झारखंड की पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, सीएम हेमंत सोरेन ने कहा — राज्य के लिए अपूरणीय क्षति
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री विमला प्रधान का 19 सितंबर 2026 को शुक्रवार रात करीब 8:40 बजे रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं और रांची के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन से सिमडेगा समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर फैल गई है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने अर्पित किया पुष्पचक्र
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को रांची के लोअर करमटोली, रोड नंबर-2 स्थित विमला प्रधान के आवास पर पहुँचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत नेत्री को नमन किया। मुख्यमंत्री ने मरांग बुरु से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले और शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों को यह दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो।
सीएम सोरेन के शब्दों में श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक में डूबे परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, 'झारखंड की पूर्व मंत्री विमला प्रधान के निधन की खबर बेहद दुखद है। सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान और जनता के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।' सोरेन ने यह भी कहा कि विमला प्रधान ने सिमडेगा के साथ-साथ पूरे झारखंड के विकास के लिए लंबे समय तक सक्रिय रूप से काम किया।
राजनीतिक जीवन और योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विमला प्रधान समाज के हर वर्ग और हर समुदाय के भले के लिए सदैव तैयार रहने वाली एक जागरूक और मेहनती नेत्री थीं। उनका अचानक इस तरह जाना राज्य की राजनीति के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि पूर्व विधायक एवं मंत्री के रूप में उन्होंने झारखंड की राजनीति में दशकों तक अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
राज्यभर में शोक की लहर
विमला प्रधान के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के अनेक लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सिमडेगा में विशेष रूप से उनके समर्थकों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें एक समर्पित जनसेवक के रूप में याद किया। उनका अंतिम संस्कार और आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी परिवार की ओर से दी जानी बाकी है।