विमला प्रधान का निधन: झारखंड की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ने रांची में ली अंतिम सांस
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड सरकार की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता विमला प्रधान का 18 सितंबर 2026 को रांची स्थित सैमफोर्ड अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और सिमडेगा क्षेत्र के समर्थकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई।
राजनीतिक जीवन और उपलब्धियाँ
विमला प्रधान सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक निर्वाचित हुई थीं — उन्होंने 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। विधायक के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को झारखंड विधानसभा में लगातार उठाया और पार्टी संगठन को मज़बूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
उनके विधायी योगदान को मान्यता देते हुए झारखंड विधानसभा की समिति ने उन्हें 2017 में प्रतिष्ठित 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान से नवाज़ा था। यह सम्मान उनकी विधानसभा में निरंतर सक्रियता और जन-हित के कार्यों की स्वीकृति था।
मंत्री पद की ज़िम्मेदारियाँ
विमला प्रधान ने झारखंड सरकार में पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की मंत्री के रूप में ज़िम्मेदारी संभाली। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समाज के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को आगे बढ़ाने में अपना ध्यान केंद्रित किया। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय था जब झारखंड में जनजातीय आबादी के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा था।
नेताओं की श्रद्धांजलि
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विमला प्रधान ने अपना जीवन जनसेवा, 'विशेषकर जनजातीय समाज के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित किया।' मुंडा ने इसे राज्य, समाज और पार्टी संगठन के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी शोक जताते हुए कहा कि 'समाज और संगठन के प्रति उनका समर्पण और योगदान हमेशा याद किया जाएगा।' उन्होंने भी विमला प्रधान के जनजातीय कल्याण के प्रति समर्पण को रेखांकित किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरासत
विमला प्रधान के राजनीतिक जीवन की नींव क्षेत्रीय स्तर पर सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से रखी गई थी। बाद में भाजपा से जुड़ने के बाद वह सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ीं। गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ जनजातीय प्रतिनिधित्व की राजनीतिक अहमियत अत्यधिक है, दो बार विधायक और तीन विभागों की मंत्री के रूप में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
उनके निधन के बाद सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक का वातावरण है। भाजपा के अनेक नेताओं ने उनके निधन को पार्टी और समाज दोनों के लिए बड़ी क्षति बताया है। विमला प्रधान का जीवन झारखंड की जनजातीय राजनीति में महिला नेतृत्व के एक महत्त्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।