दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला: फसल नुकसान पर ₹75,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा, 10 हजार किसानों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 1 जून 2026 को कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फसल क्षति पर दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि को बढ़ाकर ₹75,000 प्रति हेक्टेयर कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह राहत विशेष रूप से अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान भारी वर्षा और खेतों में हुए जलभराव से प्रभावित किसानों को दी जाएगी। इस निर्णय से राजधानी के करीब 10 हजार किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुआवजे में कितनी हुई बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन सरकार ने वर्षा से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को ₹20,000 प्रति एकड़ (लगभग ₹49,421 प्रति हेक्टेयर) की दर से अनुग्रह सहायता देने का प्रावधान किया था। अब दस वर्षों से अधिक समय में कृषि लागत में हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इस दर को बढ़ाकर ₹75,000 प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। यह पुरानी दर की तुलना में लगभग 52% की वृद्धि है।
गौरतलब है कि पूर्व में लागू व्यवस्था के तहत 70 प्रतिशत तक फसल क्षति होने पर उसी अनुपात में और 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर पूर्ण सहायता देने का प्रावधान था। वर्तमान मामले में राजस्व विभाग के विस्तृत आकलन में फसल क्षति 100 प्रतिशत पाई गई, इसलिए कैबिनेट ने पूर्ण दर से सहायता देने का निर्णय लिया।
कितनी कृषि भूमि हुई प्रभावित
राजस्व विभाग के आकलन के अनुसार, दिल्ली में 10,977.44 एकड़ (लगभग 4,442.41 हेक्टेयर) कृषि क्षेत्र अगस्त-सितंबर 2025 की भारी वर्षा और प्राकृतिक नालों के उफान के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। प्राकृतिक जल निकासी तंत्र के बाधित होने से खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सहायता केवल भूमि के अभिलेखित स्वामियों को दी जाएगी। हालाँकि, कुछ श्रेणियाँ इस सहायता के दायरे से बाहर रखी गई हैं — जिनमें कंपनियों के स्वामित्व वाली भूमि, ग्राम सभा में निहित भूमि और पक्की चारदीवारी वाले फार्महाउस शामिल हैं। यह स्पष्टीकरण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सहायता केवल वास्तविक कृषक परिवारों तक पहुँचे।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार किसानों के परिश्रम, उनकी आजीविका और कृषि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा, 'प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों के कारण जब किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं, तब सरकार का दायित्व है कि वह उनके साथ मजबूती से खड़ी रहे और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।'
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और संकट की घड़ी में उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है, और दिल्ली सरकार उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रही है।
आगे क्या होगा
यह अनुग्रह सहायता किसानों को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ उन्हें अगली फसल की तैयारी में सक्षम बनाएगी और कृषि गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में शहरीकरण के दबाव के बीच कृषि क्षेत्र पहले से ही सिकुड़ रहा है, और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों के लिए समय पर मुआवजा उनकी आजीविका बचाए रखने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।