11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांगड़ा में दुर्घटना: ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में गिरी, तीन श्रद्धालुओं की जान गई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांगड़ा में दुर्घटना: ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में गिरी, तीन श्रद्धालुओं की जान गई

सारांश

कांगड़ा में एक भयानक सड़क हादसे में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में गिर गई। इस हादसे में तीन लोगों की जान गई और 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है।

मुख्य बातें

दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु हुई।
13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा उपायों की मांग की।
घटना ने पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा को फिर से उजागर किया।
प्रशासन ने शवों का पोस्टमार्टम किया।

कांगड़ा, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में नेशनल हाईवे-503 पर शुक्रवार को एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई। ढलियारा क्षेत्र में एक शिव मंदिर के निकट एक मोड़ और खतरनाक ढलान पर श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर लगभग सौ फुट गहरी खाई में गिर गई।

इस दुर्घटना में तीन व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

जानकारी के अनुसार, सभी यात्री पंजाब के कपूरथला के निवासी थे। वे माता चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करने के बाद माता ज्वालामुखी मंदिर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि चालक मोड़ और ढलान के कारण वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।

घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गए। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मदद की। घायलों को खाई से निकालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेजा गया। गंभीर रूप से घायल सात व्यक्तियों को डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

प्रशासन ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, घायलों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

इस दुर्घटना के बाद, स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। उनका कहना है कि ढलियारा क्षेत्र में पहले भी कई दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए हैं। लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर क्रैश बैरियर लगाए जाएं, स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाएं, और सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।

यह घटना एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह स्पष्ट है कि प्रशासन को सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगड़ा में यह हादसा कब हुआ?
यह हादसा 10 अप्रैल को हुआ।
इस दुर्घटना में कितने लोग घायल हुए?
इस दुर्घटना में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
घायलों को कहाँ भेजा गया?
घायलों को सिविल अस्पताल देहरा भेजा गया।
क्या प्रशासन ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम किया?
हां, प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी पर आक्रोशित हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले