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शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर: महुआ बीनते वक्त महिला और 8 वर्षीय बच्ची की मौत, एक घायल

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शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर: महुआ बीनते वक्त महिला और 8 वर्षीय बच्ची की मौत, एक घायल

सारांश

शहडोल के ओदारी गांव में महुआ बीनने गई एक महिला और उसकी 8 वर्षीय भतीजी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब IMD ने MP के 38 जिलों में तूफान का अलर्ट जारी किया है और मानसून सामान्य से 8-10 दिन देरी से आने की संभावना है।

मुख्य बातें

शहडोल जिले के ओदारी गांव में 20 जून को आकाशीय बिजली गिरने से 50 वर्षीय इट्टो बाई गोंड और 8 वर्षीय सफीना सिंह की मौत हो गई।
दोनों घर से करीब एक किलोमीटर दूर महुआ बीनने गई थीं; एक तीसरी महिला गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती ।
IMD ने मध्य प्रदेश के 38 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
विदिशा, राजगढ़, गुना, रायसेन में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाओं की चेतावनी; सीहोर और आगर-मालवा में ऑरेंज अलर्ट ।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी तेलंगाना के पास रुका है; 25 जून के आसपास MP में प्रवेश संभव — सामान्य से 8-10 दिन देरी ।

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार, 20 जून को आकाशीय बिजली गिरने से 50 वर्षीय इट्टो बाई गोंड और उनकी आठ वर्षीय भतीजी सफीना सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दोनों ओदारी गांव के पास महुआ बीनने गई थीं, जब अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। घटना में मौजूद एक तीसरी महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, पपौंध थाना क्षेत्र के ओदारी गांव निवासी इट्टो बाई गोंड अपनी भतीजी सफीना सिंह और एक अन्य महिला के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर महुआ बीनने निकली थीं। इसी दौरान मौसम तेजी से बदला और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई।

पेड़ के पास अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से इट्टो बाई और सफीना की तत्काल मृत्यु हो गई। तीसरी महिला को करंट का तेज झटका लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने परिजनों और पपौंध थाना पुलिस को इत्तला दी। पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी। घायल महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

मौसम विभाग का अलर्ट और प्री-मानसून स्थिति

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 38 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी है। सीहोर और आगर-मालवा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित दर्जनों जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

मानसून की स्थिति

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी मध्य प्रदेश नहीं पहुंचा है और फिलहाल तेलंगाना के आसपास रुका हुआ है। यदि अगले दो-तीन दिनों में इसकी गति बढ़ती है, तो मानसून 25 जून के आसपास राज्य में प्रवेश कर सकता है — जो सामान्य तिथि से करीब 8 से 10 दिन की देरी होगी।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और जलाशयों के पास जाने से बचें। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हर मानसून सीजन से पहले आकाशीय बिजली गिरने की ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी इन हादसों को और घातक बना देती है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ओदारी जैसे सुदूर गांवों में यह जानकारी खेत में काम करने वाले लोगों तक नहीं पहुंच पाती। महुआ बीनना मध्य प्रदेश के आदिवासी परिवारों की आजीविका का अहम हिस्सा है, और प्री-मानसून के दौरान यह जोखिम हर साल दोहराया जाता है। बिना स्थानीय स्तर पर प्रभावी चेतावनी तंत्र के, ये अलर्ट केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में कौन मारे गए?
ओदारी गांव निवासी 50 वर्षीय इट्टो बाई गोंड और उनकी 8 वर्षीय भतीजी सफीना सिंह की मौत हो गई। दोनों 20 जून को महुआ बीनने गई थीं, जब पेड़ के पास बिजली गिरी।
घायल महिला की स्थिति क्या है?
घटना में मौजूद तीसरी महिला को बिजली का तेज झटका लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
IMD ने मध्य प्रदेश में किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने MP के 38 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। सीहोर और आगर-मालवा के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जबकि विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाओं की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश में मानसून कब तक पहुंचेगा?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना के आसपास रुका है। यदि अगले दो-तीन दिनों में इसकी गति बढ़ती है तो यह 25 जून के आसपास MP में प्रवेश कर सकता है, जो सामान्य तिथि से 8 से 10 दिन की देरी होगी।
बिजली गिरने के दौरान प्रशासन ने क्या सावधानियाँ बताई हैं?
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और जलाशयों के पास न जाएं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और जंगलों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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