मणिपुर में उग्रवादियों की गोलीबारी में शहीद बीएसएफ जवान को दी गई श्रद्धांजलि
सारांश
Key Takeaways
- मिथुन मंडल का बलिदान बीएसएफ की सर्वोच्च परंपराओं का प्रतीक है।
- समारोह में लगभग 200 कर्मियों की उपस्थिति थी।
- मुख्यमंत्री ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
- बीएसएफ शांति और सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को दोहराती है।
- शहीद को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
इंफाल, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के उखरुल जिले में गश्त के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में बलिदान हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कांस्टेबल मिथुन मंडल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को पश्चिम बंगाल में उनके पैतृक निवास के लिए भेज दिया गया।
बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि उखरुल जिले के मोंगकोट चेपु गांव में तांगखुल नागा और कुकी उग्रवादियों के बीच गोलीबारी के दौरान, मंडल को 'रोड ओपनिंग पार्टी' (आरओपी) की ड्यूटी करते समय उनके बाएं कंधे में गोली लगी। उन्हें तुरंत इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया, परंतु चिकित्सकों ने उन्हें शुक्रवार की रात को मृत घोषित कर दिया।
बीएसएफ ने कहा कि उनका साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा बीएसएफ की सर्वोच्च परंपराओं का प्रतीक है। शहीद को श्रद्धांजलि देने हेतु शनिवार को इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक भव्य पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
इस समारोह में बीएसएफ मणिपुर के सेक्टर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और लगभग 200 कर्मी शामिल हुए। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। बल ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बीएसएफ इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपने अडिग संकल्प को दोहराती है। मिथुन मंडल का बलिदान हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बीएसएफ जवान के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि राष्ट्र की सेवा में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति पूरा राज्य गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ नतमस्तक है। ऐसे कार्य हमारे देश की संप्रभुता और अखंडता को सुरक्षित रखते हैं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे। शहीद को मेरा नमन।