11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार: पूर्व विधायक अंबिका यादव का निधन, रामगढ़ और कैमूर में शोक की लहर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार: पूर्व विधायक अंबिका यादव का निधन, रामगढ़ और कैमूर में शोक की लहर

सारांश

बिहार के कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट के पूर्व विधायक अंबिका यादव का 17 जून को वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में निधन हो गया। RJD के इस जनप्रिय नेता ने 2010 से 2015 तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उनके जाने से पूरे कैमूर क्षेत्र में शोक की लहर है।

मुख्य बातें

पूर्व विधायक अंबिका यादव का निधन 17 जून 2025 को वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में हुआ।
वे कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक रहे थे।
2010 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर 2015 तक विधायक के रूप में सेवा की।
लंबे समय से बीमार चल रहे थे; निधन की खबर से कैमूर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर।
राजनीतिक और सामाजिक जगत के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

बिहार के कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक अंबिका यादव का मंगलवार, 17 जून 2025 को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर में उनका उपचार जारी था। उनके निधन की सूचना फैलते ही कैमूर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई।

राजनीतिक जीवन और योगदान

अंबिका यादव बिहार की राजनीति में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के एक प्रभावशाली और जनप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी लोकप्रियता को बरकरार रखा और जीत दर्ज की। वे 2015 तक विधायक के रूप में क्षेत्र की सेवा करते रहे।

अपने राजनीतिक कार्यकाल में अंबिका यादव ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सदन में मज़बूती से उठाया। स्थानीय लोगों के बीच उनकी छवि एक सहज, सुलभ और ज़मीन से जुड़े जनप्रतिनिधि की थी, जिसकी वजह से उनका राजनीतिक प्रभाव लंबे समय तक बना रहा।

शोक और श्रद्धांजलि

उनके निधन की ख़बर मिलते ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में दुख की लहर फैल गई। राजनीतिक, सामाजिक और जनप्रतिनिधि वर्ग के अनेक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कई दलों के नेताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन में किए गए योगदान को याद किया और परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति

इलाके के लोगों के अनुसार, अंबिका यादव ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में जनता की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए। उनके निधन को रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। बिहार की राजनीति ने एक अनुभवी और जन-आधारित नेता को खो दिया है।

आगे क्या

उनके अंतिम संस्कार और शोकसभाओं को लेकर पार्टी और परिजनों की ओर से जानकारी की प्रतीक्षा है। कैमूर जिले में राजनीतिक गतिविधियाँ फिलहाल शोक में डूबी हैं और क्षेत्र में उनकी विरासत को याद किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछड़े और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में आती हैं, ऐसे नेताओं की कमी को जल्दी नहीं भर पातीं। RJD के लिए यह सिर्फ एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि कैमूर में अपने जनाधार को फिर से मज़बूत करने की चुनौती भी है, खासकर तब जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू होने वाली हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबिका यादव का निधन कब और कहाँ हुआ?
उनका निधन 17 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर में हुआ, जहाँ वे लंबे समय से चली आ रही बीमारी के कारण उपचाराधीन थे।
अंबिका यादव किस पार्टी से जुड़े थे?
वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े थे और उसी के टिकट पर रामगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे।
उनके निधन पर किसने श्रद्धांजलि दी?
कई राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कैमूर जिले और रामगढ़ क्षेत्र में व्यापक शोक व्यक्त किया गया।
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए उनका क्या महत्व था?
अंबिका यादव रामगढ़ में एक सहज और सुलभ जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे जिन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाया। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले