शहडोल में आंधी-तूफान का कहर: हाट बाजार में महुआ पेड़ गिरने से सब्जी विक्रेता महिला की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 15 मई 2026 की शुक्रवार देर शाम आंधी-तूफान के दौरान हाट बाजार में एक विशाल महुआ का पेड़ गिरने से सोगी बाई महरा (46) की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका ग्राम मलया केशवाही की निवासी थीं और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बाजार में सब्जी की दुकान लगाती थीं।
घटनाक्रम
जिला मुख्यालय से करीब 57 किलोमीटर दूर अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिरवा के हाट बाजार में शुक्रवार शाम अचानक तेज आंधी आई। इसी दौरान बाजार में लगा एक विशाल महुआ का पेड़ जड़ से उखड़ गया। पेड़ के पास अपनी सब्जी की दुकान लगाकर बैठी सोगी बाई महरा उसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना के समय बाजार में काफी भीड़ मौजूद थी। पेड़ गिरते ही चारों ओर अफरातफरी मच गई और आसपास खड़े लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। बाजार क्षेत्र में कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति भी बन गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्रमणि पाण्डेय ने बताया कि तेज आंधी-तूफान के कारण हाट बाजार में लगा महुआ का पेड़ अचानक गिर गया, जिससे सब्जी की दुकान लगाकर बैठी महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आम जनता पर असर
मृतका सोगी बाई महरा अपने परिवार की एकमात्र आजीविका चलाने वाली थीं। हाट बाजार में सब्जी बेचना उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य साधन था। यह घटना उन हज़ारों छोटे विक्रेताओं की असुरक्षित स्थिति को उजागर करती है जो खुले बाजारों में बिना किसी सुरक्षा ढाँचे के काम करते हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश में 15 मई से 18 मई तक कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। 16 से 18 मई के बीच ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की आशंका है। धार, इंदौर, रतलाम और उज्जैन सहित आसपास के इलाकों में भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। पूरे प्रदेश में गर्म हवाओं और हीटवेव का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र प्रशासन से अपेक्षा है कि खुले बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पुराने एवं जर्जर पेड़ों की पहचान कर उन्हें समय रहते हटाया जाए। मध्य प्रदेश में मौसम का यह बदलता मिज़ाज आने वाले दिनों में और चुनौतियाँ पेश कर सकता है।