शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर: महुआ बीनते वक्त महिला और 8 वर्षीय बच्ची की मौत, एक घायल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार, 20 जून को आकाशीय बिजली गिरने से 50 वर्षीय इट्टो बाई गोंड और उनकी आठ वर्षीय भतीजी सफीना सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दोनों ओदारी गांव के पास महुआ बीनने गई थीं, जब अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। घटना में मौजूद एक तीसरी महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, पपौंध थाना क्षेत्र के ओदारी गांव निवासी इट्टो बाई गोंड अपनी भतीजी सफीना सिंह और एक अन्य महिला के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर महुआ बीनने निकली थीं। इसी दौरान मौसम तेजी से बदला और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई।
पेड़ के पास अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से इट्टो बाई और सफीना की तत्काल मृत्यु हो गई। तीसरी महिला को करंट का तेज झटका लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने परिजनों और पपौंध थाना पुलिस को इत्तला दी। पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी। घायल महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पूरे गांव में शोक का माहौल है।
मौसम विभाग का अलर्ट और प्री-मानसून स्थिति
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 38 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी है। सीहोर और आगर-मालवा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित दर्जनों जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
मानसून की स्थिति
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी मध्य प्रदेश नहीं पहुंचा है और फिलहाल तेलंगाना के आसपास रुका हुआ है। यदि अगले दो-तीन दिनों में इसकी गति बढ़ती है, तो मानसून 25 जून के आसपास राज्य में प्रवेश कर सकता है — जो सामान्य तिथि से करीब 8 से 10 दिन की देरी होगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और जलाशयों के पास जाने से बचें। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हर मानसून सीजन से पहले आकाशीय बिजली गिरने की ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी इन हादसों को और घातक बना देती है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।