24 अगस्त 2026
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जयशंकर-पुतिन मुलाकात मॉस्को में: रूसी राष्ट्रपति बोले — 'PM मोदी से जल्द मिलने के लिए उत्सुक हूं'

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जयशंकर-पुतिन मुलाकात मॉस्को में: रूसी राष्ट्रपति बोले — 'PM मोदी से जल्द मिलने के लिए उत्सुक हूं'

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की मॉस्को यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह भारत-रूस रिश्ते की सक्रिय कूटनीति का प्रमाण है। पुतिन ने मोदी की व्यक्तिगत भूमिका को व्यापार वृद्धि का श्रेय दिया और SCO-BRICS मंचों पर जल्द मुलाकात का संकेत दिया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।
पुतिन ने PM मोदी को शुभकामनाएं भेजीं और SCO शिखर सम्मेलन के तहत जल्द मिलने की उम्मीद जताई।
पुतिन ने कहा कि इस साल भारत-रूस ट्रेड टर्नओवर में बढ़ोतरी हुई है, जिसका श्रेय उन्होंने मोदी की व्यक्तिगत संलग्नता को दिया।
एजेंडे में ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और उच्च-प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल रहे।
बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव , उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और भारतीय राजदूत विनय कुमार भी उपस्थित रहे।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश उन तक पहुंचाया। क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने इस दौरे को दोनों देशों के दशकों पुराने संबंधों की मजबूती का प्रतीक बताया और प्रधानमंत्री मोदी से जल्द मिलने की उम्मीद जताई।

मुलाकात का मुख्य घटनाक्रम

बैठक की शुरुआत में डॉ. जयशंकर ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री मोदी का 'प्यार भरा अभिवादन' और एक विशेष संदेश सौंपा। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव, राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार भी उपस्थित रहे।

पुतिन का मोदी को संदेश

क्रेमलिन के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, 'मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस साल हमारा ट्रेड टर्नओवर बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है और इसका एक बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत संलग्नता की वजह से है।' उन्होंने जयशंकर से अनुरोध किया कि वे मोदी को उनकी शुभकामनाएं पहुंचाएं और यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के ढांचे के तहत दोनों नेताओं की मुलाकात की योजना है और संभवतः इस वर्ष एक और भेंट भी हो सकती है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग

राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय एजेंडे में केवल ऊर्जा ही नहीं, बल्कि उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रूस भारतीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक आपूर्ति बढ़ा रहा है और भविष्य में इसे और विस्तार देने के लिए तैयार है। डॉ. जयशंकर ने भी पुष्टि की कि सुबह हुई इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक में आर्थिक सहयोग, परमाणु ऊर्जा और उर्वरक जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हो चुकी थी।

SCO और BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारी

विदेश मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए प्रतीक्षारत हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और उसकी मेजबानी का अवसर मिलेगा। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत-रूस संबंध वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भी स्थिर और सक्रिय बने हुए हैं।

कूटनीतिक महत्व

गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे दौर में हुई है जब पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंधों की कड़ी कस रहे हैं। भारत ने अपनी 'स्वतंत्र विदेश नीति' के तहत रूस के साथ संबंध बनाए रखे हैं — तेल आयात से लेकर रक्षा सहयोग तक। जयशंकर की यह यात्रा इस नीति की निरंतरता का संकेत है। आने वाले महीनों में SCO और BRICS मंचों पर मोदी-पुतिन की संभावित मुलाकात इस द्विपक्षीय रिश्ते को और नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच इस निकटता की एक कूटनीतिक कीमत है जिसे नई दिल्ली पश्चिमी राजधानियों में चुका रही है। असली परीक्षा यह होगी कि SCO और BRICS मंचों पर मोदी-पुतिन की संभावित मुलाकात ठोस समझौतों में तब्दील होती है या केवल प्रतीकात्मक कूटनीति तक सीमित रहती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर और पुतिन की मॉस्को बैठक में क्या हुआ?
24 अगस्त 2026 को मॉस्को में हुई इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने PM मोदी का संदेश पुतिन तक पहुंचाया और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, उर्वरक तथा परमाणु ऊर्जा पर चर्चा हुई। पुतिन ने मोदी से SCO ढांचे के तहत जल्द मिलने की उम्मीद जताई।
पुतिन ने PM मोदी के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि इस साल भारत-रूस ट्रेड टर्नओवर में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण PM मोदी की व्यक्तिगत संलग्नता है। उन्होंने मोदी को शुभकामनाएं भेजीं और कहा कि वे SCO शिखर सम्मेलन में उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं और इस साल एक और मुलाकात की भी संभावना है।
भारत-रूस के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है?
दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है। पुतिन ने विशेष रूप से भारतीय किसानों के लिए उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
मोदी और पुतिन की अगली मुलाकात कब होगी?
क्रेमलिन के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की योजना है। इसके अलावा पुतिन ने संकेत दिया कि इस वर्ष BRICS शिखर सम्मेलन में भी एक और भेंट संभव है।
जयशंकर की रूस यात्रा का कूटनीतिक महत्व क्या है?
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंध कड़े कर रहे हैं। भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' के तहत रूस के साथ व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग जारी है, और यह दौरा उस नीति की निरंतरता को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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