बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि, बोले — दलगत राजनीति से ऊपर थे वे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक थे और अपने सामाजिक कार्यों के लिए क्षेत्र में व्यापक रूप से जाने जाते थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य उमाशंकर सिंह के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वे केवल एक विधायक के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाज सेवी के रूप में भी जाने और माने जाते थे। वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने में विश्वास रखते थे।' उन्होंने आगे कहा, 'अपनी विनम्रता तथा अच्छे व्यवहार के कारण उनके सभी दलों के साथ अच्छे संबंध रहे। दुख की इस घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ॐ शांति।'
मंत्री जयवीर सिंह और पूर्व सांसद का शोक
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह हमेशा सामाजिक कल्याण की दिशा में अग्रणी रहे। उन्होंने कहा, 'वो विधानसभा में अकेले ही जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने का काम करते थे। हमने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है, जो प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रूप से काम करता था।' पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उमाशंकर सिंह बलिया में काफी लोकप्रिय थे और उनका साथ करीब 25 से 30 वर्षों का रहा। उन्होंने कहा, 'बहुजन समाज पार्टी ने अपना एक कद्दावर नेता खो दिया। समाज के लिए अच्छा काम करने वाला कोई व्यक्ति अगर हमारे बीच से चला जाता है, तो इससे समाज को बहुत बड़ी क्षति होती है।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का संवेदना संदेश
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'सार्वजनिक जीवन जीने वाला कोई व्यक्ति जब हम सभी को छोड़कर जाता है, तो क्षति हम सभी की होती है। हम दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।'
उमाशंकर सिंह की विरासत
यह उल्लेखनीय है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का एक साथ शोक व्यक्त करना उमाशंकर सिंह की सर्वदलीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। धनंजय सिंह के अनुसार, 'राजनीति में विचारधाराएं अलग-अलग होती हैं, लेकिन उमाशंकर इसी सोच के साथ काम करते रहे कि जब कभी समाज के कल्याण की दिशा में काम करने की बात आई, तो वो हमेशा अग्रिम पंक्ति में नजर आए।' उनके निधन से रसड़ा विधानसभा क्षेत्र और बलिया जिले में शोक का माहौल है। आने वाले दिनों में उनके उत्तराधिकार और क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों पर नज़र रहेगी।