24 अगस्त 2026
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धार में कांवड़ यात्रियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से गिरी, 20 घायल; 2 इंदौर रेफर

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धार में कांवड़ यात्रियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से गिरी, 20 घायल; 2 इंदौर रेफर

सारांश

सावन के आखिरी सोमवार को धार में नर्मदा जल लेने जा रहे कांवड़ यात्रियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली स्टीयरिंग फेल होने से पुल से नीचे गिर गई। 30 में से 20 श्रद्धालु घायल हुए, 6-7 की हालत गंभीर, कुछ इंदौर रेफर।

मुख्य बातें

24 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के धार जिले में कांवड़ यात्रियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से नीचे गिरी।
हादसे के समय ट्रॉली में करीब 30 श्रद्धालु सवार थे; 20 घायल हुए।
6 से 7 मरीजों की हालत गंभीर, सिर, कमर, हाथ और पेट में चोटें — बड़वानी जिला अस्पताल के डॉ.
गंभीर रूप से घायल कुछ श्रद्धालुओं को इंदौर रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार पुल पर स्टीयरिंग फेल होने से चालक का नियंत्रण छूट गया; जाँच जारी।
हादसा कड़मल गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर, निसारपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुआ।

मध्य प्रदेश के धार जिले में 24 अगस्त 2026 को सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में कांवड़ यात्रियों को ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से नीचे गिर गई, जिससे करीब 20 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों में से 6-7 की हालत गंभीर बताई जा रही है और कुछ को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

पवित्र सावन महीने के चौथे और अंतिम सोमवार को कांवड़ यात्रा के तहत श्रद्धालु पुराने चिखलदा के पास नर्मदा नदी से जल लेने जा रहे थे। यह हादसा कुक्षी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली निसारपुर पुलिस चौकी के इलाके में कड़मल गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर एक पुल पर हुआ।

पुलिस के अनुसार, जैसे ही ट्रैक्टर पुल पर पहुँचा, स्टीयरिंग फेल हो गई। चालक का नियंत्रण छूट गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित पुल से नीचे जा गिरी। उस समय ट्रॉली में करीब 30 श्रद्धालु सवार थे।

बचाव अभियान और उपचार

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों और पुलिस ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'श्रद्धालुओं को ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पुल से गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची और स्थानीय निवासियों की मदद से घायलों को इलाज के लिए भेजा।'

घायलों की स्थिति

बड़वानी जिला अस्पताल के डॉ. एस.एन. पाटीदार ने बताया कि धार से 20 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, '6 से 7 मरीजों की हालत गंभीर है। उन्हें सिर, कमर, हाथ और पेट में चोटें आई हैं।' गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

जाँच जारी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे की सटीक वजह का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है। अधिकारी यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या स्टीयरिंग फेल होने के अलावा अन्य कारण भी इस दुर्घटना में शामिल थे। गौरतलब है कि सावन में कांवड़ यात्राओं के दौरान ओवरलोडेड वाहनों से जुड़े हादसे हर वर्ष सामने आते हैं, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

फिलहाल घायलों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रशासनिक सख्ती केवल हादसे के बाद दिखती है। स्टीयरिंग फेल होने की बात पुलिस ने कही है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतने यात्रियों से भरी ट्रॉली को बिना किसी जाँच के पुल पर जाने की अनुमति कैसे मिली। जब तक यात्रा-पूर्व वाहन जाँच और मार्ग पर तैनाती को अनिवार्य नहीं बनाया जाता, ऐसे हादसे हर सावन की कड़वी दास्तान बनते रहेंगे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धार कांवड़ यात्रा हादसे में क्या हुआ?
24 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के धार जिले में सावन के अंतिम सोमवार को नर्मदा नदी की ओर जा रही कांवड़ यात्रियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल पर स्टीयरिंग फेल होने से नीचे गिर गई। ट्रॉली में सवार करीब 30 में से 20 श्रद्धालु घायल हो गए।
घायलों की हालत कैसी है?
बड़वानी जिला अस्पताल के डॉ. एस.एन. पाटीदार के अनुसार 20 घायलों में से 6 से 7 की हालत गंभीर है। उन्हें सिर, कमर, हाथ और पेट में चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
हादसा कहाँ और कैसे हुआ?
यह हादसा कुक्षी पुलिस स्टेशन के निसारपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में कड़मल गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर एक पुल पर हुआ। पुलिस के अनुसार पुल पर पहुँचते ही ट्रैक्टर की स्टीयरिंग फेल हो गई, जिससे चालक का नियंत्रण छूट गया और ट्रॉली पुल से नीचे जा गिरी।
क्या इस हादसे की जाँच हो रही है?
हाँ, पुलिस ने पुष्टि की है कि हादसे की सटीक वजह जानने के लिए जाँच जारी है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि स्टीयरिंग फेल होने के अलावा कोई अन्य कारण भी था या नहीं।
कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन हादसे क्यों होते हैं?
सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में यात्रा करते हैं, जो अक्सर क्षमता से अधिक भरे होते हैं। वाहनों की पूर्व-जाँच और मार्ग पर निगरानी की कमी ऐसे हादसों का प्रमुख कारण बनती है।
राष्ट्र प्रेस
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