10 अगस्त 2026
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आईएसआई नेटवर्क में अजमल गुज्जर की बढ़ती भूमिका पर एजेंसियों की चेतावनी, पैसे से चलता है भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट

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आईएसआई नेटवर्क में अजमल गुज्जर की बढ़ती भूमिका पर एजेंसियों की चेतावनी, पैसे से चलता है भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट

सारांश

भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट सिर्फ एक आतंकी जोड़ी नहीं — यह एक कॉर्पोरेट-स्टाइल ऑपरेशन है जो पैसे से चलता है, धर्म से नहीं। देशभर में 20+ मॉड्यूल बनाने की योजना और दिल्ली में सात गिरफ्तारियाँ बताती हैं कि आईएसआई की रणनीति अब 'मेड इन इंडिया' आतंक की ओर मुड़ चुकी है।

मुख्य बातें

सुरक्षा एजेंसियों ने 17 जून 2026 को खुलासा किया कि आईएसआई ने भारत में हमलों के लिए गैंगस्टर नेटवर्क तैयार किया है।
शहजाद भट्टी योजना और सोशल मीडिया ऑपरेशन संभालता है; अजमल गुज्जर पाकिस्तान से हथियार तस्करी की कमान चलाता है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मंगलवार को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर सात लोगों को गिरफ्तार किया।
सिंडिकेट देश के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज़्यादा मॉड्यूल बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
भर्ती विचारधारा या धर्म पर नहीं, बल्कि पैसे के प्रलोभन पर आधारित है।
नेटवर्क ने पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन से हथियार और नशीले पदार्थ गिराने की कई कोशिशें की हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने 17 जून 2026 को खुलासा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने भारत में हमले कराने के लिए गैंगस्टरों का एक सुगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया है, जिसमें अजमल गुज्जर और शहजाद भट्टी की केंद्रीय भूमिका बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह सिंडिकेट विचारधारा नहीं, बल्कि पैसे के बल पर युवाओं को भर्ती करता है।

नेटवर्क की संरचना और भूमिकाएँ

अधिकारियों का कहना है कि शहजाद भट्टी इस नेटवर्क की योजना बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने का काम संभालता है, जबकि उसका करीबी साथी अजमल गुज्जर पाकिस्तान से बैठकर तस्करी नेटवर्क की कमान चलाता है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, गुज्जर आईएसआई के निर्देशन में काम करता है और उसे भट्टी की सहायता के लिए नेटवर्क में शामिल किया गया था।

भट्टी आईएसआई से जुड़ने से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रह चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, वह अपने इस अनुभव का इस्तेमाल युवाओं को भर्ती करने के लिए करता है — उन्हें शोहरत और पैसे का प्रलोभन देकर। दूसरी ओर, गुज्जर हथियार और गोला-बारूद की तस्करी की देखरेख करता है।

मंगलवार को दिल्ली में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल भी भट्टी और गुज्जर के निर्देशन में काम कर रहा था — ठीक उसी तरह जैसे मई में पकड़ा गया मॉड्यूल। सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि पिछले कुछ महीनों में गुज्जर की गतिविधियाँ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं।

हथियार तस्करी और ड्रोन का इस्तेमाल

एक अधिकारी ने बताया कि गुज्जर पाकिस्तान से भारत में हथियार भेजने की कोशिश करता है। हालाँकि सीधी तस्करी कठिन है, लेकिन वह देश के अंदर अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का इस्तेमाल करके भट्टी द्वारा भर्ती किए गए युवाओं तक हथियार पहुँचाने में कामयाब रहा है। इस नेटवर्क ने ड्रोन के ज़रिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने की भी कई कोशिशें की हैं। अधिकारियों के अनुसार, ज़्यादातर ड्रॉप-ऑफ पंजाब बॉर्डर पर दर्ज किए गए हैं।

20 से ज़्यादा मॉड्यूल बनाने की योजना

एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि भट्टी और गुज्जर दिल्ली और उसके आसपास कई मॉड्यूल बनाने में पहले ही कामयाब हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज़्यादा अलग-अलग मॉड्यूल तैयार करने की योजना बनाई है, ताकि यदि कुछ मॉड्यूल पकड़े भी जाएँ तो ऑपरेशन जारी रहे। एक अधिकारी ने कहा कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत कठिन कार्य है।

विचारधारा नहीं, पैसा है असली हथियार

अधिकारियों के अनुसार, भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट धर्म या विचारधारा के आधार पर भर्ती नहीं करता। भर्ती से पहले, भट्टी और उसकी टीम सोशल मीडिया पर संभावित उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति का अध्ययन करती है, फिर उन्हें पहले पैसे देती है और बाद में काम बताती है। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'विचारधारा से ऊपर पैसा है, और भर्ती करते समय धर्म कोई कारक नहीं।'

इस नेटवर्क के निशाने पर टारगेटेड किलिंग और भीड़-भाड़ वाली जगहों — जैसे मंदिरों — में बड़े पैमाने पर गोलीबारी जैसे हमले शामिल हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि आईएसआई इन दोनों पर दबाव डाल रही है कि वे भारत में एक बड़ा घरेलू आतंकी नेटवर्क खड़ा करें — ताकि हमलों के तार पाकिस्तान से न जुड़ सकें। यह स्थिति भारतीय सुरक्षा तंत्र के लिए आने वाले समय में गंभीर चुनौती बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं — इस नेटवर्क की फंडिंग और पाकिस्तान स्थित नोड्स को काटना ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमल गुज्जर और शहजाद भट्टी कौन हैं और आईएसआई नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका है?
अधिकारियों के अनुसार, शहजाद भट्टी पूर्व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है जो आईएसआई के निर्देशन में भारत में हमलों की योजना बनाता है और युवाओं की ऑनलाइन भर्ती करता है। अजमल गुज्जर पाकिस्तान से बैठकर हथियार और गोला-बारूद की तस्करी की कमान संभालता है।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को किस टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल भट्टी और गुज्जर के निर्देशन में काम कर रहा था, ठीक उसी तरह जैसे मई में पकड़ा गया मॉड्यूल।
भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट युवाओं को कैसे भर्ती करता है?
यह सिंडिकेट विचारधारा या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि पैसे के प्रलोभन पर भर्ती करता है। भट्टी की टीम सोशल मीडिया पर आर्थिक रूप से कमज़ोर युवाओं की पहचान करती है, उन्हें पहले भुगतान करती है और फिर काम बताती है।
इस नेटवर्क में ड्रोन का इस्तेमाल कैसे हो रहा है?
अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क ने ड्रोन के ज़रिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने की कई कोशिशें की हैं। ज़्यादातर ड्रॉप-ऑफ पंजाब बॉर्डर पर दर्ज किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क को खत्म करना क्यों मुश्किल है?
अधिकारियों के अनुसार, भट्टी और गुज्जर ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज़्यादा स्वतंत्र मॉड्यूल बनाने की योजना बनाई है, ताकि कुछ मॉड्यूल पकड़े जाने पर भी ऑपरेशन जारी रहे। यह रिडंडेंट संरचना पूरे नेटवर्क को एक साथ नष्ट करना अत्यंत कठिन बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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