तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष का आरोप: भारत विरोधी ताकतें नेपाल जैसी अराजकता फैलाने को करा रही हैं प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने 23 जुलाई 2026 को हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारत विरोधी ताकतें और अति-वामपंथी संगठन मिलकर देश में नेपाल जैसी अराजकता पैदा करने के लिए प्रदर्शनों को प्रायोजित कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी और भारत की जेन-ज़ी पीढ़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा देश के साथ दृढ़ता से खड़ी है।
पेपर लीक विवाद और कांग्रेस पर निशाना
रामचंदर राव ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उसके शासनकाल में 53 पेपर लीक हुए, लेकिन एक बार भी उसके शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने सीधा सवाल दागा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, जिनके पास शिक्षा विभाग का प्रभार भी है, क्या उनकी सरकार में दो पेपर लीक होने के बाद पद छोड़ेंगे? उन्होंने कहा कि वही कांग्रेस अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रही है।
परीक्षा व्यवस्था की विरासत पर सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने देश को ऐसी स्थिति में छोड़ा जहाँ न कोई एकीकृत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी थी, न पेपर लीक रोकने के लिए कोई विशेष कानून था और न ही सुरक्षा के मानकीकृत प्रोटोकॉल। उन्होंने तीखे स्वर में पूछा, '53 पेपर लीक के लिए आप कब माफी माँगेंगे? परीक्षा व्यवस्था को इतना कमज़ोर छोड़ने की जिम्मेदारी कब स्वीकार करेंगे? भारत के युवाओं के भविष्य का इस्तेमाल विदेशी फंड के ज़रिए राजनीति के लिए कब बंद करेंगे?' यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG विवाद के बाद परीक्षा पारदर्शिता राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनी हुई है।
'फीस ड्यूज – भाजपा फाइट' अभियान की शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामचंदर राव ने तेलंगाना भाजपा युवा मोर्चा के बैनर तले शुरू किए गए 'फीस ड्यूज – भाजपा फाइट' अभियान का पोस्टर जारी किया। यह अभियान तेलंगाना की कांग्रेस सरकार द्वारा छात्रों की लंबित फीस प्रतिपूर्ति (फी रिइम्बर्समेंट) राशि जारी न किए जाने के विरोध में शुरू किया गया है। भाजपा ने माँग की है कि छात्रों की सभी लंबित राशि तत्काल जारी की जाए।
फीस बकाये का आँकड़ा और दोनों सरकारों पर आरोप
रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार लगभग ₹6,000 करोड़ का फीस प्रतिपूर्ति बकाया छोड़ गई थी। उनके अनुसार, रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में यह राशि बढ़कर करीब ₹12,000 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब ये दोनों दल खुद को युवाओं का हितैषी बता रहे हैं।
आगे क्या
भाजपा ने स्पष्ट किया कि जब तक फीस प्रतिपूर्ति की पूरी राशि छात्रों को नहीं मिलती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी। गौरतलब है कि तेलंगाना में अगले विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को साधने की यह कोशिश भाजपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।