18 सितंबर 2026
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विमला प्रधान का निधन: झारखंड की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ने रांची में ली अंतिम सांस

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विमला प्रधान का निधन: झारखंड की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ने रांची में ली अंतिम सांस

सारांश

झारखंड की पूर्व मंत्री और सिमडेगा से दो बार विधायक रहीं भाजपा की वरिष्ठ नेता विमला प्रधान का 18 सितंबर को रांची में निधन हो गया। जनजातीय कल्याण के प्रति समर्पित इस नेत्री को 2017 में 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान मिला था। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता और पूर्व मंत्री विमला प्रधान का 18 सितंबर 2026 को रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में निधन हुआ।
वह सिमडेगा विधानसभा से 2009 और 2014 में दो बार भाजपा विधायक रहीं।
झारखंड सरकार में पर्यटन , समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास मंत्री की ज़िम्मेदारी निभाई।
2017 में झारखंड विधानसभा की समिति ने उन्हें 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

झारखंड सरकार की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता विमला प्रधान का 18 सितंबर 2026 को रांची स्थित सैमफोर्ड अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और सिमडेगा क्षेत्र के समर्थकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई।

राजनीतिक जीवन और उपलब्धियाँ

विमला प्रधान सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक निर्वाचित हुई थीं — उन्होंने 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। विधायक के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को झारखंड विधानसभा में लगातार उठाया और पार्टी संगठन को मज़बूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके विधायी योगदान को मान्यता देते हुए झारखंड विधानसभा की समिति ने उन्हें 2017 में प्रतिष्ठित 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान से नवाज़ा था। यह सम्मान उनकी विधानसभा में निरंतर सक्रियता और जन-हित के कार्यों की स्वीकृति था।

मंत्री पद की ज़िम्मेदारियाँ

विमला प्रधान ने झारखंड सरकार में पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की मंत्री के रूप में ज़िम्मेदारी संभाली। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समाज के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को आगे बढ़ाने में अपना ध्यान केंद्रित किया। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय था जब झारखंड में जनजातीय आबादी के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा था।

नेताओं की श्रद्धांजलि

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विमला प्रधान ने अपना जीवन जनसेवा, 'विशेषकर जनजातीय समाज के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित किया।' मुंडा ने इसे राज्य, समाज और पार्टी संगठन के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी शोक जताते हुए कहा कि 'समाज और संगठन के प्रति उनका समर्पण और योगदान हमेशा याद किया जाएगा।' उन्होंने भी विमला प्रधान के जनजातीय कल्याण के प्रति समर्पण को रेखांकित किया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरासत

विमला प्रधान के राजनीतिक जीवन की नींव क्षेत्रीय स्तर पर सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से रखी गई थी। बाद में भाजपा से जुड़ने के बाद वह सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ीं। गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ जनजातीय प्रतिनिधित्व की राजनीतिक अहमियत अत्यधिक है, दो बार विधायक और तीन विभागों की मंत्री के रूप में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।

उनके निधन के बाद सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक का वातावरण है। भाजपा के अनेक नेताओं ने उनके निधन को पार्टी और समाज दोनों के लिए बड़ी क्षति बताया है। विमला प्रधान का जीवन झारखंड की जनजातीय राजनीति में महिला नेतृत्व के एक महत्त्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की राजनीतिक कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान यह भी रेखांकित करता है कि उनकी पहचान केवल पार्टी-आधारित नहीं, बल्कि संस्थागत स्वीकृति पर आधारित थी। सिमडेगा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में उनकी राजनीतिक विरासत आने वाले चुनावों में भाजपा की रणनीति को भी प्रभावित करेगी।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विमला प्रधान कौन थीं?
विमला प्रधान झारखंड की वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य सरकार की पूर्व मंत्री थीं। वह सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से 2009 और 2014 में दो बार विधायक निर्वाचित हुईं और पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की मंत्री रहीं।
विमला प्रधान का निधन कब और कहाँ हुआ?
विमला प्रधान का निधन 18 सितंबर 2026 को रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में शुक्रवार देर शाम हुआ। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में इलाज चल रहा था।
विमला प्रधान को 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान क्यों मिला था?
झारखंड विधानसभा की समिति ने 2017 में विमला प्रधान को उनकी विधानसभा में निरंतर सक्रियता और जन-हित से जुड़े कार्यों के लिए 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान से नवाज़ा था। यह सम्मान उनके विधायी योगदान की संस्थागत मान्यता था।
विमला प्रधान के निधन पर किन नेताओं ने शोक व्यक्त किया?
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इसे राज्य और संगठन के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी शोक जताते हुए उनके जनजातीय कल्याण के प्रति समर्पण को याद किया।
विमला प्रधान ने किन विभागों में मंत्री के रूप में काम किया?
विमला प्रधान ने झारखंड सरकार में पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में जनजातीय समाज के उत्थान से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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