विदेश मंत्री जयशंकर अकरा पहुंचे, घाना के साथ फार्मा-कृषि-IT साझेदारी पर होगी बड़ी वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 6 अक्टूबर 2026 को घाना की राजधानी अकरा पहुंचे, जहाँ वे भारत और घाना के बीच व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊँचाई देने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे। यह यात्रा 6 से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पाँच दिवसीय अफ्रीका दौरे का पहला पड़ाव है, जिसमें घाना के बाद कोटे डी आइवोर और इथियोपिया भी शामिल हैं।
अकरा में गर्मजोशी भरा स्वागत
अकरा पहुँचने पर जयशंकर का स्वागत घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेतो अबलाक्वा ने किया। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'आज अकरा, घाना पहुंचकर खुशी हुई। विदेश मंत्री सैम ओकुडजेतो अबलाक्वा द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत की सराहना करता हूं। व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत की उम्मीद है।' उनकी यह यात्रा घाना के विदेश मंत्री के आधिकारिक निमंत्रण पर हो रही है।
वार्ता के प्रमुख एजेंडे
घाना के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष राष्ट्रपति जॉन द्रुमानी महामा की 'अकरा रीसेट' सोच के तहत फार्मास्युटिकल विकास में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इसके अलावा कृषि मशीनीकरण और वैल्यू एडिशन, औद्योगिकीकरण और रोज़गार सृजन तथा छात्रवृत्ति और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार भी एजेंडे में है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बातचीत में व्यापार एवं आर्थिक संबंध, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं को शामिल किया जाएगा। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी साझा हितों के दृष्टिकोण का आदान-प्रदान होगा।
ऐतिहासिक महत्व और 'एकजुटता' का संदेश
घाना के विदेश मंत्रालय ने यात्रा को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह दोनों देशों को एकजुटता और साझा मूल्यों पर आधारित अपने संबंधों को और प्रगाढ़ करने का अवसर देती है। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अफ्रीका के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव को व्यापक रूप से मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
आगे का कार्यक्रम: कोटे डी आइवोर और इथियोपिया
घाना के बाद जयशंकर कोटे डी आइवोर और फिर इथियोपिया की यात्रा करेंगे। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में वे क्षेत्रीय प्रमुख मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे। तीनों देशों में जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी मित्रता एवं सहयोग की समीक्षा करेंगे।
ग्लोबल साउथ के साथ भारत की प्रतिबद्धता
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जयशंकर की यह यात्रा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और ग्लोबल साउथ के साथ भारत की एकजुटता को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। यह दौरा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह विकासशील देशों के साथ अपने संबंधों को एक नई दिशा देना चाहता है।