सीतामढ़ी में खेत के करंट से पति-पत्नी समेत 3 की मौत, फसल बचाने को लगाए थे नंगे तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सीतामढ़ी जिले में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को तड़के लगभग 3 बजे एक धान के खेत में जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए बिछाए गए नंगे बिजली के तारों की चपेट में आने से पति-पत्नी समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना बैरगनिया प्रखंड की अक्ता पश्चिमी चकवा पंचायत के तकिया टोला, वार्ड नंबर-5 में हुई, और इसके बाद पूरे गाँव में शोक की लहर है।
हादसे का क्रम
घटना उस समय शुरू हुई जब तकिया टोला निवासी मोहम्मद इस्लाम मंसूरी की भैंस रात को खूंटे से खुलकर कहीं चली गई। उसे खोजने के लिए वह अंधेरे में ही घर से निकले और आसपास के खेतों में तलाश करने लगे। इसी दौरान वह एक धान के खेत के पास पहुँचे, जहाँ नंगे बिजली के तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था। अंधेरे में तार दिखाई न देने के कारण वह उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
काफी देर तक इस्लाम मंसूरी के घर न लौटने पर उनकी पत्नी रुबैदा खातून उन्हें ढूंढने खेत की ओर निकलीं। वहाँ पति को बेसुध पड़ा देख वह उनके पास गईं और उन्हें बचाने का प्रयास किया, परंतु इसी क्रम में वह भी उन्हीं बिजली के तारों की चपेट में आ गईं और उनकी भी मौत हो गई।
घटना की भनक लगने पर मौके पर पहुँचे गाँव के ही एक अन्य निवासी असमत अली भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी भी जान चली गई। इस प्रकार एक ही रात में तीन लोगों की मृत्यु हुई।
खेत में करंट क्यों था
स्थानीय जानकारी के अनुसार, धान की पकती फसल को जंगली सूअरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर नंगे बिजली के तार बिछाकर उनमें जानबूझकर करंट प्रवाहित किया जा रहा था। मौके से दो जंगली सूअरों के शव भी बरामद किए गए, जिससे यह आशंका और पुख्ता होती है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों द्वारा फसल नष्ट करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं और किसान परंपरागत तरीकों के बजाय खतरनाक उपाय अपनाने को मजबूर हो रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नंगे बिजली के तार किसने लगाए और विद्युत आपूर्ति किस स्रोत से की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि खेत में नंगे बिजली के तार बिछाना भारतीय दंड संहिता के तहत एक दंडनीय अपराध है, और ऐसी घटनाओं में संबंधित किसान पर गंभीर आपराधिक धाराएँ लग सकती हैं।
आम जनता और परिवारों पर असर
तीन लोगों की मौत की खबर फैलते ही तकिया टोला और आसपास के गाँवों में मातम छा गया। सुबह होते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
यह हादसा इस बात की गंभीर याद दिलाता है कि जंगली जानवरों और फसल सुरक्षा की समस्या से जूझ रहे किसानों को सुरक्षित एवं कानूनी विकल्प उपलब्ध कराए जाने की सख्त ज़रूरत है। आगे पुलिस जाँच के निष्कर्षों के आधार पर इस मामले में उचित कदम उठाए जाने की संभावना है।