6 अक्टूबर 2026
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जयशंकर अदीस अबाबा पहुंचे, कॉमनवेल्थ महासचिव बोचवे से मुलाकात; अफ्रीका दौरे में तीन देशों से होगी द्विपक्षीय वार्ता

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जयशंकर अदीस अबाबा पहुंचे, कॉमनवेल्थ महासचिव बोचवे से मुलाकात; अफ्रीका दौरे में तीन देशों से होगी द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का अफ्रीका दौरा केवल औपचारिकता नहीं — यह ग्लोबल साउथ में भारत की बढ़ती कूटनीतिक उपस्थिति का ठोस संकेत है। घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया में द्विपक्षीय वार्ताएं और अदीस अबाबा में HOM सम्मेलन — सब मिलकर भारत की अफ्रीका-नीति को नई धार दे रहे हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर 6 अक्टूबर 2026 को अदीस अबाबा पहुंचे और कॉमनवेल्थ महासचिव शर्ली अयोर्कर बोचवे से मुलाकात की।
यह दौरा घाना , कोट डी आइवर और इथियोपिया की तीन-देशीय आधिकारिक यात्रा का हिस्सा है।
जयशंकर अदीस अबाबा में क्षेत्रीय भारतीय मिशन प्रमुखों ( HOMs ) के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
बैठकों में व्यापार , विकास सहयोग , क्षमता निर्माण और इंडो-पैसिफिक समेत वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे।
दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व PM डॉ.
केविन रड और स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से भी मुलाकात हुई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 6 अक्टूबर 2026 को अपनी तीन देशों की अफ्रीका यात्रा के तहत इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे, जहाँ उन्होंने कॉमनवेल्थ की महासचिव शर्ली अयोर्कर बोचवे से मुलाकात की। यह दौरा घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा का हिस्सा है, जो अफ्रीका के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करता है।

मुख्य घटनाक्रम

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अदीस अबाबा में यात्रा के दौरान कॉमनवेल्थ की महासचिव शर्ली अयोर्कर बोचवे से मिलकर बहुत अच्छा लगा।' अदीस अबाबा में वह क्षेत्रीय भारतीय मिशन प्रमुखों (HOMs) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे — जो अफ्रीकी उप-महाद्वीप में भारतीय कूटनीति के समन्वय का अहम मंच है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों देशों में जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और वहाँ के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा

मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में व्यापार और आर्थिक संबंध, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाएंगे। इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अपनी रणनीतिक एकजुटता को नई ऊंचाई देने में जुटा है।

केविन रड और स्विस राष्ट्रपति से भी मुलाकात

अफ्रीका यात्रा से पहले जयशंकर ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केविन रड से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'सोमवार को नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केविन रड से मुलाकात करके खुशी हुई। हमने दुनिया में हो रहे घटनाक्रम और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।'

इसी दौरान जयशंकर ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से भी नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन के बीच बैठक से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा।

अफ्रीका के साथ भारत की बड़ी कूटनीतिक रणनीति

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को व्यापार, सुरक्षा और विकास सहायता — तीनों मोर्चों पर सुदृढ़ करने की स्पष्ट नीति अपनाई है। G20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की भूमिका इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम था। जयशंकर की यह यात्रा उसी रणनीतिक निरंतरता का हिस्सा है।

आने वाले दिनों में इस दौरे के नतीजों — विशेषकर व्यापार और निवेश समझौतों — पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत के पास वादों से आगे बढ़कर परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन का दबाव है। HOM सम्मेलन की अध्यक्षता एक सकारात्मक संकेत है — यह दिखाता है कि अफ्रीकी कूटनीति को अब नई दिल्ली में उचित संस्थागत प्राथमिकता मिल रही है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर की अफ्रीका यात्रा में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
जयशंकर की यह आधिकारिक यात्रा घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया तीन देशों की है। तीनों देशों में वह अपने समकक्षों और शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
कॉमनवेल्थ महासचिव शर्ली अयोर्कर बोचवे से जयशंकर की मुलाकात का क्या महत्व है?
यह मुलाकात अदीस अबाबा में हुई और इसमें कॉमनवेल्थ ढाँचे के भीतर भारत-अफ्रीका सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। भारत कॉमनवेल्थ का सदस्य है और इस संगठन के माध्यम से अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंध और मज़बूत करना चाहता है।
अदीस अबाबा में HOM सम्मेलन क्या है?
HOM यानी क्षेत्रीय भारतीय मिशन प्रमुखों का सम्मेलन एक समन्वय बैठक है जिसमें अफ्रीकी देशों में तैनात भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त भाग लेते हैं। जयशंकर इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
जयशंकर ने केविन रड से किन मुद्दों पर बात की?
नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केविन रड से मुलाकात में जयशंकर ने वैश्विक घटनाक्रम और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।
भारत की अफ्रीका नीति में यह यात्रा कितनी अहम है?
यह यात्रा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें अफ्रीका के साथ व्यापार, विकास सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करना शामिल है। G20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की भूमिका के बाद यह यात्रा उसी प्रतिबद्धता की अगली कड़ी मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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