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पाकुड़ के पूर्व भाजपा विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का निधन, दो बार रहे थे विधायक

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पाकुड़ के पूर्व भाजपा विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का निधन, दो बार रहे थे विधायक

सारांश

पाकुड़ से दो बार भाजपा विधायक रहे बेनी प्रसाद गुप्ता का बुधवार को निधन हो गया। रांची से लौटने के कुछ ही घंटों बाद तबीयत बिगड़ी और सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। 1990 और 1995 में अविभाजित बिहार के दौर में विधायक रहे गुप्ता आजीवन अविवाहित रहे और सामाजिक-राजनीतिक जीवन को समर्पित रहे।

मुख्य बातें

पूर्व भाजपा विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का 3 जून को पाकुड़ में निधन हो गया।
रांची से वनांचल एक्सप्रेस से लौटने के कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ी; पाकुड़ सदर अस्पताल में मृत घोषित।
गुप्ता 1990 और 1995 में पाकुड़ से विधायक चुने गए थे, तब झारखंड अविभाजित बिहार का हिस्सा था।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने निधन को सार्वजनिक जीवन के लिए ‘अपूरणीय क्षति’ बताया।
अंतिम संस्कार गुरुवार को पश्चिम बंगाल के धुलियान गंगा घाट पर होगा।

झारखंड के पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद गुप्ता का बुधवार, 3 जून को निधन हो गया। रांची से लौटने के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और पाकुड़ सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

अंतिम क्षण: रांची से लौटे और कुछ ही देर में बिगड़ी तबीयत

परिजनों और भाजपा नेताओं के अनुसार, गुप्ता पिछले कुछ दिनों से रांची में थे। बुधवार सुबह वह रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस से पाकुड़ लौटे थे। घर पहुँचने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल पाकुड़ सदर अस्पताल लेकर पहुँचे। चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दो बार विधायक, अविभाजित बिहार से शुरू हुआ था सफर

बेनी प्रसाद गुप्ता ने 1990 और 1995 में भाजपा के टिकट पर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उस समय झारखंड राज्य का गठन नहीं हुआ था और यह क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा था। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय विकास, जनसुविधाओं और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई। आजीवन अविवाहित रहे गुप्ता ने अपना अधिकांश जीवन सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों को समर्पित किया।

क्षेत्र में 'सुलभ जनप्रतिनिधि' की पहचान

स्थानीय लोगों के अनुसार, गुप्ता की पहचान एक सहज और सुलभ जनप्रतिनिधि के रूप में थी, जो आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहते थे। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन को सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति बताया है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जताया शोक

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘बेनी प्रसाद गुप्ता ने अपना संपूर्ण जीवन समाजसेवा, जनकल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। उनका निधन सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।’ उनका जाना उस पीढ़ी के विदा होने का संकेत भी है, जिसने झारखंड के गठन से पहले अविभाजित बिहार के दौर में भाजपा को संथाल परगना क्षेत्र में ज़मीनी पकड़ दिलाने का काम किया था।

गुरुवार को धुलियान गंगा घाट पर अंतिम संस्कार

परिजनों के अनुसार, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के धुलियान स्थित गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने झारखंड बनने से पहले अविभाजित बिहार के दौर में भाजपा को संथाल परगना जैसे आदिवासी-बहुल और सीमावर्ती इलाक़ों में जड़ें दीं। 1990 और 1995 के विधायक — यानी मंडल-कमंडल और राम मंदिर आंदोलन की धुरी पर खड़ी राजनीति की उपज — अब लगातार कम होते जा रहे हैं। पाकुड़ जैसे सीमांत क्षेत्र में, जहाँ राजनीति आज भी काफ़ी हद तक व्यक्तिगत पहुँच और ‘सुलभ जनप्रतिनिधि’ की छवि पर टिकी है, ऐसे नेताओं का जाना संगठन के लिए केवल भावनात्मक क्षति नहीं — ज़मीनी नेटवर्क का भी ख़ालीपन है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेनी प्रसाद गुप्ता कौन थे?
बेनी प्रसाद गुप्ता झारखंड के पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने 1990 और 1995 में भाजपा के टिकट पर पाकुड़ का प्रतिनिधित्व किया था, जब यह क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा था।
बेनी प्रसाद गुप्ता का निधन कैसे हुआ?
बुधवार सुबह वह रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस से रांची से पाकुड़ लौटे थे और घर पहुँचने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पाकुड़ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया।
उनका अंतिम संस्कार कब और कहाँ होगा?
परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पश्चिम बंगाल के धुलियान स्थित गंगा घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों के शामिल होने की संभावना है।
उनके निधन पर किन नेताओं ने शोक व्यक्त किया?
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे सार्वजनिक जीवन के लिए ‘अपूरणीय क्षति’ बताया। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न दलों के नेताओं ने भी संवेदना प्रकट की।
पाकुड़ की राजनीति में उनकी क्या भूमिका रही?
गुप्ता की पहचान क्षेत्र में एक सहज और सुलभ जनप्रतिनिधि के रूप में थी, जिन्होंने क्षेत्रीय विकास और जनसुविधाओं पर सक्रिय भूमिका निभाई। अविवाहित रहे गुप्ता ने अपना अधिकांश जीवन सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों को समर्पित किया।
राष्ट्र प्रेस
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