जयशंकर की जांजीबार राष्ट्रपति म्विनी से मुलाकात, AI-शिक्षा-डिजिटल क्षेत्र में सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 19 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में जांजीबार (यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया) के राष्ट्रपति एवं रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा, कैपेसिटी बिल्डिंग, स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी और जल आपूर्ति सहित कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए इसे 'फायदेमंद' बताया। उन्होंने लिखा, 'आज दिल्ली में जांजीबार, यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनी से मिलकर खुशी हुई। हमने उच्च शिक्षा, कैपेसिटी बिल्डिंग, वाटर सप्लाई, स्वास्थ्य, एआई, डिजिटल और दूसरे प्राथमिक क्षेत्र में अपने सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।' जयशंकर ने जांजीबार और तंजानिया के साथ भारत की विकास साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
IIT जांजीबार — साझेदारी का प्रतीक
शिक्षा सहयोग पर विशेष जोर देते हुए जयशंकर ने कहा, 'आईआईटी जांजीबार हमारी करीबी साझेदारी और अफ्रीका की शिक्षा एवं विकास प्राथमिकता के लिए भारत के पक्के कमिटमेंट का एक शानदार उदाहरण है।' गौरतलब है कि आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस भारत का पहला विदेशी आईआईटी कैंपस है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते शैक्षणिक और रणनीतिक संबंधों की मिसाल बन चुका है।
राष्ट्रपति म्विनी का भारत दौरा
राष्ट्रपति म्विनी चेन्नई में कार्यक्रमों के बाद भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे। 18 जुलाई को उन्होंने आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने भारत-जांजीबार शैक्षणिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को दिल्ली पहुँचने पर राष्ट्रपति म्विनी का स्वागत किया।
भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी पर असर
जायसवाल ने इस दौरे को 'भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती रफ्तार' का प्रतिबिंब बताया, जो दीर्घकालिक जन-संबंधों और ग्लोबल साउथ में साझा प्राथमिकताओं पर आधारित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ विकास साझेदारी, नॉलेज शेयरिंग और संस्थागत सहयोग के माध्यम से अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति म्विनी के इस दौरे से शिक्षा, डिजिटल इनोवेशन, स्वास्थ्य और कैपेसिटी बिल्डिंग में ठोस सहयोग समझौतों की नींव पड़ने की उम्मीद है। आईआईटी मद्रास जांजीबार कैंपस के विस्तार और AI-डिजिटल क्षेत्र में नई पहलों को लेकर दोनों पक्षों में सकारात्मक संकेत मिले हैं।