ्तारियों के बाद भर्ती गतिविधियाँ ठप, ISI को बड़ा झटका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त: 200+ गिरफ्तारियों के बाद भर्ती गतिविधियाँ ठप, ISI को बड़ा झटका

सारांश

स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय एजेंसियों ने आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के कई मॉड्यूल ध्वस्त कर 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फाँसने वाला यह नेटवर्क अब मनोबल के संकट में है — और भट्टी की सफाई को युवा नकार रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री ने पिछले सप्ताह पुष्टि की कि शहजाद भट्टी नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया गया है।
80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले चलाए गए अभियान में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नेटवर्क आईएसआई समर्थित था और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रसिद्धि, हथियार और धन का लालच देकर भर्ती करता था।
भट्टी ने दावा किया कि उसके 3,000 युवक अभी भी उसके साथ हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे नेटवर्क बचाने की कोशिश बताया।
एजेंसियाँ जाँच के साथ-साथ युवाओं में जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।

शहजाद भट्टी नेटवर्क को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने करारा झटका दिया है — 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले चलाए गए एक बड़े अभियान में नेटवर्क के कई मॉड्यूल ध्वस्त कर दिए गए और 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने पिछले सप्ताह इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में भर्ती करने वाले इस नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया गया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों के अनुसार, यह आईएसआई समर्थित नेटवर्क हाल के वर्षों में अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान था। नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य देशभर में सैकड़ों छोटे-छोटे मॉड्यूल स्थापित कर एक विशाल जाल बिछाना था।

अधिकारियों के अनुसार, युवाओं को प्रसिद्धि, हथियार और मामूली धनराशि का लालच देकर भर्ती किया जाता था। भर्ती होने के बाद इन युवाओं से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुपारी किलिंग, छोटी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का काम कराया जाता था।

मुख्य घटनाक्रम

IB अधिकारी के अनुसार, भट्टी धीरे-धीरे अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा था और उसे कई महीनों तक सफलता भी मिली। वह युवाओं को ताकतवर और मशहूर बनने का सपना दिखाता था, जिससे उसे बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुँच बनाने में कामयाबी मिली।

गौरतलब है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से न केवल नेटवर्क के मॉड्यूल ध्वस्त हुए, बल्कि इसकी ऑनलाइन भर्ती गतिविधियाँ भी काफी धीमी पड़ गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब कई युवा नेटवर्क के उद्देश्यों पर सवाल उठा रहे हैं और उसके प्रस्तावों को ठुकरा रहे हैं।

भट्टी की प्रतिक्रिया

कथित तौर पर भट्टी ने भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई को गलत साबित करने की कोशिश की है। उसने दावा किया कि उसके द्वारा भर्ती किए गए सभी 3,000 युवक अभी भी उसके साथ हैं और सरकार ने झूठे आँकड़े पेश किए हैं। उसने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है, क्या वे वास्तव में उसके नेटवर्क का हिस्सा थे।

हालाँकि, IB अधिकारियों का कहना है कि भट्टी की ऐसी प्रतिक्रिया अपेक्षित थी। अधिकारियों के अनुसार, वह अपने समर्थकों के सामने मजबूत दिखने और एक वैकल्पिक कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसे एहसास हो गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया पहले जैसी आसान नहीं रहेगी।

एजेंसियों की आगे की रणनीति

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, भट्टी और आईएसआई भविष्य में गतिविधियाँ दोबारा शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। जाँच और बड़े मॉड्यूलों के भंडाफोड़ के अलावा, एजेंसियाँ युवाओं को ऐसे नेटवर्क से जुड़ने के खतरों के बारे में जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भट्टी नेटवर्क के मनोबल को तोड़ना और युवाओं के बीच सतर्कता पैदा करना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में एजेंसियाँ इस नेटवर्क के शेष कड़ियों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने का प्रयास जारी रखेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सोशल मीडिया-आधारित भर्ती के खिलाफ दीर्घकालिक रणनीति क्या है — क्योंकि एक मॉड्यूल के ध्वस्त होने के बाद दूसरा उभर सकता है। युवाओं को लालच देकर आपराधिक गतिविधियों में झोंकने का यह मॉडल नया नहीं है, लेकिन डिजिटल माध्यमों ने इसकी पहुँच और गति दोनों को कई गुना बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने जागरूकता अभियान का उल्लेख किया है, परंतु इसके ठोस स्वरूप और बजट का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। जब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वित निगरानी तंत्र नहीं बनता, तब तक ऐसी कार्रवाइयाँ प्रतिक्रियात्मक ही रहेंगी — निवारक नहीं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद भट्टी नेटवर्क क्या है और यह कैसे काम करता था?
शहजाद भट्टी नेटवर्क एक आईएसआई समर्थित आतंकी भर्ती तंत्र था जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रसिद्धि, हथियार और धन का लालच देकर भर्ती करता था। भर्ती हुए युवाओं से सीसीटीवी निगरानी, सुपारी किलिंग और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियाँ कराई जाती थीं।
भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले चलाए गए अभियान में नेटवर्क के कई मॉड्यूल ध्वस्त कर 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने पिछले सप्ताह इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की।
क्या भट्टी नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो सकता है?
अधिकारियों के अनुसार, भट्टी और आईएसआई भविष्य में गतिविधियाँ पुनः शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। नेटवर्क का मनोबल काफी प्रभावित हुआ है और एजेंसियाँ शेष कड़ियों की पहचान जारी रखे हुए हैं।
भट्टी ने गिरफ्तारियों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कथित तौर पर भट्टी ने दावा किया कि उसके 3,000 भर्ती युवक अभी भी उसके साथ हैं और सरकार ने झूठे आँकड़े पेश किए हैं। अधिकारियों ने इसे भट्टी की वैकल्पिक कहानी गढ़ने की कोशिश बताया, जिसे युवा नकार रहे हैं।
एजेंसियाँ युवाओं को इस नेटवर्क से कैसे बचा रही हैं?
जाँच और मॉड्यूल भंडाफोड़ के अलावा, इंटेलिजेंस ब्यूरो सहित एजेंसियाँ युवाओं को ऐसे नेटवर्क से जुड़ने के खतरों के बारे में जागरूकता अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क के उद्देश्यों के प्रति युवाओं में बढ़ती सतर्कता को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले