7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उमाशंकर सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गंगा तट पर उमड़ा जनसैलाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उमाशंकर सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गंगा तट पर उमड़ा जनसैलाब

सारांश

रसड़ा से तीन बार विधायक रहे BSP नेता उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर जनश्रद्धा का प्रतीक बनी। सात घंटे की शवयात्रा, हजारों का जनसैलाब और गंगा तट पर राजकीय सम्मान — बलिया ने अपने सबसे लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों में से एक को भावभीनी विदाई दी।

मुख्य बातें

उमाशंकर सिंह का बुधवार रात नई दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में 55 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
वे रसड़ा विधानसभा सीट से 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार BSP विधायक रहे।
श्रीरामपुर घाट, बलिया पर शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
करीब सात घंटे की शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए; पुत्र प्रिंस यूकेश सिंह ने मुखाग्नि दी।
CM योगी आदित्यनाथ, मायावती, अखिलेश यादव, राजनाथ सिंह सहित अनेक नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
उनके निधन से रसड़ा सीट रिक्त; BSP के लिए उपचुनाव की चुनौती सामने।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह को 8 अगस्त 2025 को बलिया के श्रीरामपुर घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी शवयात्रा में हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने यह साबित किया कि उनकी लोकप्रियता किसी एक दल या विचारधारा की मोहताज नहीं थी।

अंतिम यात्रा का विवरण

उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार देर रात उनके पैतृक गाँव खनवर (नगरा, बलिया) पहुँचा, जहाँ रात से ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की कतार लग गई। शुक्रवार सुबह उनके आवास से शवयात्रा आरंभ होते ही 'उमाशंकर सिंह अमर रहें' और 'जब तक सूरज-चाँद रहेगा, भैया तेरा नाम रहेगा' के नारों से पूरा क्षेत्र गूँज उठा। हल्की बारिश के बावजूद जनसैलाब थमा नहीं।

करीब सात घंटे की यात्रा के बाद शवयात्रा श्रीरामपुर घाट पहुँची। रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर और श्रद्धासुमन अर्पित कर अपने जनप्रतिनिधि को विदाई दी। गंगा तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उनके पुत्र प्रिंस यूकेश सिंह ने मुखाग्नि दी और इस दौरान भावुक होकर फफक पड़े।

प्रशासन और नेताओं की श्रद्धांजलि

जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में BSP प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सुभासपा विधायक हंसूराम, पूर्व मंत्री नारद राय, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलाध्यक्ष संजय मिश्र सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल रहे।

उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह — जो उमाशंकर सिंह के समधी हैं — भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा कि जिन लोगों ने उमाशंकर सिंह की 'कमाई' उनके लॉकर और बैंक खातों में तलाशी, उन्हें बलिया की जनता की आँखों के आँसू और उमड़े जनसैलाब को देखना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'लोगों के दिलों में कमाई गई यह पूँजी किसी भी लॉकर में बंद नहीं की जा सकती।'

उमाशंकर सिंह का जीवन परिचय

उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गाँव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता घुरहू सिंह भारतीय सेना में कार्यरत रहे। प्रारंभिक शिक्षा गाँव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने जनता इंटर कॉलेज, नगरा से इंटरमीडिएट और सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से स्नातक की डिग्री ली।

छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन में कदम रखने वाले उमाशंकर सिंह 1990-91 में छात्रसंघ के महामंत्री रहे। वर्ष 2000 में वे जिला पंचायत सदस्य चुने गए और 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने। इसके बाद 2017 और 2022 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की, जिससे वे BSP के सबसे विश्वसनीय जनप्रतिनिधियों में शामिल हो गए।

निधन और शोक संदेश

उमाशंकर सिंह का बुधवार रात नई दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, BSP प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित अनेक नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।

आगे की राह

उमाशंकर सिंह के निधन से रसड़ा विधानसभा सीट रिक्त हो गई है, जिससे इस क्षेत्र में उपचुनाव की संभावना बन गई है। BSP के लिए यह सीट विशेष महत्व रखती है क्योंकि उमाशंकर सिंह पार्टी के एकमात्र विधायक थे। उनकी विरासत और जनाधार को बनाए रखना पार्टी के लिए आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस राजनीतिक शून्य का संकेत है जो BSP उत्तर प्रदेश में झेल रही है — जहाँ पार्टी का एकमात्र विधायक अब नहीं रहा। दलगत सीमाओं से परे BJP, सपा और सुभासपा के नेताओं की मौजूदगी यह बताती है कि उमाशंकर सिंह की स्वीकार्यता व्यक्तिगत थी, संगठनात्मक नहीं। रसड़ा उपचुनाव BSP के लिए अस्तित्व की परीक्षा होगी — क्या पार्टी इस सहानुभूति को वोट में बदल पाएगी, यह देखना होगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमाशंकर सिंह कौन थे और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा?
उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी (BSP) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की रसड़ा विधानसभा सीट से 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार विधायक रहे। वे BSP के एकमात्र विधायक थे और छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू करने के बाद जिला पंचायत सदस्य से लेकर तीन बार के MLA तक का सफर तय किया।
उमाशंकर सिंह का निधन कब और कहाँ हुआ?
उमाशंकर सिंह का निधन बुधवार रात नई दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान हुआ। वे 55 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार कहाँ और कैसे हुआ?
उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को बलिया के श्रीरामपुर घाट पर गंगा तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। करीब सात घंटे की शवयात्रा के बाद पार्थिव शरीर घाट पहुँचा और पुत्र प्रिंस यूकेश सिंह ने मुखाग्नि दी।
उनके निधन पर किन प्रमुख नेताओं ने शोक जताया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, BSP प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
उनके निधन से रसड़ा सीट पर क्या असर पड़ेगा?
उमाशंकर सिंह के निधन से रसड़ा विधानसभा सीट रिक्त हो गई है, जिससे उपचुनाव की संभावना बन गई है। वे BSP के एकमात्र विधायक थे, इसलिए यह सीट पार्टी के लिए विधानसभा में अपनी उपस्थिति बनाए रखने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले