19 जुलाई 2026
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जयशंकर की जांजीबार राष्ट्रपति म्विनी से मुलाकात, AI-शिक्षा-डिजिटल क्षेत्र में सहयोग पर बनी सहमति

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जयशंकर की जांजीबार राष्ट्रपति म्विनी से मुलाकात, AI-शिक्षा-डिजिटल क्षेत्र में सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर और जांजीबार राष्ट्रपति म्विनी की नई दिल्ली में मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह भारत की अफ्रीका-केंद्रित डिजिटल और शैक्षणिक कूटनीति का व्यावहारिक विस्तार है। आईआईटी जांजीबार कैंपस इस साझेदारी का सबसे ठोस प्रमाण बनकर उभरा है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 19 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में जांजीबार राष्ट्रपति डॉ.
हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की।
उच्च शिक्षा, AI , डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कैपेसिटी बिल्डिंग और जल आपूर्ति में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस — भारत का पहला विदेशी IIT कैंपस — को भारत-जांजीबार साझेदारी के प्रमुख प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया।
राष्ट्रपति म्विनी ने 18 जुलाई को आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी में 'बढ़ती रफ्तार' का प्रतिबिंब बताया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 19 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में जांजीबार (यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया) के राष्ट्रपति एवं रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा, कैपेसिटी बिल्डिंग, स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी और जल आपूर्ति सहित कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए इसे 'फायदेमंद' बताया। उन्होंने लिखा, 'आज दिल्ली में जांजीबार, यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनी से मिलकर खुशी हुई। हमने उच्च शिक्षा, कैपेसिटी बिल्डिंग, वाटर सप्लाई, स्वास्थ्य, एआई, डिजिटल और दूसरे प्राथमिक क्षेत्र में अपने सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।' जयशंकर ने जांजीबार और तंजानिया के साथ भारत की विकास साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

IIT जांजीबार — साझेदारी का प्रतीक

शिक्षा सहयोग पर विशेष जोर देते हुए जयशंकर ने कहा, 'आईआईटी जांजीबार हमारी करीबी साझेदारी और अफ्रीका की शिक्षा एवं विकास प्राथमिकता के लिए भारत के पक्के कमिटमेंट का एक शानदार उदाहरण है।' गौरतलब है कि आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस भारत का पहला विदेशी आईआईटी कैंपस है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते शैक्षणिक और रणनीतिक संबंधों की मिसाल बन चुका है।

राष्ट्रपति म्विनी का भारत दौरा

राष्ट्रपति म्विनी चेन्नई में कार्यक्रमों के बाद भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे। 18 जुलाई को उन्होंने आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने भारत-जांजीबार शैक्षणिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को दिल्ली पहुँचने पर राष्ट्रपति म्विनी का स्वागत किया।

भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी पर असर

जायसवाल ने इस दौरे को 'भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती रफ्तार' का प्रतिबिंब बताया, जो दीर्घकालिक जन-संबंधों और ग्लोबल साउथ में साझा प्राथमिकताओं पर आधारित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ विकास साझेदारी, नॉलेज शेयरिंग और संस्थागत सहयोग के माध्यम से अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

आगे क्या होगा

राष्ट्रपति म्विनी के इस दौरे से शिक्षा, डिजिटल इनोवेशन, स्वास्थ्य और कैपेसिटी बिल्डिंग में ठोस सहयोग समझौतों की नींव पड़ने की उम्मीद है। आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस के विस्तार और AI-डिजिटल क्षेत्र में नई पहलों को लेकर दोनों पक्षों में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दीर्घकालिक मानव-पूंजी साझेदारी बना रहा है। हालाँकि, AI और डिजिटल सहयोग के ठोस लक्ष्य और समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं — बिना इसके ये घोषणाएँ इरादों तक सीमित रह सकती हैं। ग्लोबल साउथ में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत की यह कूटनीतिक सक्रियता रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन क्रियान्वयन की गति ही इसकी असली कसौटी होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और जांजीबार राष्ट्रपति म्विनी की मुलाकात में क्या तय हुआ?
19 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में उच्च शिक्षा, AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कैपेसिटी बिल्डिंग और जल आपूर्ति में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। जयशंकर ने जांजीबार और तंजानिया के साथ भारत की विकास साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस क्या है और यह क्यों खास है?
आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस भारत का पहला विदेशी IIT कैंपस है, जो भारत-जांजीबार शैक्षणिक और रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख प्रतीक है। जयशंकर ने इसे अफ्रीका में भारत के शिक्षा-केंद्रित विकास कमिटमेंट का 'शानदार उदाहरण' बताया।
राष्ट्रपति म्विनी भारत किस उद्देश्य से आए थे?
राष्ट्रपति म्विनी आधिकारिक भारत दौरे पर थे। 18 जुलाई को उन्होंने चेन्नई में आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, इसके बाद नई दिल्ली में विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की।
भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी किन क्षेत्रों पर केंद्रित है?
भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी शिक्षा, डिजिटल इनोवेशन, स्वास्थ्य, कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत सहयोग पर केंद्रित है। यह दीर्घकालिक जन-संबंधों और ग्लोबल साउथ में साझा प्राथमिकताओं पर आधारित है।
इस दौरे का भारत-अफ्रीका संबंधों पर क्या असर होगा?
यह दौरा भारत की अफ्रीका-केंद्रित कूटनीति को मजबूती देता है। शिक्षा, AI और डिजिटल क्षेत्र में ठोस सहयोग से दोनों देशों के संबंध और गहरे होने की उम्मीद है, जबकि आईआईटी जांजीबार कैंपस इस साझेदारी का दीर्घकालिक संस्थागत आधार बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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