विमला प्रधान को राजकीय सम्मान: सिमडेगा में पालामाड़ा नदी तट पर अंतिम संस्कार, 21 जवानों की सलामी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता विमला प्रधान का रविवार, 20 सितंबर 2026 को सिमडेगा के बगडांड गांव स्थित पालामाड़ा नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस कमांडर के नेतृत्व में 21 जवानों ने पाँच राउंड की सलामी फायरिंग कर उन्हें अंतिम राजकीय श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार की परंपरा के अनुसार उनके बड़े पुत्र मनीष मणिकांत प्रधान ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में प्रशासन-जनता की उपस्थिति
अंतिम विदाई में सिमडेगा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन व पुलिस के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, BJP कार्यकर्ता, समर्थक और परिजन भी अंतिम विदाई देने पहुँचे। नम आँखों से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्य सरकार ने शनिवार को ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने का निर्देश जारी किया था।
निधन और शोक की लहर
विमला प्रधान का निधन शुक्रवार देर शाम रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उनका उपचार जारी था। उनके निधन की सूचना मिलते ही सिमडेगा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
राजनीतिक सफर और उपलब्धियाँ
विमला प्रधान सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर दो बार विधायक चुनी गई थीं — उन्होंने 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में विजय प्राप्त की। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाया और पार्टी संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
झारखंड सरकार में उन्होंने पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री की जिम्मेदारी सँभाली। विधानसभा में उनकी सक्रियता और योगदान को देखते हुए वर्ष 2017 में झारखंड विधानसभा समिति ने उन्हें प्रतिष्ठित 'उत्कृष्ट विधायक' सम्मान से नवाजा था।
विरासत और आगे का रास्ता
विमला प्रधान का राजनीतिक सफर झारखंड की आदिवासी-बहुल राजनीति में महिला नेतृत्व का एक उल्लेखनीय अध्याय रहा। सिमडेगा क्षेत्र में उनके द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दे और विधानसभा में उनकी सक्रिय भूमिका आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति को दिशा देती रहेगी। उनके निधन से BJP को एक अनुभवी और जमीनी नेता की कमी महसूस होगी।