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जयशंकर ने CHOGM 2026 में गुयाना राष्ट्रपति से मुलाकात की, $500 मिलियन क्रेडिट लाइन विस्तार का ऐलान

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जयशंकर ने CHOGM 2026 में गुयाना राष्ट्रपति से मुलाकात की, $500 मिलियन क्रेडिट लाइन विस्तार का ऐलान

सारांश

CHOGM 2026 के मंच पर भारत ने गुयाना के साथ $500 मिलियन की क्रेडिट लाइन बढ़ाकर और UPI जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार कर 'ग्लोबल साउथ' में अपनी आर्थिक कूटनीति को नई धार दी है। नवंबर 2024 की मोदी यात्रा के बाद यह साझेदारी अब ठोस समझौतों में बदल रही है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को CHOGM 2026 , सेंट जॉन्स में गुयाना के राष्ट्रपति डॉ.
इरफान अली से मुलाकात की।
दोनों देशों ने सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए $500 मिलियन की ऋण सुविधा विस्तार की घोषणा की।
गुयाना में UPI जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली के संचालन और MSE विनिर्माण परियोजनाओं पर समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
नवंबर 2024 में PM मोदी की गुयाना यात्रा — 56 वर्षों में पहली भारतीय PM की यात्रा — के बाद द्विपक्षीय संबंधों में यह अगला बड़ा कदम है।
जयशंकर ने CHOGM 2026 में ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज और ब्रिटिश PM एंडी बर्नहम से भी अलग अलग द्विपक्षीय बातचीत की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को सेंट जॉन्स, एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM) 2026 के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने गुयाना के सार्वजनिक एवं रक्षा बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा (लाइन ऑफ क्रेडिट) के विस्तार की संयुक्त घोषणा की।

मुख्य घोषणाएँ और समझौते

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, "गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मिलकर खुशी हुई। 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई निरंतर प्रगति की समीक्षा की। हमने सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा बढ़ाने की घोषणा की है।" इस ऋण सुविधा का उपयोग मुख्यतः गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य सेवा और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSE) विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति और स्थापना, 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' के लिए अनुदान सहायता और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर — विशेषतः गुयाना में UPI जैसी भुगतान प्रणाली के संचालन में सहयोग — पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और द्विपक्षीय संबंध

भारत और गुयाना के संबंध मई 1966 में गुयाना की स्वतंत्रता के समय से ही घनिष्ठ रहे हैं। गौरतलब है कि नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने गुयाना की एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की थी — यह 56 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। उस दौरान उन्हें गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया था।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत कैरेबियाई और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने में सक्रिय है। पिछले महीने ही गुयाना में भारत के उच्चायुक्त चिन्मय नाइक ने जॉर्जटाउन में एक आधिकारिक समारोह में राष्ट्रपति अली को अपने परिचय पत्र सौंपे थे।

CHOGM 2026 में अन्य महत्वपूर्ण बैठकें

CHOGM 2026 के दौरान जयशंकर ने गुयाना के राष्ट्रपति के अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से भी अलग अलग मुलाकात की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा, "मैंने उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने CETA के संदर्भ में और वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।"

आगे की दिशा

गुयाना में भारतीय उच्चायोग ने पुष्टि की है कि द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने और कई क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने पर विशेष बल दिया गया है। UPI जैसी डिजिटल प्रणाली का विस्तार और MSE परियोजनाओं में सहयोग भारत की 'ग्लोबल साउथ' कूटनीति को ठोस आर्थिक आधार देने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हाल के वर्षों में तेल संपदा के कारण रणनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, उसे डिजिटल ढाँचा और रक्षा सहायता देकर भारत एक दीर्घकालिक साझेदारी बना रहा है। UPI जैसी प्रणाली का निर्यात आर्थिक कूटनीति का नया औज़ार बनता जा रहा है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये परियोजनाएँ ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से और पारदर्शी तरीके से लागू होती हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CHOGM 2026 में जयशंकर और गुयाना राष्ट्रपति की बैठक में क्या हुआ?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को सेंट जॉन्स में CHOGM 2026 के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मुलाकात की। दोनों देशों ने $500 मिलियन की ऋण सुविधा विस्तार की घोषणा की और MSE परियोजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा UPI जैसी प्रणाली पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत गुयाना $500 मिलियन क्रेडिट लाइन का उपयोग किन परियोजनाओं के लिए होगा?
यह ऋण सुविधा मुख्यतः गुयाना में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवा और रक्षा बुनियादी ढाँचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी। इसके अतिरिक्त सूक्ष्म एवं लघु उद्यम विनिर्माण और 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' के लिए अनुदान सहायता भी इसमें शामिल है।
भारत और गुयाना के संबंधों की पृष्ठभूमि क्या है?
मई 1966 में गुयाना की स्वतंत्रता के बाद से दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं। नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने गुयाना की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की — 56 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा — जहाँ उन्हें 'ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया।
गुयाना में UPI जैसी प्रणाली का क्या मतलब है?
भारत गुयाना में अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू करने में सहयोग करेगा। यह भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की नीति का हिस्सा है।
CHOGM 2026 में जयशंकर ने किन अन्य नेताओं से मुलाकात की?
CHOGM 2026 के दौरान जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से भी अलग अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। ब्रिटेन के साथ बातचीत में CETA के संदर्भ में आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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