9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयशंकर अदीस अबाबा पहुंचे, भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी मज़बूत करने पर रहेगा ज़ोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयशंकर अदीस अबाबा पहुंचे, भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी मज़बूत करने पर रहेगा ज़ोर

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का इथियोपिया दौरा महज़ एक राजनयिक भेंट नहीं — यह अफ्रीका में भारत की बढ़ती कूटनीतिक पकड़ का संकेत है। अदीस अबाबा में मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता और नई कैबिनेट के साथ जुड़ाव, 'ग्लोबल साउथ' रणनीति को ठोस आकार देने की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।

मुख्य बातें

जयशंकर 9 अक्टूबर 2026 को अदीस अबाबा, इथियोपिया पहुंचे — यह कोटे डी आइवर के बाद उनके अफ्रीकी दौरे का दूसरा पड़ाव है।
जयशंकर इथियोपिया के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे और द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे।
वह अदीस अबाबा में भारतीय क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।
इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियोन टिमोथेवोस हेसेबोन को पुनः नियुक्त किया गया है; प्रधानमंत्री अबी अहमद अली लगातार दूसरे पाँच वर्षीय कार्यकाल के लिए कार्यभार संभाल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 9 अक्टूबर 2026 को कोटे डी आइवर की यात्रा सम्पन्न करने के बाद अदीस अबाबा, इथियोपिया पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देना और अफ्रीका के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव को और प्रगाढ़ बनाना है। अदीस अबाबा पहुंचने पर इथियोपिया के राज्य मंत्री बेरहनु त्सेगये ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

जयशंकर का बयान और एक्स पर संदेश

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'नमस्ते अदीस अबाबा! इथियोपिया पहुंचकर खुशी हुई। गर्मजोशी से स्वागत के लिए राज्य मंत्री बेरहनु त्सेगये का धन्यवाद। हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत का इंतजार है।' यह संदेश भारत की अफ्रीका-केंद्रित कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।

दौरे का मुख्य एजेंडा

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, जयशंकर इथियोपिया के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की समीक्षा की जाएगी तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होगा। इसके अलावा, वह अदीस अबाबा में भारतीय क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे — जो अफ्रीकी देशों में भारतीय कूटनीतिक उपस्थिति की समीक्षा का एक अहम मंच है।

विदेश मंत्रालय ने अपने पूर्व बयान में कहा, 'विदेश मंत्री का यह दौरा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की एकजुटता को भी मजबूत करेगा।'

इथियोपिया के नए विदेश मंत्री को बधाई

इस दौरे से पूर्व गुरुवार को जयशंकर ने गेदियोन टिमोथेवोस हेसेबोन को इथियोपिया के विदेश मंत्री के रूप में पुनः नियुक्त किए जाने पर बधाई दी थी। एक्स पर उन्होंने लिखा, 'इथियोपिया के विदेश मंत्री के रूप में दोबारा नियुक्ति पर गेदियोन टिमोथेवोस हेसेबोन को बधाई। भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए जल्द मुलाकात का इंतजार है।'

गौरतलब है कि हेसेबोन की यह पुनर्नियुक्ति इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा नई कैबिनेट के गठन के बाद हुई है। इथियोपिया की प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ पीपल्स रिप्रेजेंटेटिव्स) ने सोमवार को नई संघीय सरकार का गठन किया, और सत्तारूढ़ प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने अबी अहमद अली को लगातार दूसरे पाँच वर्षीय कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।

व्यापक संदर्भ: भारत की अफ्रीका नीति

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत 'ग्लोबल साउथ' देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक भागीदारी को लगातार विस्तार दे रहा है। इथियोपिया अफ्रीका का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और अफ्रीकी संघ (African Union) का मुख्यालय अदीस अबाबा में ही स्थित है — जो इस यात्रा को महाद्वीपीय कूटनीति की दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है। यह जयशंकर के अफ्रीकी दौरे का दूसरा पड़ाव है, जिसमें सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा अपेक्षित है।

आगे की राह

इस दौरे के दौरान व्यापार, विकास सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नई पहल की संभावना है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को संस्थागत ढाँचे में और मजबूत करने की दिशा में यह बैठक एक ठोस कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक साझेदार के रूप में देखती है — विशेषकर तब जब चीन का अफ्रीकी देशों में निवेश और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। अदीस अबाबा में मिशन प्रमुखों का सम्मेलन बताता है कि यह दौरा प्रतीकात्मक नहीं, समन्वय-केंद्रित है। हालाँकि, सवाल यह है कि क्या ये कूटनीतिक भेंटें व्यापार घाटे को पाटने, तकनीकी सहयोग और निवेश के ठोस करारों में बदल पाएंगी — या सिर्फ सद्भावना दौरों की सूची में जुड़ती रहेंगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर की इथियोपिया यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत बनाना तथा अफ्रीका के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव को गहरा करना है। जयशंकर इथियोपिया के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे और द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
जयशंकर अदीस अबाबा में क्या-क्या करेंगे?
जयशंकर इथियोपियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और अदीस अबाबा में भारतीय क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों की समीक्षा और नए सहयोग के रास्तों पर विचार होगा।
इथियोपिया के नए विदेश मंत्री कौन हैं?
इथियोपिया के विदेश मंत्री के रूप में गेदियोन टिमोथेवोस हेसेबोन को पुनः नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा नई कैबिनेट के गठन के बाद हुई है।
इथियोपिया में नई सरकार कब बनी?
इथियोपिया की प्रतिनिधि सभा ने सोमवार को नई संघीय सरकार का गठन किया। सत्तारूढ़ प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने अबी अहमद अली को लगातार दूसरे पाँच वर्षीय कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।
भारत-इथियोपिया संबंध क्यों महत्वपूर्ण हैं?
इथियोपिया अफ्रीका का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और अफ्रीकी संघ का मुख्यालय अदीस अबाबा में स्थित है, जिससे यह महाद्वीपीय कूटनीति का केंद्र बनता है। भारत की 'ग्लोबल साउथ' रणनीति में इथियोपिया एक अहम साझेदार देश है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले