जयशंकर का घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया दौरा: 6-10 अक्टूबर, व्यापार और ग्लोबल साउथ पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 6 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस पाँच दिवसीय अफ्रीका दौरे में वे तीनों देशों के अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा अफ्रीका के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और पुख्ता करता है।
दौरे का एजेंडा और मुख्य विषय
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तीनों देशों में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे मुद्दे एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझे हित के विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत ग्लोबल साउथ में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से मज़बूत करने में जुटा है।
अदीस अबाबा में क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों का सम्मेलन
दौरे के दौरान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में डॉ. जयशंकर क्षेत्रीय भारतीय मिशन प्रमुखों (HOMs) के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। यह सम्मेलन अफ्रीका में तैनात भारतीय राजनयिकों के साथ समन्वय और रणनीतिक दिशा तय करने का एक अहम मंच है। गौरतलब है कि अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ (African Union) का मुख्यालय भी है, जो इस बैठक को और अधिक प्रतीकात्मक महत्त्व देता है।
भारत-अफ्रीका संबंधों के व्यापक संदर्भ में अहमियत
यह यात्रा भारत की अफ्रीका-केंद्रित कूटनीति की एक कड़ी है। भारत ने हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार, स्वास्थ्य, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और कृषि में सहयोग को नई ऊँचाई दी है। घाना और कोट डी आइवर पश्चिम अफ्रीका की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ हैं, जबकि इथियोपिया पूर्वी अफ्रीका में एक रणनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों में अफ्रीकी देशों का महत्त्व लगातार बढ़ रहा है।
स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की पृष्ठभूमि
अफ्रीका दौरे से ठीक पहले, सोमवार को नई दिल्ली में डॉ. जयशंकर ने स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत की राजकीय यात्रा पर आए स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत-ईएफटीए टीईपीए के वादे को आगे बढ़ाते हुए हमारी साझेदारी को गहरा करने के राष्ट्रपति परमेलिन के विचारों की गहराई से सराहना करता हूं।' उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन के बीच बैठक से भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को और गति मिलेगी।
आगे की राह
तीन अफ्रीकी देशों की यह यात्रा भारत की 'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' पहल को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक ठोस कदम है। कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन द्विपक्षीय बैठकों के नतीजे आने वाले महीनों में भारत-अफ्रीका व्यापार ढाँचे को नई दिशा दे सकते हैं।