गाजियाबाद: नाबालिग से पहचान छिपाकर दोस्ती, पीछा और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप — एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित तौर पर पहचान छिपाकर संपर्क बनाने, उसका पीछा करने, नशे का आदी बनाने, भावनात्मक ब्लैकमेल करने और परिवार को धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। 8 अगस्त 2026 को किशोरी की माँ ने गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
शिकायत में आतिश खान नामक युवक पर आरोप लगाया गया है कि उसने किशोरी से दोस्ती करने के दौरान कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाई और खुद को सोनू उर्फ आदित्य सैनी बताया। परिवार के अनुसार, दोस्ती बढ़ने के बाद किशोरी को किसी प्रकार का नशा कराया जाने लगा, जिसके प्रभाव में वह कथित तौर पर दो-दो दिन तक सोती रहती थी।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को अपने प्रभाव में लेने के लिए दो अन्य लड़कियों का भी सहारा लिया। एक अवसर पर परिवार ने आरोपी को किशोरी का पीछा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने एक बार रास्ते में किशोरी के साथ अश्लील हरकत भी की, जिससे वह भयभीत हो गई।
परिवार पर दबाव और धमकी
शिकायत में आरोप है कि आरोपी की माँ ने भी इस घटनाक्रम में कथित भूमिका निभाई। परिवार के अनुसार, आरोपी की माँ ने किशोरी को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते हुए कहा कि यदि उसने युवक से बातचीत बंद की, तो वह घर छोड़ देगी या आत्महत्या कर लेगी — और इसकी जिम्मेदारी किशोरी पर होगी। इसके अतिरिक्त, जब किशोरी आरोपी से दूरी बनाने का प्रयास कर रही थी, तब युवक ने कथित तौर पर उसके पिता को भी धमकी दी।
धर्मांतरण की आशंका — जाँच का विषय
परिवार की ओर से मामले में धर्मांतरण के प्रयास की भी आशंका जताई गई है। हालाँकि, यह आरोप अभी जाँच का विषय है और पुलिस की जाँच, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही इसकी वास्तविकता स्पष्ट होगी। अधिकारियों के अनुसार, नशे, पहचान छिपाने और धर्मांतरण की कोशिश जैसे सभी आरोपों की विधिवत जाँच की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई
इंदिरापुरम पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और जाँच प्रारंभ कर दी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में नाबालिगों से जुड़े अपराधों के प्रति कानूनी सख्ती बढ़ाई जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।