11 अक्टूबर 2026
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जयशंकर की अफ्रीका यात्रा: घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया के साथ भारत ने मजबूत किए संबंध

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जयशंकर की अफ्रीका यात्रा: घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया के साथ भारत ने मजबूत किए संबंध

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की पाँच दिवसीय अफ्रीका यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह भारत की ग्लोबल साउथ रणनीति का ठोस क्रियान्वयन था। घाना में 2 एमओयू, कोट डी आइवर में $1.5 अरब व्यापार विस्तार की चर्चा और इथियोपिया में AI से लेकर कृत्रिम अंग शिविर तक — तीनों देशों में भारत की बहुआयामी उपस्थिति दर्ज हुई।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 6-10 अक्टूबर 2026 के बीच घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की पाँच दिवसीय यात्रा पूरी की।
भारत और घाना ने शैक्षणिक-वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
भारत- कोट डी आइवर द्विपक्षीय व्यापार $1.5 अरब से अधिक है; निवेश और स्थानीय विनिर्माण बढ़ाने पर सहमति बनी।
इथियोपिया में जयशंकर ने जयपुर कृत्रिम अंग शिविर के अगले संस्करण की घोषणा की; 2024 के शिविर में 450 लोगों को लाभ मिला था।
अदीस अबाबा में अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों के क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की गई।
यह यात्रा दिसंबर 2025 और सितंबर 2026 की उच्चस्तरीय भारत-इथियोपिया यात्राओं की कड़ी में अगला कदम है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 6 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की पाँच दिवसीय यात्रा संपन्न की, जिससे इन तीन अफ्रीकी देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और शिक्षा सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर ठोस चर्चा हुई। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपनी 'ग्लोबल साउथ' केंद्रित कूटनीति को नई धार देने में जुटा है।

घाना: दो एमओयू और गहरी होती साझेदारी

जयशंकर ने घाना में राष्ट्रपति जॉन द्रामानी महामा से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ दीं। दोनों पक्षों ने जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा के बाद भारत-घाना साझेदारी में आई तेज़ी की समीक्षा की।

भारत और घाना ने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, दवा उद्योग, रक्षा, प्रौद्योगिकी और जन-संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की।

गौरतलब है कि दोनों मंत्रियों ने भारत की 'एक पेड़ माँ के नाम' और घाना की 'ट्री फॉर लाइफ' पहल के समर्थन में विदेश मंत्रालय परिसर में प्लूमेरिया का पौधा लगाया। जयशंकर ने घाना फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट में 'भारत, घाना और ग्लोबल साउथ' विषय पर व्याख्यान दिया और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के लिए घाना का स्वीकृति पत्र भी प्राप्त किया।

संयुक्त मीडिया वार्ता में जयशंकर ने क्षतिपूर्ति न्याय और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी के मुद्दों पर घाना के नेतृत्व की सराहना की। घाना ने भी स्वीकार किया कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को समूह की स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की भूमिका सराहनीय रही।

कोट डी आइवर: व्यापार और रक्षा सहयोग पर जोर

कोट डी आइवर में जयशंकर ने राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति मुर्मू तथा प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ दीं। दोनों नेताओं ने मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की।

जयशंकर ने उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा औटारा के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ बैठक में दोनों देशों के संबंधों की व्यापक समीक्षा हुई।

भारत और कोट डी आइवर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.5 अरब डॉलर से अधिक है। दोनों पक्षों ने निवेश, स्थानीय विनिर्माण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के ज़रिए व्यापार को और बढ़ाने के उपायों पर सहमति जताई। कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, दवा उद्योग, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और क्षमता निर्माण को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया।

इथियोपिया: रणनीतिक साझेदारी और मानवीय पहल

इथियोपिया में जयशंकर ने प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ तथा एक व्यक्तिगत संदेश दिया। उन्होंने अबी अहमद को दोबारा निर्वाचित होने पर भी बधाई दी।

जयशंकर ने इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियोन टिमोथेवोस के साथ व्यापक चर्चा की, जिसमें व्यापार, निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, खनन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

मानवीय सहयोग के तहत जयशंकर ने जयपुर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का अगला संस्करण इथियोपिया में आयोजित करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि 2024 में इथियोपिया के अफार क्षेत्र में आयोजित शिविर से लगभग 450 लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए थे।

भारत ने इथियोपियाई अधिकारियों के लिए फॉरेंसिक विज्ञान, महिला एवं बाल विकास और मीडिया प्रशासन के क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की भी पेशकश की।

अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों का क्षेत्रीय सम्मेलन

अदीस अबाबा में जयशंकर ने अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों के क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस सम्मेलन में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत की साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ।

यह यात्रा दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया यात्रा और सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री अबी अहमद की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते उच्चस्तरीय संपर्कों की कड़ी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे ने भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी को ठोस आधार देने का काम किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्र-विशेष में ठोस वितरण पर है: एमओयू, प्रशिक्षण कार्यक्रम, मानवीय पहलें। हालाँकि, $1.5 अरब का भारत-कोट डी आइवर व्यापार आँकड़ा उस संभावना के मुकाबले छोटा है जो इस क्षेत्र में मौजूद है। असली परीक्षा यह होगी कि घोषित एमओयू और सहयोग-क्षेत्र कागज से ज़मीन पर कितनी जल्दी उतरते हैं — क्योंकि चीन और खाड़ी देशों की अफ्रीका में मौजूदगी तेज़ी से बढ़ रही है और भारत के पास समय कम है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस. जयशंकर की अफ्रीका यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह पाँच दिवसीय यात्रा (6-10 अक्टूबर 2026) भारत और घाना, कोट डी आइवर तथा इथियोपिया के बीच व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और कौशल विकास में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने के लिए थी। यह यात्रा भारत की ग्लोबल साउथ कूटनीति की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भारत और घाना के बीच कौन से एमओयू पर हस्ताक्षर हुए?
भारत और घाना ने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। ये एमओयू जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा के बाद से मज़बूत हो रही भारत-घाना साझेदारी को और आगे बढ़ाते हैं।
इथियोपिया में जयशंकर ने क्या घोषणा की?
जयशंकर ने इथियोपिया में जयपुर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर के अगले संस्करण के आयोजन की घोषणा की। 2024 में अफार क्षेत्र में हुए शिविर से लगभग 450 लोगों को कृत्रिम अंग मिले थे। इसके अलावा भारत ने फॉरेंसिक विज्ञान, महिला एवं बाल विकास और मीडिया प्रशासन में इथियोपियाई अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की भी पेशकश की।
भारत-कोट डी आइवर व्यापार की वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत और कोट डी आइवर के बीच द्विपक्षीय व्यापार $1.5 अरब से अधिक है। दोनों पक्षों ने निवेश, स्थानीय विनिर्माण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के ज़रिए इसे और बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया गया।
अदीस अबाबा में हुए क्षेत्रीय सम्मेलन का क्या महत्व है?
अदीस अबाबा में जयशंकर ने अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों के क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस सम्मेलन में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत की साझेदारी को मज़बूत करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ, जो भारत की अफ्रीका नीति को ज़मीनी स्तर पर समन्वित करने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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