12 अगस्त 2026
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गाजियाबाद: नाबालिग से पहचान छिपाकर दोस्ती, पीछा और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप — एफआईआर दर्ज

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गाजियाबाद: नाबालिग से पहचान छिपाकर दोस्ती, पीछा और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप — एफआईआर दर्ज

सारांश

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक नाबालिग किशोरी से कथित तौर पर पहचान छिपाकर दोस्ती करने, नशा देने, पीछा करने और धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आया है। माँ की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की है; सभी आरोप अभी जाँच के अधीन हैं।

मुख्य बातें

गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से जुड़ा गंभीर मामला दर्ज।
आरोपी आतिश खान पर कथित तौर पर पहचान छिपाकर सोनू उर्फ आदित्य सैनी नाम से दोस्ती करने का आरोप।
किशोरी को कथित तौर पर नशा देने, पीछा करने और अश्लील हरकत करने के आरोप शिकायत में शामिल।
आरोपी की माँ पर भी किशोरी को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने का आरोप।
परिवार ने धर्मांतरण के प्रयास की आशंका जताई; यह आरोप अभी जाँच का विषय है।
शिकायत 8 अगस्त 2026 को सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष दी गई; एफआईआर दर्ज, जाँच जारी।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित तौर पर पहचान छिपाकर संपर्क बनाने, उसका पीछा करने, नशे का आदी बनाने, भावनात्मक ब्लैकमेल करने और परिवार को धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। 8 अगस्त 2026 को किशोरी की माँ ने गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

शिकायत में आतिश खान नामक युवक पर आरोप लगाया गया है कि उसने किशोरी से दोस्ती करने के दौरान कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाई और खुद को सोनू उर्फ आदित्य सैनी बताया। परिवार के अनुसार, दोस्ती बढ़ने के बाद किशोरी को किसी प्रकार का नशा कराया जाने लगा, जिसके प्रभाव में वह कथित तौर पर दो-दो दिन तक सोती रहती थी।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को अपने प्रभाव में लेने के लिए दो अन्य लड़कियों का भी सहारा लिया। एक अवसर पर परिवार ने आरोपी को किशोरी का पीछा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने एक बार रास्ते में किशोरी के साथ अश्लील हरकत भी की, जिससे वह भयभीत हो गई।

परिवार पर दबाव और धमकी

शिकायत में आरोप है कि आरोपी की माँ ने भी इस घटनाक्रम में कथित भूमिका निभाई। परिवार के अनुसार, आरोपी की माँ ने किशोरी को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते हुए कहा कि यदि उसने युवक से बातचीत बंद की, तो वह घर छोड़ देगी या आत्महत्या कर लेगी — और इसकी जिम्मेदारी किशोरी पर होगी। इसके अतिरिक्त, जब किशोरी आरोपी से दूरी बनाने का प्रयास कर रही थी, तब युवक ने कथित तौर पर उसके पिता को भी धमकी दी।

धर्मांतरण की आशंका — जाँच का विषय

परिवार की ओर से मामले में धर्मांतरण के प्रयास की भी आशंका जताई गई है। हालाँकि, यह आरोप अभी जाँच का विषय है और पुलिस की जाँच, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही इसकी वास्तविकता स्पष्ट होगी। अधिकारियों के अनुसार, नशे, पहचान छिपाने और धर्मांतरण की कोशिश जैसे सभी आरोपों की विधिवत जाँच की जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई

इंदिरापुरम पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और जाँच प्रारंभ कर दी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में नाबालिगों से जुड़े अपराधों के प्रति कानूनी सख्ती बढ़ाई जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अदालतों में दोषसिद्धि दर अभी भी कम है — जो यह रेखांकित करती है कि आरोप और साक्ष्य के बीच की खाई को पाटना कितना ज़रूरी है। पुलिस की निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच ही इस मामले में न्याय की कसौटी होगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद नाबालिग मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिकायत में आरोप है कि आतिश खान ने पहचान छिपाकर नाबालिग किशोरी से दोस्ती की, उसे नशा दिया, पीछा किया, अश्लील हरकत की और परिवार को धमकी दी। परिवार ने धर्मांतरण की कोशिश की भी आशंका जताई है, जो अभी जाँच का विषय है।
एफआईआर कब और कहाँ दर्ज की गई?
किशोरी की माँ ने 8 अगस्त 2026 को गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायत दी। इसके आधार पर इंदिरापुरम थाने में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई है।
धर्मांतरण का आरोप कितना पुख्ता है?
धर्मांतरण का आरोप परिवार की शिकायत में शामिल है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जाँच का विषय है। साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही इसकी वास्तविकता सामने आएगी।
आरोपी की माँ की इस मामले में क्या भूमिका बताई गई है?
शिकायत के अनुसार, आरोपी की माँ ने किशोरी को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने का प्रयास किया और आत्महत्या की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया। यह आरोप भी जाँच के दायरे में है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
इंदिरापुरम पुलिस जाँच जारी रखेगी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। परिवार ने सुरक्षा की माँग भी की है जिस पर पुलिस विचार कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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