गाजियाबाद में खुलासा: देश विरोधी गतिविधियों में शामिल 3 नए आरोपियों की गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- गाज़ियाबाद में एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
- गिरोह देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न था।
- पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह मामला गंभीर है।
गाजियाबाद, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना उजागर हुई है, जहां पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों और संवेदनशील सूचनाओं को विदेश भेजने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, थाना कौशाम्बी क्षेत्र में १४ मार्च को सूचना मिली थी कि भोवापुर क्षेत्र में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में संलग्न हैं। ये युवक रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के वीडियो और फोटो बनाकर विदेश में बैठे लोगों को भेजते थे। इसके साथ ही, पैसों का लालच देकर अन्य युवाओं को भी इस कार्य में शामिल किया जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और प्रारंभिक चरण में ५ पुरुषों और १ महिला को गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल फोन की जांच में कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो, फोटो और लोकेशन डाटा मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच के दौरान १७ मार्च से आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिससे २० मार्च को ९ और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें ५ नाबालिग भी थे। इन नाबालिगों को बाद में किशोर न्याय गृह भेजा गया।
हाल की कार्रवाई में २२ मार्च को मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर एक महिला आरोपी मीरा और एक नाबालिग को भी पकड़ा गया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह पूरा नेटवर्क सीमापार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था। गिरोह के प्रमुख सदस्यों में सुहैल मलिक, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर शामिल हैं, जिनमें से सुहैल मलिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़े हुए थे और उन्हें विशेष ऐप्स के जरिए फोटो-वीडियो भेजने की ट्रेनिंग दी गई थी। ये लोग विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं को निशाना बनाते थे, ताकि उनसे संवेदनशील स्थानों की रेकी कराई जा सके। महिला आरोपी मीरा का काम हथियारों की तस्करी करना था और वह पहले भी दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार की जा चुकी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ३ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी हैंडलर आरोपियों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिम-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दे रहे थे, ताकि महत्वपूर्ण स्थानों की लगातार निगरानी की जा सके।
वर्तमान में, पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित होने के कारण एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।