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श्योपुर में आंधी-बारिश का कहर: टिन शेड ढहने और ऑटो पलटने से चार की मौत, एक घायल

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श्योपुर में आंधी-बारिश का कहर: टिन शेड ढहने और ऑटो पलटने से चार की मौत, एक घायल

सारांश

श्योपुर में शुक्रवार की दोपहर आई आंधी-बारिश ने दो हादसों में चार जानें ले लीं — टिन शेड ढहने से एक ही परिवार के तीन खेत मजदूर और ऑटो पलटने से एक 80 वर्षीय महिला की मौत। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे और भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

श्योपुर जिले में 12 जून को प्री-मानसून आंधी-बारिश से दो अलग हादसों में चार लोगों की मौत , एक घायल।
सुसवाड़ा गांव में टिन शेड ढहने से भीमा आदिवासी (40) , सीमा आदिवासी (38) और रजवती आदिवासी (21) की मौत — तीनों एक ही परिवार के।
सालपुरा क्षेत्र में ऑटो रिक्शा पलटने से 80 वर्षीय भरोसी बाई वैष्णव की मौके पर मौत।
जिले में पेड़ उखड़े, कच्चे मकान क्षतिग्रस्त, बिजली लाइनें टूटीं और घंटों यातायात बाधित रहा।
तापमान 41°C से घटकर 36°C हुआ; मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे और बारिश-तूफान की चेतावनी दी।

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में शुक्रवार, 12 जून की दोपहर आई तेज आंधी और प्री-मानसून बारिश ने भीषण तबाही मचाई। जिले में दो अलग-अलग हादसों में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। यह घटना उस वक्त हुई जब जिले में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था और मौसम अचानक करवट ले गया।

सुसवाड़ा गांव में टिन शेड ढहा, तीन की मौत

सबसे दर्दनाक हादसा आवदा थाना क्षेत्र के सुसवाड़ा गांव में हुआ। आवदा थाना प्रभारी धर्मेंद्र मालवीय के अनुसार, राजपुरा गांव का एक चार सदस्यीय परिवार वहाँ मूंग की फसल की रखवाली कर रहा था। अचानक मौसम बिगड़ने पर सभी सदस्य एक अस्थायी टिन शेड में शरण लेने चले गए।

तेज हवाओं के कारण शेड से सटी कंक्रीट की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसके साथ टिन शेड भी ढह गया और सभी लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा आदिवासी (38) और बहू रजवती आदिवासी (21) की मौत हो गई। परिवार का एक अन्य सदस्य घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए राजस्थान के केलवाड़ा अस्पताल भेजा गया है।

सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे से सभी को निकालकर जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

ऑटो पलटने से 80 वर्षीय महिला की मौत

एक अन्य घटना में सालपुरा क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ा एक ऑटो रिक्शा तेज आंधी के कारण पलट गया। इसकी चपेट में आने से 80 वर्षीय भरोसी बाई वैष्णव की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उसी तूफान के दौरान हुई जिसने सुसवाड़ा में तबाही मचाई थी।

बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान

आंधी और बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचा और बिजली की लाइनें टूट गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी कई घंटों तक प्रभावित रहा।

गौरतलब है कि यह तूफान ऐसे समय में आया जब श्योपुर भीषण गर्मी की चपेट में था। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत ज़रूर मिली — मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान इस सप्ताह 41 डिग्री सेल्सियस से घटकर शुक्रवार को लगभग 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया — लेकिन इसकी कीमत चार जानों से चुकानी पड़ी।

अगले 24 घंटे: और बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान श्योपुर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएँ चलने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खुले में और कच्चे ढाँचों के पास रहने से बचने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

महज़ प्राकृतिक आपदा का नहीं। मध्य प्रदेश में हर साल प्री-मानसून तूफान इसी तरह की जानें लेते हैं, फिर भी खेत मज़दूरों के लिए सुरक्षित अस्थायी आश्रयों की कोई व्यवस्थित नीति नज़र नहीं आती। मौसम विभाग की चेतावनी प्रणाली और ज़मीनी स्तर पर उसकी पहुँच के बीच की खाई इन मौतों में साफ़ दिखती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्योपुर में आंधी-बारिश से कितने लोगों की मौत हुई और कैसे?
12 जून को श्योपुर जिले में दो अलग-अलग हादसों में कुल चार लोगों की मौत हुई। सुसवाड़ा गांव में टिन शेड ढहने से एक परिवार के तीन सदस्य और सालपुरा में ऑटो रिक्शा पलटने से एक 80 वर्षीय महिला की जान गई।
सुसवाड़ा गांव में टिन शेड हादसे में कौन-कौन मारे गए?
हादसे में भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा आदिवासी (38) और बहू रजवती आदिवासी (21) की मौत हुई। तीनों राजपुरा गांव के निवासी थे और मूंग की फसल की रखवाली के दौरान अस्थायी टिन शेड में शरण लेने गए थे।
श्योपुर में आंधी से और क्या नुकसान हुआ?
आंधी-बारिश से जिले में कई जगह पेड़ उखड़े, कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए और बिजली लाइनें टूट गईं। कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने श्योपुर के लिए क्या चेतावनी दी है?
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में श्योपुर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएँ चलने की संभावना जताई है। जिले का तापमान 41°C से घटकर 36°C दर्ज किया गया।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव अभियान चलाया और मलबे से सभी को निकालकर जिला अस्पताल पहुँचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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