उखरुल हमला: शहीद असम राइफल्स जवानों को राज्यपाल-CM ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 9 जुलाई 2025 को इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उखरुल जिले में घात लगाकर किए गए हमले में शहीद असम राइफल्स के दो जवानों — वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह — को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थानों को रवाना किए गए, जबकि हमलावरों की तलाश में चलाया जा रहा संयुक्त सर्च ऑपरेशन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
घात का घटनाक्रम
सोमवार दोपहर हिंसा प्रभावित उखरुल जिले में इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे (एनएच-2) पर नुंगशांग कोंग के निकट असम राइफल्स के एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया गया। इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए। पुलिस को आशंका है कि इस हमले के पीछे नागा हथियारबंद समूह के संदिग्ध तत्व शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षा बलों ने उसी जिले के लिटन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के थोयी गांव (महादेव टॉप) और जालेनबुंग गांव में उग्रवादियों के दो बड़े ठिकाने नष्ट किए थे। यह कार्रवाई उग्रवादी नेटवर्क के विरुद्ध चल रहे व्यापक अभियानों का हिस्सा थी।
श्रद्धांजलि समारोह
राज्यपाल भल्ला और मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा। दोनों जवानों को औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।
पुष्पांजलि समारोह में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, कई विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे। मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, 3 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, असम राइफल्स (दक्षिण) के आईजी मेजर जनरल गौरव शर्मा तथा सेना व असम राइफल्स के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शहीदों को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
सर्च ऑपरेशन की स्थिति
केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों का संयुक्त तलाशी अभियान बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए उखरुल जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
एनएससीएन-आईएम का खंडन
नागा विद्रोही संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) ने उखरुल हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि वह इस घटना में शामिल नहीं था और उसे इसकी कोई पूर्व जानकारी भी नहीं थी।
एनएससीएन-आईएम ने स्पष्ट किया कि वह केंद्र सरकार के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते और भारत-नागा शांति प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संगठन ने दोहराया कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे शांति वार्ता कमज़ोर हो या उसमें बाधा आए।
आगे क्या
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और उग्रवाद विरोधी अभियानों के बीच संवेदनशील दौर से गुज़र रहा है। सुरक्षा एजेंसियाँ हमले के पीछे की असली जिम्मेदारी स्थापित करने में जुटी हैं, और तलाशी अभियान के परिणाम यह तय करेंगे कि आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।