5 नवंबर 2026
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CHOGM 2026: जयशंकर की कॉमनवेल्थ देशों से अपील — भरोसेमंद सप्लाई चेन और कनेक्टिविटी कॉरिडोर मज़बूत करें

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CHOGM 2026: जयशंकर की कॉमनवेल्थ देशों से अपील — भरोसेमंद सप्लाई चेन और कनेक्टिविटी कॉरिडोर मज़बूत करें

सारांश

CHOGM 2026 के मंच से विदेश मंत्री जयशंकर ने कॉमनवेल्थ देशों को सप्लाई चेन विविधता, कनेक्टिविटी कॉरिडोर और डिजिटल बदलाव का स्पष्ट संदेश दिया — यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जो बहुपक्षीय मंचों पर नए आर्थिक गठबंधन गढ़ने पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को CHOGM 2026, सेंट जॉन्स में कॉमनवेल्थ साझेदारों से भरोसेमंद सप्लाई चेन और विविध कनेक्टिविटी कॉरिडोर बनाने की अपील की।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि स्थानीय वितरण बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास ज़रूरी हैं।
जयशंकर ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुशासन और वित्तीय जवाबदेही का प्रमुख साधन बताया।
जलवायु कार्रवाई के लिए इंटरनेशनल सोलर अलायंस और CDRI के उपयोग पर बल दिया गया।
भारत के वैश्विक कारोबारी समुदाय को कॉमनवेल्थ के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति बताया गया।
बुधवार को CHOGM एग्जीक्यूटिव सेशन में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर भी चर्चा हुई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को सेंट जॉन्स, एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM 2026) के दौरान कॉमनवेल्थ साझेदार देशों से आग्रह किया कि वे अपनी सप्लाई चेन को जोखिम से बचाने के लिए छोटे और भरोसेमंद रास्तों को अपनाएँ और उनमें विविधता लाएँ। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अधिक कनेक्टिविटी कॉरिडोर वैश्विक कारोबार के लिए अनुकूल हैं।

CHOGM बिज़नेस लीडर्स मीटिंग में जयशंकर के मुख्य संदेश

जयशंकर ने कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट और बिज़नेस लीडर्स ब्रेकफास्ट मीटिंग में कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भरोसेमंद और विविध सप्लाई चेन बनाना समय की माँग है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कॉमनवेल्थ साझेदारों को भी जोखिम कम करने और विविधता लाने की ज़रूरत है। इसके लिए छोटी और भरोसेमंद सप्लाई चेन की ज़रूरत है। ज़्यादा कनेक्टिविटी कॉरिडोर कारोबार के लिए अच्छे हैं। कॉमनवेल्थ साझेदारों को स्थानीय वितरण को बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।'

प्रशिक्षण, डिजिटल और जलवायु एजेंडा

विदेश मंत्री ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया, यह तर्क देते हुए कि इससे साझेदार देशों को ज़्यादा विकल्प और लचीलापन मिलता है। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी को 'गेम चेंजर' बताते हुए कहा कि यह दक्षता, सुशासन और विकास को प्रोत्साहित करती है। जलवायु कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) के उपयोग की संभावना पर प्रकाश डाला।

भारतीय कारोबारी समुदाय और कौशल गतिशीलता

जयशंकर ने दुनियाभर में फैले भारतीय कारोबारी समुदाय को कॉमनवेल्थ के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति करार दिया। उन्होंने कहा कि कौशल की गतिशीलता (Skill Mobility) कॉमनवेल्थ का एक प्रमुख फोकस बन सकती है और कॉमनवेल्थ के भीतर परस्पर भरोसा समृद्धि के नए रास्ते खोल सकता है। उन्होंने फर्स्ट रिस्पॉन्डर अनुभव और HADR (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) गतिविधियों का हवाला देते हुए स्थानीय हब की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

CHOGM एग्जीक्यूटिव सेशन में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

इससे एक दिन पहले, बुधवार 4 नवंबर 2026 को, जयशंकर ने CHOGM एग्जीक्यूटिव सेशन को भी संबोधित किया था। उस सत्र में उन्होंने सुशासन और वित्तीय जवाबदेही को बढ़ाने में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने भारत के हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और जारी वार्ताओं का भी उल्लेख किया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भू-राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई देश अपनी व्यापार निर्भरता में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे की दिशा

CHOGM 2026 में जयशंकर की भागीदारी भारत की उस व्यापक रणनीतिक सोच को दर्शाती है, जिसमें बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय कूटनीति के ज़रिए नए आर्थिक गठबंधन बनाए जाएँ। कॉमनवेल्थ के 56 सदस्य देशों के साथ सप्लाई चेन और डिजिटल जुड़ाव पर भारत का यह रुख आने वाले महीनों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार वार्ताओं को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

DPI साझेदारियों और कौशल गतिशीलता समझौतों में बदल पाता है — या यह भाषण भी उन बहुपक्षीय प्रतिबद्धताओं की श्रेणी में चला जाएगा जो वादे तो करती हैं पर परिणाम नहीं देतीं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CHOGM 2026 में जयशंकर ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को सेंट जॉन्स में CHOGM 2026 के दौरान कॉमनवेल्थ साझेदारों से सप्लाई चेन को जोखिम-मुक्त करने, कनेक्टिविटी कॉरिडोर बढ़ाने और स्थानीय वितरण को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुशासन का प्रमुख साधन भी बताया।
CHOGM 2026 कहाँ आयोजित हो रहा है?
CHOGM 2026 एंटीगुआ और बारबुडा की राजधानी सेंट जॉन्स में आयोजित हो रहा है। यह कॉमनवेल्थ के 56 सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की द्विवार्षिक बैठक है।
जयशंकर ने सप्लाई चेन विविधता पर जोर क्यों दिया?
वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और एकल-स्रोत आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भरता के जोखिम को देखते हुए जयशंकर ने कॉमनवेल्थ देशों को छोटी और भरोसेमंद सप्लाई चेन अपनाने की सलाह दी। यह भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह खुद को एक विश्वसनीय वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करना चाहता है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस और CDRI का CHOGM से क्या संबंध है?
जयशंकर ने CHOGM 2026 में सुझाया कि कॉमनवेल्थ देश जलवायु कार्रवाई के लिए भारत-प्रवर्तित इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) का उपयोग कर सकते हैं। ये दोनों संस्थाएँ विकासशील और द्वीपीय देशों को टिकाऊ ऊर्जा और आपदा-सहनशील बुनियादी ढाँचे में मदद के लिए बनाई गई हैं।
CHOGM में भारत की भागीदारी का महत्व क्या है?
भारत कॉमनवेल्थ का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला सदस्य देश है और इसका वैश्विक कारोबारी समुदाय कॉमनवेल्थ देशों में व्यापक रूप से फैला है। CHOGM 2026 में जयशंकर की सक्रिय भागीदारी दर्शाती है कि भारत इस मंच का उपयोग व्यापार, डिजिटल और जलवायु एजेंडे पर नई साझेदारियाँ बनाने के लिए करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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