आईएसआई नेटवर्क में अजमल गुज्जर की बढ़ती भूमिका पर एजेंसियों की चेतावनी, पैसे से चलता है भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट
सारांश
मुख्य बातें
सुरक्षा एजेंसियों ने 17 जून 2026 को खुलासा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने भारत में हमले कराने के लिए गैंगस्टरों का एक सुगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया है, जिसमें अजमल गुज्जर और शहजाद भट्टी की केंद्रीय भूमिका बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह सिंडिकेट विचारधारा नहीं, बल्कि पैसे के बल पर युवाओं को भर्ती करता है।
नेटवर्क की संरचना और भूमिकाएँ
अधिकारियों का कहना है कि शहजाद भट्टी इस नेटवर्क की योजना बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने का काम संभालता है, जबकि उसका करीबी साथी अजमल गुज्जर पाकिस्तान से बैठकर तस्करी नेटवर्क की कमान चलाता है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, गुज्जर आईएसआई के निर्देशन में काम करता है और उसे भट्टी की सहायता के लिए नेटवर्क में शामिल किया गया था।
भट्टी आईएसआई से जुड़ने से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रह चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, वह अपने इस अनुभव का इस्तेमाल युवाओं को भर्ती करने के लिए करता है — उन्हें शोहरत और पैसे का प्रलोभन देकर। दूसरी ओर, गुज्जर हथियार और गोला-बारूद की तस्करी की देखरेख करता है।
मंगलवार को दिल्ली में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल भी भट्टी और गुज्जर के निर्देशन में काम कर रहा था — ठीक उसी तरह जैसे मई में पकड़ा गया मॉड्यूल। सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि पिछले कुछ महीनों में गुज्जर की गतिविधियाँ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं।
हथियार तस्करी और ड्रोन का इस्तेमाल
एक अधिकारी ने बताया कि गुज्जर पाकिस्तान से भारत में हथियार भेजने की कोशिश करता है। हालाँकि सीधी तस्करी कठिन है, लेकिन वह देश के अंदर अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का इस्तेमाल करके भट्टी द्वारा भर्ती किए गए युवाओं तक हथियार पहुँचाने में कामयाब रहा है। इस नेटवर्क ने ड्रोन के ज़रिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने की भी कई कोशिशें की हैं। अधिकारियों के अनुसार, ज़्यादातर ड्रॉप-ऑफ पंजाब बॉर्डर पर दर्ज किए गए हैं।
20 से ज़्यादा मॉड्यूल बनाने की योजना
एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि भट्टी और गुज्जर दिल्ली और उसके आसपास कई मॉड्यूल बनाने में पहले ही कामयाब हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज़्यादा अलग-अलग मॉड्यूल तैयार करने की योजना बनाई है, ताकि यदि कुछ मॉड्यूल पकड़े भी जाएँ तो ऑपरेशन जारी रहे। एक अधिकारी ने कहा कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत कठिन कार्य है।
विचारधारा नहीं, पैसा है असली हथियार
अधिकारियों के अनुसार, भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट धर्म या विचारधारा के आधार पर भर्ती नहीं करता। भर्ती से पहले, भट्टी और उसकी टीम सोशल मीडिया पर संभावित उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति का अध्ययन करती है, फिर उन्हें पहले पैसे देती है और बाद में काम बताती है। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'विचारधारा से ऊपर पैसा है, और भर्ती करते समय धर्म कोई कारक नहीं।'
इस नेटवर्क के निशाने पर टारगेटेड किलिंग और भीड़-भाड़ वाली जगहों — जैसे मंदिरों — में बड़े पैमाने पर गोलीबारी जैसे हमले शामिल हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि आईएसआई इन दोनों पर दबाव डाल रही है कि वे भारत में एक बड़ा घरेलू आतंकी नेटवर्क खड़ा करें — ताकि हमलों के तार पाकिस्तान से न जुड़ सकें। यह स्थिति भारतीय सुरक्षा तंत्र के लिए आने वाले समय में गंभीर चुनौती बन सकती है।